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प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की IMPCC बैठक में सरकारी योजनाओं के प्रचार को मजबूत करने और फेक जानकारी से निपटने पर जोर

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने केंद्र सरकार के विशेष कार्यक्रमों के लिए प्रचार और संचार रणनीति को बेहतर बनाने पर विचार विमर्श के लिए इंटर मीडिया पब्लिसिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (IMPCC) की एक मीटिंग आयोजित की। मीटिंग में जनगणना और पेट्रोलियम व एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ज़ोर दिया गया।

यह मीटिंग हरियाणा जनगणना संचालन निदेशालय, जनगणना भवन, सेक्टर-19, चंडीगढ़ में हुई। मीटिंग में केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

लोगों को संबोधित करते हुए, हरियाणा के जनगणना निदेशालय के निदेशक डॉ. ललित जैन ने राज्य में  जनगणना गतिविधियों में मदद करने और ज़्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य में चल रहे आउटरीच कार्यक्रमों का विवरण दिया।

 पेट्रोलियम सप्लाई से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के बारे में जानकारी देते हुए, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के  महाप्रबंधक, श्री अंजनी कुमार ने क्षेत्र में पेट्रोलियम व एलपीजी की उपलब्धता और सप्लाई के बारे में मौजूदा स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिना किसी रुकावट के कंज्यूमर की डिमांड पूरी करने के लिए सभी रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरस पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। श्री कुमार ने इंडियन ऑयल द्वारा एलपीजी और पेट्रोलियम की पैनिक खरीद और जमाखोरी को रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बारे में भी बताया और विभागों से जनता तक सही जानकारी पहुँचाने में मदद करने की अपील की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ कम्युनिकेशन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर, सुश्री सपना ने सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में एकीकृत मीडिया आउटरीच कार्यक्रमों की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। पीआईबी और सीबीसी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने सभी विभागों को टारगेटेड पब्लिसिटी मुहिम तैयार करने, स्थानीय भाषाओं पर कंटेंट बनाने, और जनगणना की गतिविधियों और पेट्रोलियम संरक्षण जैसी विशेष मुहिम बढ़ाने में पूरा सपोर्ट देने का भरोसा दिलाया।

 इससे पहले, सूचना और प्रसारण मंत्रालय की PIB और CBC की असिस्टेंट डायरेक्टर सुश्री शीनम जैन ने ट्राइसिटी के अलग-अलग सेंट्रल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और मिलकर प्रवंचार प्रसार की कोशिशों की अहमियत पर ज़ोर दिया।

मीटिंग के दौरान, सदस्यों ने संचार को असरदार बनाने के लिए अपनी राय और सुझाव शेयर किए। उन्होंने अपने-अपने डिपार्टमेंट द्वारा हाल ही में शुरू की गई पब्लिसिटी की पहल पर अपडेट भी दिए और आने वाले महीनों के लिए प्लान की गई एक्टिविटीज़ के बारे में बताया।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की स्व-गणना, नागरिकों से जनगणना 2027 में भागीदारी की अपील

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

हरियाणा में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेज़ हो गई हैं और इसके प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं आवास गणना” के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्वयं स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर एक प्रेरणादायक पहल की है।

मुख्य सचिव द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला होती है, जिससे सरकार को योजनाएं बनाने और संसाधनों का सही वितरण करने में मदद मिलती है।

इस अवसर पर जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डॉ. ललित जैन और विशेष सचिव राजस्व हरियाणा हेमा शर्मा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करें। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

सरकार का उद्देश्य है कि जनगणना 2027 को तकनीकी रूप से सशक्त और अधिक सहभागिता वाला बनाया जाए, ताकि हर नागरिक की सही और पूरी जानकारी दर्ज हो सके। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान सफल होगा और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

*यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव ने ऑनलाइन स्व-गणना कर डिजिटल जनगणना को बढ़ावा दिया।जनगणना 2027 में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान।*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 16 अप्रैल। जनगणना 2027 में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव H. Rajesh Prasad ने आज ऑनलाइन जनगणना पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक अपना स्व-गणना (Self-Enumeration) पूर्ण किया।
स्व-गणना की प्रक्रिया को Navjot Khosa, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ तथा Nishant Kumar Yadav, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ द्वारा सुगम बनाया गया।
यह पहल यूटी प्रशासन की तकनीक के माध्यम से कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक-अनुकूल जनगणना संचालन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्य सचिव द्वारा स्व-गणना कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिससे सभी नागरिकों को इस सरल एवं सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अपने विवरण भर सकते हैं, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है और आमजन तथा गणनाकर्ताओं दोनों का समय बचता है।
इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ ने प्रभावी योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के लिए सटीक आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग करने तथा इस सरल, सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें नागरिकों की सहायता के लिए समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी शामिल है, जहां वे अपनी शंकाओं या तकनीकी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in⁠�) पर जाकर निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण करें। एकत्रित की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए, जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
मुख्य सचिव द्वारा सफलतापूर्वक की गई स्व-गणना जनगणना 2027 के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे इस राष्ट्रीय अभियान में व्यापक जनभागीदारी को प्रेरणा मिलने की अपेक्षा है।

हरियाणा के राज्यपाल ने जनगणना 2027 के लिए लोगों से स्व-गणना करने के लिए की अपील 

सभी हरियाणावासी अपने स्व-गणना करें — प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

 निदेशक, जनगणना एवं नागरिक पंजीकरण (हरियाणा), गृह मंत्रालय द्वारा आज माननीय राज्यपाल हरियाणा, प्रो. अशीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की गई तथा उन्हें जनगणना 2027 से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर जनगणना गतिविधियों से संबंधित एक कैलेंडर भी जारी किया गया। हरियाणा राज्य में स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। सभी नागरिक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे Self-Enumeration पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह एक सरल, सुरक्षित एवं आधुनिक पहल है। इसके पश्चात, 1 मई से 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting Operations) के अंतर्गत प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।
इस मौके पर माननीय राज्यपाल हरियाणा ने श्री ललित जैन, निर्देशक, जनगणना विभाग, हरियाणा तथा उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर हरियाणा के विकास की दिशा और नीति निर्धारित की जाएगी।

राज्यपाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्व-गणना का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि यह अत्यंत सुविधाजनक एवं सुगम है। इससे समय और संसाधनों की बचत भी होगी।

अंत में, प्रो. घोष ने सभी हरियाणा निवासियों से अपील की कि वे जनगणना कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।