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पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर लागू होगी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ तकनीक, अमित शाह का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि देश में अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करने जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। इसमें हाई-टेक कैमरे, सेंसर, ड्रोन, रडार और रियल टाइम निगरानी प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पारंपरिक सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित आधुनिक प्रणाली में बदला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना से सीमा सुरक्षा बलों की निगरानी क्षमता बढ़ने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया


छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है

बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है

नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है

देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी

नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेग

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह गांधीनगर में मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन करेंगे

गुजरात / सत्ता संदेश

सहकारी डेयरी अवसंरचना को बड़ा बढ़ावा : पूर्णतः स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र मूल्य संवर्धन और किसानों की समृद्धि को सशक्त करेगा

“सहकार से समृद्धि” के विज़न के अंतर्गत गुजरात में आधुनिक डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार को बल मिलेगा

जमीनी स्तर पर सहकारी सशक्तिकरण को प्रदर्शित करते हुए उद्घाटन समारोह में महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जायेगा

उन्नत प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाएँ भारत की सहकारी डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगी

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी 17 मई, 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, गुजरात के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

नई डेयरी यूनिट के उद्घाटन से क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है। साथ ही इससे सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों तथा कुशल प्रसंस्करण अवसंरचना के माध्यम से डेयरी सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मधुर डेयरी यूनिट-2 की शिलापट्टिका का अनावरण करेंगे तथा दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र एवं व्यूइंग गैलरी का अवलोकन करेंगे। माननीय मंत्री नियंत्रण कक्ष से परिचालन प्रणालियों का शुभारंभ कर संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन भी करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान डेयरी सहकारी संस्थाओं से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादक माननीय मंत्री का मधुर डेयरी उत्पाद किट भेंट कर सम्मान करेंगी। यह भारत के सहकारी डेयरी आंदोलन को सशक्त बनाने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादक मंडलियों के प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। यह जमीनी स्तर की डेयरी सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा संस्थागत सहयोग एवं आधुनिक अवसंरचना के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को सक्षम बनाने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को पुनः रेखांकित करेगा।

मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को और गति देने, डेयरी किसानों के लिए बेहतर आजीविका अवसर सृजित करने तथा आधुनिक एवं सतत सहकारी मॉडलों के माध्यम से भारत की डेयरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर संबोधित किया

उत्तर प्रदेश / सत्ता संदेश

मोदी सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है

पिछले 20 वर्षों में अपने साहस, समर्पण और परिश्रम से देश का विश्वास अर्जित कर ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ हासिल करने वाले NDRF के सभी जवानों को बधाई

CAPF के जवानों ने 7 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे

भारत आज आपदा प्रबंधन में ‘ग्लोबल लीडर’ और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर उभरा है तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को धरातल पर उतारा है

पहले आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया राहत-आधारित थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया है

मोदी सरकार आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण को ‘मिनिमम कैजुअल्टी’ से ‘ज़ीरो कैजुअल्टी’ तक पहुँचा रही है

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मोदी जी के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिज़ास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है

