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फिल्म डायरेक्टर साजिद खान के साथ सेट पर हादसा: हॉस्पिटल में इमरजेंसी सर्जरी

एंटरटेनमेंट डेस्क: मशहूर फिल्ममेकर फराह खान के भाई और डायरेक्टर साजिद खान का एक फिल्म के सेट पर एक्सीडेंट हो गया है। यह एक्सीडेंट एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस के एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

एक्सीडेंट और चोट: शूटिंग के दौरान साजिद खान अचानक गिर गए, जिससे उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया।

सर्जरी सफल: हॉस्पिटल में उनकी सर्जरी हुई है। फराह खान ने कन्फर्म किया है कि सर्जरी सफल रही और वह अब ठीक हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं।

करियर कमबैक: ‘हे बेबी’ और ‘हाउसफुल’ जैसी हिट फिल्में देने वाले साजिद खान लंबे समय बाद फिल्मी दुनिया में वापसी करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस एक्सीडेंट ने कुछ समय के लिए उनके प्लान पर ब्रेक लगा दिया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने की उम्मीद: ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मीटिंग के बाद शांति प्लान पर 90% सहमति

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक बहुत ज़रूरी मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद, दोनों नेताओं ने संकेत दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता अब पहले से कहीं ज़्यादा करीब है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग की मुख्य बातें इस तरह हैं:

शांति प्लान पर प्रोग्रेस: प्रेसिडेंट ज़ेलेंस्की ने कहा कि 20-पॉइंट वाले शांति प्लान पर 90 परसेंट सहमति हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री पहलुओं और US-यूक्रेन सिक्योरिटी गारंटी पर 100 परसेंट सहमति हो गई है।

पुतिन से बातचीत: ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले ट्रंप ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर करीब ढाई घंटे तक पॉज़िटिव बातचीत की। ट्रंप ने भरोसा जताया कि पुतिन भी शांति चाहते हैं और सही समय आने पर वह रूस, यूक्रेन और US के बीच एक ट्राइलेटरल मीटिंग के लिए भी तैयार हैं।

टाइमलाइन: युद्ध खत्म होने के बारे में ट्रंप ने कहा कि अगर सब ठीक रहा, तो यह कुछ हफ़्तों में हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो बातचीत टूट सकती है और युद्ध लंबा खिंच सकता है।

सिक्योरिटी गारंटी: ज़ेलेंस्की के मुताबिक, सिक्योरिटी गारंटी पक्की शांति पाने में एक मील का पत्थर है और दोनों देशों की टीमें इस पर काम करती रहेंगी।

ट्रंप का दावा: ट्रंप ने कहा कि पुतिन यूक्रेन की सफलता के लिए उदार थे और वह चाहते हैं कि यह समझौता पूरा हो।

आंध्र प्रदेश में टाटा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग: एक बुज़ुर्ग की मौत, दो कोच जलकर राख

नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के अनकापल्ले ज़िले में रविवार देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ, जहाँ टाटा-एर्नाकुलम सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस (18189) के दो AC कोच में भीषण आग लग गई। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 1:30 बजे एलामंचिली रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जब ज़्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, इस दुखद घटना की जानकारी इस तरह है:

जान-माल का नुकसान: विशाखापत्तनम के रहने वाले 70 साल के चंद्रशेखर सुंदर की बदकिस्मती से इस हादसे में ज़िंदा जलने से मौत हो गई। इसके अलावा, करीब दो दर्जन यात्री मामूली रूप से झुलस गए हैं। आग इतनी तेज़ थी कि ट्रेन के B-1 और M-2 AC कोच पूरी तरह जलकर राख हो गए और यात्रियों का सारा सामान भी जल गया।

हादसे की वजह: शुरुआती जांच में पता चला है कि B-1 AC कोच के ब्रेक जाम होने की वजह से आग लगी और तेज़ी से फैल गई। लोको पायलट ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया, जिससे और नुकसान होने से बच गया।

