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भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में जीता हॉकी का स्वर्ण, लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का

भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हरमनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह ने भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीते हैं।

भारत ने इससे पहले 2023 हांगझू एशियन गेम्स में भी पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया है।

पहले क्वार्टर में भारत-मलेशिया के बीच कड़ी टक्कर

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने थोड़ी रक्षात्मक रणनीति अपनाई, लेकिन कुछ ही समय बाद टीम ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू कर दिया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, हालांकि टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी।

इसके बाद 11वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, मलेशिया ने जल्द ही वापसी की और शेलो सिलवेरियस ने मैदानी गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

जुगराज सिंह ने दिलाई भारत को बढ़त

दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपना दबदबा बढ़ाया। टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और जुगराज सिंह ने 23वें मिनट में शानदार गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।

मलेशिया ने इसके बाद आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त कायम रखी।

हार्दिक सिंह के गोल से भारत 3-1 आगे

तीसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बढ़ाने के कई मौके आए, लेकिन टीम शुरुआत में उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। जुगराज सिंह और नीलकांत शर्मा गोल करने से चूक गए। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाए।

भारत ने एक मौके पर रेफरी से रिव्यू की मांग की, लेकिन रिप्ले में मलेशियाई खिलाड़ी की स्टिक से गेंद लगने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला।

42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलते हुए भारत की बढ़त 3-1 कर दी।

आखिरी क्वार्टर में भारत ने दागे दो गोल

चौथे क्वार्टर में मलेशिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा। मलेशियाई डिफेंस ने कई मौकों पर भारत को रोकने की कोशिश की, लेकिन 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया।

इसके कुछ ही देर बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में इसे गोल में बदलकर स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद मलेशिया के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया और भारत ने शानदार जीत के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

हरमनप्रीत और मनप्रीत ने रचा इतिहास

स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय हॉकी के दो दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं। हरमनप्रीत सिंह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने हैं।

वहीं, मनप्रीत सिंह तीन अलग-अलग एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। वह इससे पहले 2014 और 2023 में भी भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

भारत की इस जीत ने न केवल एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण बरकरार रखा, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह भी सुनिश्चित कर दी।

भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स 2026 हॉकी फाइनल में बनाई जगह

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

भारत की मेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। पहले सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से शिकस्त दी। मैच का फैसला आखिरी मिनट में हुआ, जब अभिषेक ने निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे क्वार्टर में भारत ने एक और गोल करते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। इस बढ़त के बाद भारत की स्थिति मजबूत नजर आ रही थी, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी की।

पाकिस्तान ने लगातार हमले करते हुए भारत की तीन गोल की बढ़त को खत्म कर दिया और स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच आखिरी मिनट तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

मैच के निर्णायक क्षण में अभिषेक ने गोल दागकर भारत को 4-3 की बढ़त दिलाई, जो अंत तक कायम रही। इस गोल के साथ भारत ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल, जबकि सुखजीत सिंह ने एक गोल किया। इसके बाद अभिषेक का आखिरी मिनट में आया गोल भारत की जीत का निर्णायक गोल साबित हुआ।

28 साल बाद बना खास संयोग

भारत की मेंस हॉकी टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ एशियन गेम्स में एक खास संयोग भी बना है। 1998 के बाद यह पहला मौका है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची हैं। महिला टीम ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में कोरिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

अब भारत की नजरें एशियन गेम्स 2026 में हॉकी के दोनों स्वर्ण पदकों पर होंगी।

एशियन गेम्स में भारत का कबड्डी में डबल धमाल, पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर जीता गोल्ड

खेल डेस्क / आइची-नागोया / सत्ता संदेश

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करते हुए डबल गोल्ड अपने नाम कर लिया। शनिवार, 26 सितंबर को महिला टीम के बाद भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने पुरुष कबड्डी में एशियन गेम्स का खिताब एक बार फिर अपने नाम कर लिया।

भारत और ईरान के बीच मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। ईरान ने शानदार डिफेंस के दम पर हाफ टाइम तक भारत पर 18-17 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने अपनी बढ़त बनाए रखी, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की।

भारत की वापसी में डिफेंस की अहम भूमिका रही। सुमित और जयदीप दहिया के शानदार टैकल्स के साथ भारतीय रेडर्स ने लगातार अंक जुटाए। दूसरे हाफ में भारत ने ईरान पर दबाव बढ़ाया और मुकाबले का रुख पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। अंततः भारत ने 40-34 से जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

महिला टीम ने भी जीता गोल्ड

इससे पहले शनिवार सुबह भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने एक ही दिन महिला और पुरुष दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल हासिल किया।