1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाने और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने वाले NDRF के जवानों को देखते ही मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव बढ़ जाता है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और NDRF के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किया जाना सिर्फ NDRF की सराहनीय सेवाओं को स्वीकार किया जाना ही नहीं, बल्कि यह SDRF, पंचायत से लेकर राज्य तक पूरी मशीनरी, NCC, NSS और हजारों की संख्या में सेवा में लगे आपदा मित्रों की सेवाओं का राष्ट्रपति महोदया द्वारा अनुमोदन किया जाना है। उन्होंने कहा कि NDRF के जवान देश में कहीं भी ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के घोष के साथ जाते हैं। NDRF के जवान देश-दुनिया में जहाँ कहीं भी गए, वहाँ प्यार और भरोसा अर्जित किया है। देश में कहीं भी आपदा आई हो या आने वाली हो, जब NDRF के जवान वहाँ पहुँचते हैं, तो जनता राहत की साँस लेती है कि अब उनका बचाव हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कि NDRF ने अपनी स्थापना के 20 साल में देश में कहीं भी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या किसी अन्य प्रकार की आपदा आई हो, अपने सफल कार्यों के आधार पर पूरे देश की 140 करोड़ जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या कोई भीषण हादसा, NDRF की एक झलक ही देशवासियों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव भर देती है। इस बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NDRF को प्रेसिडेंट्स कलर मिलना, NDRF के समस्त बल के सेवा, साहस, शौर्य और समर्पण के संचित गुणों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और NDRF ने अपने कार्यकाल में आपदा बचाव के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने का काम किया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है, लेकिन देश के गृह मंत्री के नाते मेरे लिए यह विशेष गौरव का विषय है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज 116 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली छह परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से NDRF देश की जनता को किसी भी प्रकार की आपदा से सुरक्षित रखने के लिए और भी मजबूती से काम कर पाएगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 2014 से अब तक हमने न केवल आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए काम किया है, बल्कि अब हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि अब हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। जिस आपदा का पूर्वानुमान और मौसम विज्ञान विभाग से पूर्व जानकारी मिल जाती है, वहाँ जन, धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि NDMA ने आपदा प्रबंधन से जुड़े नीति विषयक मामलों में ढेर सारे निर्णय लिए, बहुत सारे दिशानिर्देश जारी किए, और जन जागरूकता पैदा करने की दिशा में सफल प्रयास किए, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आपदा बचाव देश का संस्कार बनता जा रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि NDRF ने न केवल नागरिकों, बल्कि उनके साथ रहने वाले मूक पशुओं को भी बचाकर उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आपदा में जनहानि शून्य हो और संपत्तियों का नुकसान न्यूनतम हो।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों का भी बहुत ही प्रभावी तरीके से सामना करने की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय और NDRF ने क्षमता निर्माण और सामुदायिक भागीदारी पर बहुत बल दिया है। NDRF ने अपने 8,500 से अधिक जवानों, 10,000 से ज्यादा सिविल डिफेंस कर्मियों और 2 लाख 20 हजार से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का भागीरथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 10,500 से अधिक नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि कम्युनिटी बेस्ड आपदा रिस्पॉन्स को मजबूत करने के लिए आपदा मित्रों की टोली हर खतरे का मुकाबला करने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि पहले आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया राहत-आधारित थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया है। आपदा के कहर से जानमाल का नुकसान न्यूनतम करने के विषय को प्रधानमंत्री मोदी जी ने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक थ्योरी के रूप में स्थापित किया है। बीते 12 साल में आपदा से बचाव सिर्फ एक सिस्टम नहीं बल्कि इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर भारत सरकार तक, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक से लेकर आम नागरिक तक हर जगह एक साथ एक उद्देश्य के लिए काम करने का एक नया तरीका भारत सरकार ने अपनाया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में कई भीषण प्राकृतिक आपदाएं आई। ओडिशा के सुपर साइक्लोन, गुजरात के भूकंप और हिंद महासागर की सुनामी ने देश के जनजीवन को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं के कारण देश में एक मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को महसूस किया गया। आपदा प्रबंधन अधिनियम भी आया। NDMA और NDRF का भी गठन हुआ। उन्होंने कहा कि अब 16 बटालियनों के साथ NDRF एक सशक्त बल बन चुका है। NDRF ने अपनी कार्यपद्धति से SDRF की ट्रेनिंग और SDRF के साथ साझा अभियानों से अपनी शक्ति बढ़ाया है। प्रोएक्टिव डिप्लॉयमेंट और प्रीपोजिशनिंग जैसे उपाय हमें नुकसान से बचाने में कारगर साबित हो चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि 2008 में बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ NDRF के लिए बहुत बड़ी परीक्षा थी। बाद में ऐसी कई आपदाएं आई, जैसे – धराली में फ्लैश फ्लड, चासोटी में क्लाउडबर्स्ट, जम्मू, पंजाब और दिल्ली के फ्लड्स, साइक्लोन मोंथा और साइक्लोन दितवाह। वहीं, अमरनाथ यात्रा, महाकुंभ, चारधाम यात्रा, मणि महेश, सबरीमाला यात्रा, भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे कई महत्वपूर्ण आयोजनों में NDRF ने बहुत अच्छे तरीके से समाज के साथ मिलकर काम किया।

गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मोदी जी के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिज़ास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है। इसके माध्यम से रिस्क मैपिंग, अर्ली वार्निंग, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, और गाइडलाइंस के निर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिली है। श्री शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत आज निर्विवाद रूप से एक ग्लोबल लीडर और फर्स्ट रिस्पॉंडर के रूप में उभरा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को व्यवहार में उतारते हुए इसे धरातल पर लागू किया गया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी की प्रेरणा से ‘डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है। CDRI के आज 48 देश सदस्य बन चुके हैं और भारत के साथ मिलकर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।

श्री अमित शाह ने देशभर के सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) के जवानों को बधाई देते हुए कहा कि 2021 से अब तक CAPFs के सभी जवानों ने देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह समस्त CAPFs के मानवीय दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य को नमन किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का एक ऐतिहासिक ऑपरेशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमेशा हमारे सशस्त्र बलों की अचूक मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा

सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, एजेंसियों की खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति सीमा पार मौजूद आतंकवाद को नेस्तनाबूद करने के लिए एकसाथ उठ खड़े हुए

यह दिन हमारे दुश्मनों को यह याद दिलाता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, बच नहीं सकते

वे हर पल हमारी नज़रों में और हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य को नमन किया और कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का एक ऐतिहासिक मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमेशा हमारे सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता की याद दिलाता रहेगा।

ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक युगांतरकारी मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमारी सशस्त्र सेनाओं की अचूक प्रहार क्षमता की याद हमेशा दिलाता रहेगा। इतिहास इसे एक ऐसे दिन के तौर पर याद रखेगा जब हमारे सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की पैनी खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति—ये तीनों एक होकर सीमा पार मौजूद आतंकवाद के हर उस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए उठ खड़े हुए, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर अपना बुरा साया डालने की हिमाकत की थी। यह दिन हमारे दुश्मनों के लिए यह खौफनाक संदेश लेकर आता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, वे बच नहीं सकते। वे हर पल हमारी नज़रों में और हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं। इस अवसर पर, मैं हमारी सेनाओं के अद्वितीय शौर्य को नमन करता हूँ।”

Operation WHITE STRIKE: NCB की बड़ी कार्रवाई, 349 किलो कोकीन जब्त; 1,745 करोड़ का ड्रग सिंडिकेट बेनकाब

दिल्ली/सत्ता संदेश

संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और मुंबई एवं आसपास के लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर से लगभग 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। इस कोकीन की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1,745 करोड़ है।

यह हाई इम्पेक्ट ऑपरेशन छह महीने से अधिक समय तक NCB द्वारा निरंतर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और निगरानी का परिणाम था।

विश्वसनीय सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए NCB की कई टीमों ने कलंबोली-भिवंडी कॉरिडोर (नवी मुंबई – ठाणे क्षेत्र) में समन्वित छापेमारी की और गोदामों की अवसंरचना तथा छिपे हुए परिवहन तंत्र का उपयोग करने वाले एक अत्यधिक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस सफलता के लिए NCB को बधाई देते हुए कहा, “हम नशीले पदार्थों के कार्टेल को बेरहमी से कुचलने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मुंबई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के रिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है, जिसकी कीमत 1,745 करोड़ है। यह bottom to top अप्रोच का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें एजेंसी ने एक छोटी खेप को ट्रेस करते हुए एक विशाल नेटवर्क को पकड़ा। टीम NCB को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई।”

दो-चरणों के ऑपरेशन में प्रमुख जब्तियाँ

पहली छापेमारी के दौरान, NCB के अधिकारियों ने नवी मुंबई के कलंबोली स्थित KWC वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर KWC के पास मारुति सुजुकी सुपर कैरी वाहन को रोका। वाहन की तलाशी में 136 पैकेट कोकीन बरामद की गई, जिनमें से प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 1 किलोग्राम था। ये पैकेट कार्टनों में छिपाए गए थे, जिनमें कोकीन को क्रिकेट पैड्स और ग्लव्स के अंदर छुपाकर रखा गया था। एक आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लगातार पूछताछ और त्वरित फॉलो-अप कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भिवंडी में छिपाई गई एक और बड़ी खेप के बारे में जानकारी दी, जो एक प्रमुख वेयरहाउसिंग हब है। NCB की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भिवंडी (जिला ठाणे) के रेहनल गाँव स्थित लक्ष्मण कंपाउंड, रेहनल बस स्टैंड के पास वाले एक गोदाम में दूसरा ऑपरेशन किया। इस छापेमारी में अतिरिक्त 213 पैकेट (प्रत्येक 1 किलोग्राम) कोकीन बरामद की गई।

सफाई से छुपाने के तौर-तरीकों का खुलासा

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस प्रतिबंधित पदार्थ को भारत में आयात की गई एक मशीन की अंदरूनी cavity (खोखले हिस्से) में छिपाकर लाया गया था। प्रत्येक पैकेट को 9 परतों वाली अलग-अलग प्रकार की पॉलीथीन में पैक किया गया था, जिसमें एक परत ब्लैक ग्रीसी पदार्थ की भी थी। भिवंडी के वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम का उपयोग दर्शाता है कि यह एक सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स चेन थी, जिसमें मशीनरी के साथ कोकीन छिपाकर आयात करना, वेयरहाउस में कोकीन पैकेट्स का भंडारण और निकासी तथा नशीले पदार्थों की डाउनस्ट्रीम सप्लाई शामिल थी।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