राहत काम: फायर डिपार्टमेंट की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन ने प्रभावित यात्रियों को बसों और दूसरे तरीकों से उनकी मंज़िल तक पहुंचाने का इंतज़ाम किया है।

सरकार का जवाब: आंध्र प्रदेश की होम मिनिस्टर वंगालपुडी अनीता ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और अधिकारियों को घायलों को सबसे अच्छा इलाज देने का निर्देश दिया है।इस हादसे की वजह से विशाखापत्तनम-विजयवाड़ा रेल रूट पर कई ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं और रेलवे डिपार्टमेंट मामले की पूरी जांच कर रहा है।

रशियन आर्मी में भर्ती हुए 10 भारतीय युवकों की मौत की पुष्टि: युद्ध में तीन पंजाबी युवकों की चली गई जान

पंजाब डेस्क : रोजी-रोटी की तलाश में रूस गए भारतीय युवकों के बारे में एक बहुत दुखद खबर सामने आई है। रशियन अधिकारियों ने ऑफिशियली 10 भारतीय युवकों की मौत की पुष्टि की है, जो रशियन आर्मी में शामिल हुए और यूक्रेन-रूस युद्ध का शिकार हो गए। इन मरने वाले युवकों में से तीन पंजाब के हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

जगदीप सिंह का खुलासा: पंजाब के जगदीप सिंह, जिनका भाई मंदीप भी रशिया में फंसा हुआ था, खुद रशिया गए और मॉस्को और दूसरे इलाकों में भारतीय युवकों को ढूंढा। उन्हें रशियन अधिकारियों से ऐसे डॉक्यूमेंट्स मिले जिनसे 10 भारतीयों की मौत कन्फर्म हुई है।

मरने वाले और लापता युवकों की डिटेल्स: मरने वालों में अमृतसर के तेजपाल सिंह, लखनऊ के अरविंद कुमार और उत्तर प्रदेश के धीरेंद्र कुमार, विनोद यादव और योगेंद्र यादव शामिल हैं। इसके अलावा दीपक, योगेश्वर प्रसाद, अजहरुद्दीन खान और रामचंद्र अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

संत सीचेवाल की कोशिश: राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने जगदीप सिंह को रूस जाने में मदद की और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर युवाओं की सुरक्षित वापसी की मांग की।

सरकार से मांग: संत सीचेवाल ने भारत सरकार से मांग की है कि रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती तुरंत रोकी जाए, मृतकों के शव वापस लाए जाएं और युवाओं को धोखे से भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।इन युवाओं के परिवार लंबे समय तक अपने बेटों की वापसी का इंतजार करते रहे, लेकिन आखिरकार उन्हें यह दर्दनाक सच मानना पड़ा।

14 साल के वैभव सूर्यवंशी बने इंडियन टीम के कैप्टन! साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए मिली कमान

स्पोर्ट्स डेस्क: बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) की जूनियर मेन्स सिलेक्शन कमिटी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 और साउथ अफ्रीका के खिलाफ यूथ ODI सीरीज के लिए इंडियन टीम का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान में सबसे बड़ी खबर वैभव सूर्यवंशी का अपॉइंट होना है, जिन्हें सिर्फ 14 साल की उम्र में इंडियन अंडर-19 टीम का कैप्टन बनाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की मेन डिटेल्स इस तरह हैं:

वैभव सूर्यवंशी की कैप्टनशिप: 2024 में डेब्यू करने वाले विस्फोटक बाएं हाथ के बैट्समैन वैभव सूर्यवंशी पहली बार इंडियन टीम को लीड करेंगे। वह 3 जनवरी से शुरू होने वाली 3 मैचों की ODI सीरीज में चार्ज संभालेंगे।