पुरुष कबड्डी में भारत का 9वां गोल्ड

ईरान के खिलाफ जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी में अपना 9वां स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष कबड्डी 1990 से एशियन गेम्स का हिस्सा है और 2026 तक इसके 10 संस्करण हो चुके हैं। भारत ने 10 में से 9 संस्करणों में गोल्ड जीता है। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में ईरान ने भारत को सेमीफाइनल में हराकर उसका स्वर्ण पदक अभियान रोक दिया था और खुद गोल्ड जीता था।

2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड जीता था। 2026 में भी दोनों टीमों ने खिताब बरकरार रखते हुए भारत को कबड्डी में एक बार फिर दोहरी स्वर्णिम सफलता दिलाई है।

चीन से 1-3 से हारी भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम, कांस्य पदक से करना पड़ा संतोष

खेल डेस्क / नागोया / सत्ता संदेश

भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को एशियन गेम्स के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम का स्वर्ण या रजत पदक जीतने का सपना टूट गया, लेकिन टीम कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रही।

सेमीफाइनल में भारत और चीन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पुरुष युगल मुकाबले में एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनाना की जोड़ी को चीन के जी तिंग ही और यी लुई के हाथों 16-21, 21-17, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के साथ चीन ने सेमीफाइनल में 3-1 की बढ़त हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारत की ओर से सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना मुकाबला जीता। हालांकि, लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने-अपने मुकाबले जीतने में सफल नहीं रहे। पूरे सेमीफाइनल में चीन का दबदबा देखने को मिला।

भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने हांग्झू 2023 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था, जहां फाइनल में उसे चीन के हाथों हार मिली थी। मौजूदा एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के साथ भारत ने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स के लगातार दो संस्करणों में पुरुष टीम बैडमिंटन में पदक हासिल किया है।

इससे पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने 1982 और 1986 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीते थे। अब चीन के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के बावजूद भारतीय टीम ने कांस्य पदक के साथ अपना पदक अभियान जारी रखा है।

मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में पहली बार जीता सिल्वर; 28 साल बाद भारत को वेटलिफ्टिंग में मिला पदक

मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 198 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। भारत को वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद एशियन गेम्स पदक मिला।

नागोया / सत्ता संदेश

भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने आखिरकार एशियन गेम्स में पदक जीतने का अपना अधूरा सपना पूरा कर लिया। एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में मीराबाई ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

मीराबाई का यह पदक इसलिए भी खास है क्योंकि इससे भारत का एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग में 28 साल का इंतजार खत्म हुआ है। इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में पदक जीता था।

ऐसे जीता मीराबाई ने सिल्वर

मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम से शुरुआत की और इसके बाद 85 तथा 87 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। स्नैच के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाया। इस तरह उनका कुल स्कोर 198 किलोग्राम रहा और उन्होंने सिल्वर मेडल पक्का कर लिया।

उत्तर कोरिया की री सॉन्ग गुम ने 215 किलोग्राम के कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रि विजायाना ने 191 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

एशियन गेम्स में तीसरी कोशिश में मिली सफलता

मीराबाई चानू ने 2014 में पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था, लेकिन पदक नहीं जीत सकीं। 2018 में चोट के कारण वह प्रतियोगिता से बाहर रहीं। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में वह पदक से चूकते हुए चौथे स्थान पर रही थीं। अब 23 सितंबर 2026 को उन्होंने आखिरकार एशियन गेम्स का अपना पहला पदक जीत लिया।

मीराबाई का यह सिल्वर उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ता है। वह टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप तथा कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए पदक हासिल कर चुकी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हैं।

एशियन गेम्स का सिल्वर जीतकर मीराबाई चानू ने न सिर्फ अपना लंबे समय से चला आ रहा सपना पूरा किया, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग को भी 28 साल बाद एशियाई मंच पर पदक दिलाया।

एशियन गेम्स 2026 के लिए SAI NSNIS पटियाला से 11 सदस्यीय बॉक्सिंग टीम रवाना

पटियाला / सत्ता संदेश

पटियाला, 8 सितंबर 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला से 11 सदस्यीय बॉक्सिंग टीम को आज आधिकारिक तौर पर रवाना किया गया। जापान के आइची प्रान्त के नागोया में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स के लिए बॉक्सर, कोच और सपोर्ट स्टाफ की टीम इंस्टीट्यूट कैंपस से रवाना हुई।

SAI NSNIS पटियाला में प्रशिक्षण लेने वाले इन 11 मुक्केबाजों का चयन एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया है। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), सुमित (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र (90+ किग्रा) शामिल हैं।

वहीं महिला वर्ग में साक्षी (51 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), परवीन (65 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) भारत की चुनौती पेश करेंगी।

