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केंद्रीय बजट से पहले सोने, चांदी के वायदा भाव में नौ प्रतिशत की भारी गिरावट

 नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने से पहले रविवार को वायदा कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में नौ प्रतिशत तक की गिरावट आई और ये अपने निचले ‘सर्किट’ स्तर पर पहुंच गईं। हाल ही में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली जारी रखी।
 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी।
 मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर, लगातार दूसरे सत्र में गिरावट जारी रही। सोने के अप्रैल में आपूर्ति वाले अनुबंधों का वायदा भाव 13,711 रुपये या नौ प्रतिशत टूटकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में इसने अपना निचला सर्किट स्तर छू लिया।
 एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में भी भारी गिरावट आई क्योंकि व्यापारियों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली जारी रखी। इसके परिणामस्वरूप मार्च में आपूर्ति वाले चांदी के अनुबंध की कीमत 26,273 रुपये या नौ प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जो इसका निचला सर्किट स्तर है।
 वैश्विक वायदा बाजार अवकाश के कारण रविवार को बंद रहेंगे।
सोने की कीमतों में बड़ी उछाल का अनुमान: 2026 तक 1.90 लाख रुपये के पार जा सकता है Gold

बिजनेस डेस्क: अगर आप सोने में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं, तो आने वाला समय आपके लिए बड़ी ख़बर हो सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ने अनुमान लगाया है कि साल 2026 में सोने की कीमतों में मौजूदा लेवल से करीब 39 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो भारतीय बाजार में सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर जाएगा।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान: काउंसिल के CEO डेविड टेट के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत $6,000 प्रति औंस तक पहुंचने की उम्मीद है। उनका कहना है कि कई सालों से चली आ रही सोने की कीमतों में मंदी के कोई संकेत नहीं हैं और मौजूदा हालात को देखते हुए यह बड़ा आंकड़ा काफी करीब लग रहा है। गौरतलब है कि साल 2025 में अब तक सोने की कीमतें 60 परसेंट से ज़्यादा बढ़ चुकी हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण: डेविड टेट ने इस बढ़ोतरी के पीछे कई ज़रूरी कारण बताए हैं:

सुरक्षित निवेश की मांग: निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने को पसंद कर रहे हैं।

सेंट्रल बैंक की खरीदारी: अलग-अलग देशों के सेंट्रल बैंक बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं।

ETF निवेश: एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में बढ़ते निवेश से भी कीमतों में तेज़ी आ रही है।

अभी के बाज़ार के हालात:

हालांकि लंबे समय में तेज़ी का अनुमान है, लेकिन हाल के ट्रेडिंग सेशन में थोड़ी मंदी देखी गई है। न्यूयॉर्क कॉमेक्स जैसे विदेशी बाज़ारों में सोना करीब $14 की गिरावट के साथ $4,360.30 प्रति औंस पर ट्रेड करता देखा गया। भारत के वायदा बाज़ार (MCX) में भी सोने की कीमतों पर दबाव रहा, जहां यह 722 रुपये गिरकर 1,34,172 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।