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रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

किसी भी संदिग्ध गतिविधि या उसमें लिप्त व्यक्ति की सूचना हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें ताकि रेलवे को निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके

 रेलवे को निशाना बनाने वाली हाल की घटनाओं के मद्देनजर रेल मंत्री ने नई दिल्ली में फील्ड अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की

आधुनिक तकनीक का उपयोग करके फील्ड से खुफिया जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया में सुधार किया जा रहा है: अश्विनी वैष्णव

रेलवे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, सीसीटीवी जैसे नवीनतम तकनीकी उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। रेलगाड़ियों, यात्रियों, स्टेशन परिसर और विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बीट स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आज नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में रेल मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में देश भर के फील्ड अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। रेल भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू के अलावा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष भी इस बैठक में उपस्थित थे।

हाल ही में हुई आगजनी की कुछ घटनाओं सहित कई मामलों की प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आई है। भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इनकी सक्रिय रूप से जांच कर रहा है। कई मामलों में, रेलवे की त्वरित और सक्रिय कार्रवाई से बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिली है। खुफिया प्रणालियों को मजबूत करने और सूचनाओं को तेजी से संसाधित करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के अलावा, रेलवे मंत्रालय यात्रियों को यात्रा के दौरान और स्टेशन परिसर में प्रतीक्षा करते समय असामाजिक गतिविधियों को रोकने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया है। रेलवे परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देने को कहा गया है।

सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान हुई चर्चाओं में, बेहतर रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जमीनी स्तर से खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर बल दिया गया। प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने, रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी कवरेज का विस्तार करने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा फील्ड जोन के बीच परिचालन सुरक्षा तालमेल को सुधारने पर भी बल दिया गया। बैठक में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, कैमरों की विशिष्टताओं को उन्नत करने और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों को तैनात करने पर भी विचार किया गया। बैठक में रेलवे नेटवर्क में अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के लिए आरपीएफ और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के बीच सूचना साझाकरण तंत्र को बेहतर बनाकर आपसी तालमेल को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

रेलवे ने जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड पर 238 करोड़ रुपए की लागत से महत्वपूर्ण ढलान स्थिरीकरण, सुरंगों के पुनर्निर्माण और पुलों के संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी

जम्मू /सत्ता संदेश

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करने की परियोजना: अश्विनी वैष्णव

रेलवे ने उत्तरी रेलवे के जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड पर 238 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण ढलान स्थिरीकरण, सुरंग पुनर्निर्माण और पुलों के संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी है। इन कार्यों में जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर पुनर्निर्माण, सुरंगों से रिसाव की समस्या का समाधान और अन्य संबंधित सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ये कार्य देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भूभागों में सुरक्षित और विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। श्री वैष्णव ने कहा कि कटिंग, पुलों और सुरंगों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद संरक्षण और पुनर्वास कार्यों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस खंड की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीयता मजबूत होगी।

कठिन भूभाग, प्रतिकूल भूवैज्ञानिक स्थितियों और प्रतिकूल मौसम के कारण इस खंड को कई इंजीनियरिंग और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि रेलवे ने समय-समय पर क्रियान्वयन और मजबूत बुनियादी ढांचा विकास के माध्यम से इन चुनौतियों पर लगातार काबू पाया है। मौजूदा बुनियादी ढांचे के लिए नए संरक्षण और पुनर्वास कार्यों की मंजूरी के साथ, यह मार्ग पहले से अधिक बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा और हर साल लाखों यात्रियों को अधिक सुरक्षा और विश्वास के साथ सेवा प्रदान करने के लिए तैयार है।

रेलवे ईडीएफसी के साथ 24 घंटे की गश्त तेज करेगा, ड्रोन निगरानी शुरू की जाएगी: श्री रवनीत सिंह, रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने अंबाला रेलवे मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया

पटियाला/सत्ता संदेश

केंद्रीय मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज शंभू के पास हाल ही में हुए विस्फोट स्थल का दौरा किया और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मीडिया को संबोधित करते हुए, मंत्री ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना को निशाना बनाकर हो रही बार-बार की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा तथा निगरानी को मजबूत करने के लिए सख्त और तत्काल कदमों का आश्वासन दिया।

श्री रवनीत सिंह ने घोषणा की कि रेलवे ईडीएफसी के साथ 24 घंटे की गश्त को तेज करेगा और निगरानी कवरेज को काफी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में, अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और आगे भी स्थापना जारी है। कॉरिडोर के सुनसान और संवेदनशील हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां ड्रोन निगरानी सहित उन्नत मॉनिटरिंग तरीकों को लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख रेलवे कर्मी ट्रैक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जमीनी गश्त करेंगे।

मंत्री ने बताया कि यह तीन महीने के भीतर और लगभग 35 किलोमीटर की दूरी के भीतर दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले की घटना 23 जनवरी को एनएच-44 से लगभग 800–900 मीटर की दूरी पर हुई थी, जबकि नवीनतम विस्फोट स्थल उसी राजमार्ग से लगभग 300 मीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि असामाजिक तत्व राजमार्ग से आसान पहुंच मार्गों का उपयोग कर रेलवे ट्रैक को निशाना बना रहे हो सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बाहरी संलिप्तता के संकेत भी मिल रहे हैं, जहां शत्रुतापूर्ण तत्व रेलवे जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना को निशाना बनाकर क्षेत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये कृत्य न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने के सीधे प्रयास भी हैं।

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है, एक महत्वपूर्ण आर्थिक धुरी है, जहां प्रतिदिन लगभग 30 ट्रेनें चलती हैं और औद्योगिक तथा कृषि वस्तुओं का परिवहन करती हैं। इस नेटवर्क में किसी भी प्रकार का व्यवधान राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए झटका साबित होता है।

मंत्री ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की, जिन्होंने प्रभाव का आभास होते ही तुरंत ट्रेन रोक दी, जिससे एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा टीमों को तुरंत स्थल पर तैनात किया गया।

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री ने कहा कि रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों और माल परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आर्थिक गतिविधि बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।