कैप्टनशिप की वजह: रेगुलर कैप्टन आयुष महात्रे और वाइस-कैप्टन विहान मल्होत्रा कलाई की चोट की वजह से सीरीज से बाहर हैं। दोनों अभी BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुज़र रहे हैं और सीधे वर्ल्ड कप टीम से जुड़ेंगे।वर्ल्ड कप की तैयारी: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 अगले महीने ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। आयुष महात्रे वर्ल्ड कप के लिए टीम को लीड करते रहेंगे, लेकिन साउथ अफ़्रीका सीरीज़ वैभव के लिए कप्तानी के गुर सीखने का एक खास मौका होगी।सीरीज़ का शेड्यूल: भारत और साउथ अफ़्रीका के बीच तीनों ODI मैच 3, 5 और 7 जनवरी को विलोमूर पार्क (बेनोनी) में खेले जाएँगे।

इंडियन टीम: वैभव सूर्यवंशी (कप्तान), एरॉन जॉर्ज (वाइस-कप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह और दूसरे युवा खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा हैं।

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या: पलाश कांति साहा को घर में बंद करके ज़िंदा जलाया

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को चुन-चुनकर निशाना बनाने का डरावना ट्रेंड जारी है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिरोजपुर ज़िले में एक और हिंदू आदमी, पलाश कांति साहा की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय ने दावा किया है कि दंगाइयों ने पलाश को उसके ही घर में बंद करके बाहर से आग लगा दी।

सूत्रों के मुताबिक, घटना की मुख्य जानकारी इस तरह है:

घटना का समय और जगह: यह घटना 27 दिसंबर, 2025 को सुबह करीब 6 बजे पिरोजपुर ज़िले के डुमुरिया गांव में हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, एक दिन पहले, इसी ज़िले के वेस्ट डुमुरिटला गांव में दो हिंदू परिवारों के पांच घर जला दिए गए थे।वीडियो वायरल: घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पलाश का घर जलता हुआ दिख रहा है और परिवार के लोग रो रहे हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शन: अमित मालवीय ने इस हिंसा की तुलना पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में हुए दंगों से की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया है।

अन्य हत्याएं: इस महीने अब तक बांग्लादेश में चार हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, जिनमें दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल शामिल हैं।इंटरनेशनल न्यूज़ हेडलाइंस:इस बीच, पाकिस्तान के प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी ने एक बड़ा खुलासा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन आर्मी के डर से उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी माना है कि इस ऑपरेशन के दौरान उनका ‘नूर खान बेस’ पूरी तरह तबाह हो गया था।

इटली के एक पहाड़ी गांव में 30 साल बाद गूंजी किलकारी: एक बच्ची के जन्म ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा

इंटरनेशनल डेस्क: इटली के अब्रूज़ो इलाके में बसे एक बहुत छोटे से पहाड़ी गांव ‘पगलियारा देई मार्सी’ में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस गांव में पिछले 30 सालों से कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ था, लेकिन हाल ही में एक बच्ची के जन्म ने गांव की लंबी चुप्पी को तोड़ दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस खबर की मुख्य बातें इस तरह हैं

:गांव की हालत: समय के साथ इस गांव की आबादी कम होती गई। युवा काम की तलाश में शहरों की ओर चले गए, जिससे स्कूल बंद हो गए और गांव में इंसानों से ज़्यादा बिल्लियां दिखने लगीं।

30 साल का इंतज़ार: मार्च 2025 में तीन दशक बाद इस गांव में एक बच्ची का जन्म हुआ, जिसका नाम ‘लारा’ रखा गया है। इस खबर से पूरा गांव जश्न में डूब गया और बड़ों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

परिवार की जानकारी: लारा की मां 42 साल की हैं और पिता 56 साल के हैं। लारा के जन्म के साथ ही गांव की कुल आबादी अब करीब 20 हो गई है।

सोशल मीडिया पर चर्चा: जब लारा की मां ‘सिंजिया ट्रैबुको’ ने अपनी बच्ची की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, तो वे तेज़ी से वायरल हो गईं और इंटरनेशनल मीडिया में चर्चा का विषय बन गईं।इटली का बर्थ रेट: इटली में गिरते बर्थ रेट के लिहाज़ से इस घटना को बहुत अहम माना जा रहा है। साल 2024 में इटली का फर्टिलिटी रेट सिर्फ़ 1.18 था, जो बहुत चिंता की बात है। ऐसे में लारा का जन्म उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।