टीम की रवानगी के अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर जनरल/SED श्री विनीत कुमार ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पूरा देश उनकी सफलता और पदक का इंतजार कर रहा है। उन्होंने टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

SAI NSNIS पटियाला प्रशासन ने भी पूरी टीम को एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन और पदक जीतने के अभियान के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अब सभी की नजरें नागोया में होने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां भारतीय मुक्केबाज देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे।

Asian Games 2026 : एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान, हरमनप्रीत कौर संभालेगी कमान

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने सितंबर 2026 में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। हरमनप्रीत कौर टीम की कप्तानी करेंगी, जबकि स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया है।

भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में टूर्नामेंट में उतरेगी। उसने 2023 में चीन के हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। टीम में ज्यादातर वही खिलाड़ी हैं जो हाल ही में महिला टी20 विश्वकप का हिस्सा रही थीं। केवल यास्तिका भाटिया को स्क्वॉड से बाहर किया गया है।

अनुभव और युवा खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण

टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी जगह दी गई है। बल्लेबाजी विभाग में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष शामिल हैं। जी. कमलिनी को दूसरे विकेटकीपर के रूप में टीम में जगह मिली है।

गेंदबाजी में भी दिखा संतुलन

गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव और भारती फुलमाली संभालेंगी। वहीं श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल और नंदनी शर्मा टीम को अतिरिक्त मजबूती देंगी। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि श्रेयंका पाटिल का चयन उनकी फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन रहेगा।

टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद नई चुनौतीएशियन गेम्स टीम के एलान से पहले भारतीय महिला टीम को आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में बड़ा झटका लगा। लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। भारत ने हरमनप्रीत कौर (27 गेंदों में 56 रन), स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की उपयोगी पारियों की मदद से 170/4 का स्कोर बनाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने एलिस पेरी और एशले गार्डनर के नाबाद अर्धशतकों की बदौलत 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की महिला क्रिकेट टीम
 

  • कप्तान: हरमनप्रीत कौर
  • उपकप्तान: स्मृति मंधाना
  • शेफाली वर्मा
  • जेमिमा रोड्रिग्स
  • दीप्ति शर्मा
  • ऋचा घोष (विकेटकीपर)
  • जी. कमलिनी (विकेटकीपर)
  • भारती फुलमाली
  • श्री चरणी
  • रेणुका ठाकुर
  • क्रांति गौड़
  • अरुंधति रेड्डी
  • श्रेयंका पाटिल* (फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन)
  • राधा यादव
  • नंदनी शर्मा
एशियाई खेल ट्रायल्स में हार के बाद भावुक हुईं विनेश फोगाट, बोलीं- ‘मैं फेल नहीं हुई हूं’

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Vinesh Phogat ने एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स से बाहर होने के बाद भी हार नहीं मानी है। महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में हारने के बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह असफल नहीं हुई हैं और पहले से अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगी।

ट्रायल्स के दौरान विनेश का मुकाबला युवा पहलवान Meenakshi Goyat से हुआ, जिसमें उन्हें 4-6 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी रहा और अंत तक परिणाम को लेकर रोमांच बना रहा। हार के बाद जब विनेश से उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनके पहले शब्द थे, “मैं फेल नहीं हुई हूं।”

यह बयान न केवल उनकी मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है बल्कि उन चुनौतियों की भी झलक देता है जिनका सामना उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में किया है। भारतीय कुश्ती जगत की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल विनेश फोगाट ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हर बार वापसी कर अपनी क्षमता साबित की है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मिलने के बाद विनेश की वापसी पर पूरे देश की नजर थी। ट्रायल्स में उनका प्रदर्शन संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार के कारण उनका एशियाई खेलों के लिए चयन का सपना फिलहाल अधूरा रह गया।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शीर्ष खिलाड़ी के लिए हार करियर का अंत नहीं होती, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर होती है। विनेश का बयान इसी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने संकेत दिया कि वह भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी जारी रखेंगी और अपने खेल को और बेहतर बनाने पर ध्यान देंगी।

विनेश फोगाट भारतीय महिला कुश्ती की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रही हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। उनकी उपलब्धियों ने देश में महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाई है।

कुश्ती प्रेमियों और खेल विश्लेषकों का मानना है कि अनुभव, तकनीकी कौशल और संघर्षशीलता के कारण विनेश अभी भी भारतीय कुश्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनकी हार के बावजूद उनके प्रति प्रशंसकों का समर्थन कायम है।

सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली मीनाक्षी गोयत के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। युवा पहलवान ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को हराया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