शर्मनाक घटना: होमवर्क न करने पर बच्चों के कपड़े उतरवाए, स्कूल को ठोका 1 लाख रुपये का जुर्माना

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के जटाखेड़ा गांव में मौजूद एक प्राइवेट स्कूल ‘सेंट एंजेला’ में एक बहुत ही बुरी घटना सामने आई है। यहां होमवर्क न करने के बहाने छोटे बच्चों को आधा नंगा करके टॉर्चर किया गया, जिसके चलते स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की मुख्य जानकारी इस तरह है:

बच्चों को तालिबानी सजा: स्कूल में बच्चों के कपड़े उतरवाए गए, उन्हें क्लास में घुमाया गया और ‘मुर्गा’ बनाया गया। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पेरेंट्स और हिंदू संगठनों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया।

एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई: डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) संजय सिंह तोमर ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायत को सही पाया। उन्होंने स्कूल पर जुर्माना लगाया है और पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रदर्शनकारी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

गंभीर आरोप: स्कूल प्रिंसिपल समरीन खान और टीचर शिबू खान पर बच्चों को हाथ पर कलावा बांधने और तिलक लगाने से रोकने का भी आरोप लगा है।

जालंधर में घने कोहरे का कहर ! गंदे नाले में गिरा वेरका का ट्रक, ड्राइवर की बची जान

पंजाब डेस्क: शहर में रविवार सुबह घने कोहरे की वजह से एक बड़ा हादसा हुआ, जहां एक वेरका दूध का ट्रक कंट्रोल खोकर गंदे नाले में गिर गया। यह हादसा सुबह-सुबह DAV कॉलेज फ्लाईओवर से मकसूदां रोड पर हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे की मुख्य जानकारी इस तरह है:

हादसे की वजह: गाड़ी चला रहे ड्राइवर जसवीर सिंह ने बताया कि घने कोहरे की वजह से सड़क पर ज़ीरो विज़िबिलिटी थी, जिसकी वजह से उन्हें आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।

ड्राइवर का बचाव: खुशकिस्मती से, इस हादसे में ड्राइवर बाल-बाल बच गया और किसी को चोट नहीं आई। थाना नंबर 1 के पुलिस ऑफिसर कुलविंदर सिंह ने कन्फर्म किया कि ड्राइवर सुरक्षित है।

प्रशासन पर आरोप: ड्राइवर और स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि गंदे नाले के आसपास न तो कोई मार्किंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।

लोगों की मांग: इलाके के लोगों के मुताबिक, पहले भी दो-तीन बार गाड़ियां इस नाले में गिर चुकी हैं। लोगों ने मांग की है कि यहां तुरंत साइनबोर्ड (चेतावनी बोर्ड) लगाया जाए या दीवार बनाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर चुकी है।

पंजाब में बड़ी घटना! प्रवासी मज़दूर ने अपने ही मालिक को मार डाला, खेती के काम के लिए रखा था घर

पंजाब डेस्क: फगवाड़ा के पास मंडाली गांव में एक बहुत ही चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खेती के काम के लिए रखे गए एक प्रवासी मज़दूर की गुंडागर्दी और हाथापाई के दौरान जान चली गई।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना की मुख्य जानकारी इस तरह है:

घटना का कारण: मृतक की पत्नी पलविंदर कौर ने बताया कि उनके घर में रहने वाला मज़दूर उन्हें गालियां देने लगा था। जब दविंदर सिंह (मृतक) ने उसे ऐसा करने से रोका, तो मज़दूर गुस्से में आ गया और उसने किसी अनजान चीज़ से उस पर हमला कर दिया।

मौत की पुष्टि: दविंदर सिंह को घायल हालत में तुरंत सिविल अस्पताल फगवाड़ा लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरी जांच शुरू की। आरोपी मज़दूर के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इलाके में विरोध: इस घटना के बाद गांव मंडाली और आस-पास के इलाकों में दहशत और विरोध का माहौल है। गांववालों ने आरोपियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की है।