हालांकि ट्रायल्स का यह अध्याय विनेश के लिए निराशाजनक रहा, लेकिन उनके शब्द—“मैं फेल नहीं हुई हूं”—यह संकेत देते हैं कि वह इस हार को अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में देख रही हैं। खेल जगत में ऐसे ही जज्बे को एक सच्चे चैंपियन की पहचान माना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट से राहत, एशियाई खेल 2026 चयन ट्रायल्स में उतरेंगी विनेश फोगाट

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Vinesh Phogat को बड़ी राहत देते हुए Supreme Court of India ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। इसके बाद अब विनेश 30 और 31 मई को आयोजित होने वाले ट्रायल्स में भाग ले सकेंगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति P. S. Narasimha और न्यायमूर्ति Alok Aradhe की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। मामला Wrestling Federation of India (डब्ल्यूएफआई) की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले विनेश फोगाट को चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ डब्ल्यूएफआई उच्चतम न्यायालय पहुंचा था। हालांकि शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की मंजूरी दे दी।

इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती जगत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि विनेश फोगाट देश की सबसे चर्चित और अनुभवी महिला पहलवानों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीते हैं और महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

पिछले कुछ समय से भारतीय कुश्ती प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच विवाद लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में विनेश फोगाट का चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेना खेल जगत और प्रशंसकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि चयन ट्रायल्स में अनुभवी और शीर्ष खिलाड़ियों की मौजूदगी से प्रतिस्पर्धा का स्तर मजबूत होगा और भारतीय टीम को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने में मदद मिलेगी।

एशियाई खेल 2026 को ध्यान में रखते हुए भारतीय पहलवान अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं। चयन ट्रायल्स को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि विनेश फोगाट ट्रायल्स में कैसा प्रदर्शन करती हैं और क्या वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने में सफल हो पाती हैं।

जरखड़ खेलों के फाइनल में आज 7 व्यक्तित्वों का विशेष सम्मान होगा

लुधियाना, 15 फरवरी (सत्ता संदेश) — माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट, गांव जरखड़ द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली जीएसटी ट्रक परमिट, एवॉन साइकिल, 38वीं मॉडर्न पेंडू मिनी ओलंपिक जरखड़ खेलों के फाइनल मुकाबले आज 15 फरवरी 2026 को होंगे।

इस अवसर पर फाइनल समारोह में 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे पंजाब के पूर्व डीजीपी एवं खेल समर्थक अधिकारी श्री चंद्रशेखर को “खेल प्रमोटर अमरजीत ग्रेवाल अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। श्री चंद्रशेखर, जो चंडीगढ़ हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने हॉकी को फलने-फूलने में मूल्यवान योगदान दिया है।

पद्म श्री बलदेव सिंह को “भगत पूरण सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपनी कोचिंग के तहत 200 से अधिक ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (पुरुष एवं महिला) को तैयार किया है। उनके कोचिंग कौशल के कारण ही शाहाबाद मारकंडा हॉकी सेंटर भारत की हॉकी की राजधानी बन गया है।

प्रभदीप सिंह नथोवाल, डिप्टी डायरेक्टर, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को “पंजाब का मान अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा। प्रभदीप सिंह एक बहुमुखी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व हैं। उनका लेखन कौशल और मंच पर विचार प्रस्तुत करने की कला सराहनीय है।

श्रीमती सिमरनजीत कौर गिल, प्रो वाइस चांसलर, सीटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना को “पंजाब की धियों का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। सिमरनजीत कौर गिल का शिक्षा क्षेत्र में मूल्यवान योगदान है।

पत्रकार दविंदरपाल सिंह चंडीगढ़ को “पंजाब की पत्रकारिता का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। पत्रकार दविंदरपाल सिंह की अखबारी लेखनियां और टीवी चैनलों पर राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर गहन स्टोरीज़ अत्यंत प्रशंसनीय हैं।

उभरते साइक्लिस्ट हरश्वीर सिंह सेखों को “ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। हरश्वीर सिंह भारतीय साइक्लिंग के भविष्य के उत्तराधिकारी हैं और आगामी एशियाई खेलों में उनसे पदक जीतने की बड़ी उम्मीद है।

वेटरन हॉकी खिलाड़ी करमजीत सिंह ग्रेवाल (यूएसए) को “ओलंपियन प्रिथीपाल सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। करमजीत सिंह ग्रेवाल जितने उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे, उससे कहीं बेहतर खेल प्रशासक हैं; उनका जीवन हमेशा खेलों के प्रति समर्पित रहा है।

कल 15 फरवरी को फाइनल समारोह में इन व्यक्तित्वों को विभिन्न खेल अवॉर्ड्स, स्मृति चिन्ह और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर के बाद दोपहर 3 बजे प्रसिद्ध लोक गायिकाओं सतविंदर बिट्टी, जसवंत संदीला, नीतू विर्क, गुरजान आदि अन्य गायकों का खुला अखाड़ा भी लगेगा।