किंगपिन, हैंडलर्स, फाइनेंसर और जिन तक ये खेप पहुँचने वाली थी, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए गहन जांच चल रही है। यह जब्ती इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में औसतन हर साल केवल 200-300 किलोग्राम कोकीन ही जब्त की जाती है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए

जिस समय विश्व के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में समस्त विश्व के कल्याण के लिए नवकार मंत्र का सामूहिक जाप करना अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक है

आज जब विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ मन के विकारों को शांत करने में भी सहायक होगा

नवकार मंत्र पूर्णतः निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक प्रार्थना है, जिसमें काल, जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है

जब लोग श्रद्धापूर्वक एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उससे न केवल व्यक्ति, बल्कि समूचे देश और विश्व का भी कल्याण होता है

भारत विविध संप्रदायों और धर्मों का देश है, जहाँ प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की विशेष महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है

जब व्यक्ति नमन करता है, तभी से उसके अहंकार के पिघलने की शुरुआत हो जाती है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि जब विश्व के विभिन्न हिस्सों में अपने विचारों को स्थापित करने के लिए संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में यहां से समस्त विश्व के कल्याण हेतु नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जाना अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भारत विविध संप्रदायों और धर्मों का देश है, जहाँ प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की विशेष महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मंत्र मानव जीवन को उच्च दिशा प्रदान करते हैं, हमारे चैतन्य को जागृत करते हैं और शुभ संकल्पों को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग श्रद्धापूर्वक एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उससे न केवल व्यक्ति, बल्कि समूचे देश और विश्व का भी कल्याण होता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सिद्धों ने पीढ़ियों तक अथक साधना कर समस्त मानवता के कल्याण के लिए इन मंत्रों की रचना की है। हमें श्रद्धापूर्वक स्वीकार इन्हें कर उनका अनुकरण भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र पूर्णतः निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक प्रार्थना है, जिसमें काल, जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है। विश्व में इस प्रकार की समावेशी और सर्वमान्य प्रार्थना मिलना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रार्थना उन महान आत्माओं के गुणों की वंदना है, जिन्होंने अपने कर्मों पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। इस महामंत्र में ‘नमो’ शब्द का अर्थ पूर्ण समर्पण है, जो साधक को अपने भीतर के अहंकार का परित्याग कर आत्मशुद्धि की दिशा में अग्रसर करता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब व्यक्ति नमन करता है, तभी से उसके अहंकार के पिघलने की शुरुआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि ‘अरिहंत’ वह होता है जो ‘अरि’ अर्थात् आंतरिक शत्रुओं का ‘हंत’ करता है। ये शत्रु शरीर, मन, भाव, स्वभाव और प्रकृति में निहित वे विकार हैं, जो मोक्ष की प्राप्ति में बाधक बनते हैं। जो साधक इन आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेता है, वही अरिहंत कहलाता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल ज्ञान की प्राप्ति, क्रोध, मान, माया और लोभ पर पूर्ण विजय और जैन शास्त्रों में वर्णित 12 दिव्य गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति को ‘अरिहंत’ माना गया है, और हम ऐसे अरिहंतों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां ‘सिद्धों’ को भी नमन किया गया है। जो आत्मा पूर्ण रूप से मुक्त अवस्था को प्राप्त कर लेती है, उसे सिद्ध कहा जाता है। जिन्होंने आठ कर्मों का क्षय कर जन्म-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर आठ शुद्ध गुणों को प्राप्त किया है, वे सिद्ध कहलाते हैं। हम ऐसे असंख्य सिद्धों को नमन करते हुए उनसे आशीर्वाद की कामना करते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि यहां आचार्यों को भी नमन किया जाता है, जो संघ के प्रमुख होते हैं। अनुशासन की स्थापना, महाव्रतों का पालन तथा समस्त साधकों को मार्गदर्शन प्रदान करना आचार्य की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। जिनके आचरण का अनुसरण कर मुक्ति का मार्ग प्राप्त हो, वही आचार्य कहलाते हैं। जैन शास्त्रों के अनुसार 36 गुणों से युक्त व्यक्ति को आचार्य पद की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार उपाध्यायों, यानी शिक्षक संतों को भी नमन किया जाता है। उनका दायित्व शास्त्रों का गहन अध्ययन करना तथा उनके ज्ञान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होता है। निर्धारित 25 गुणों की सिद्धि के पश्चात ही वे उपाध्याय पद को प्राप्त करते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि साधु, तपस्वी और साधक वे होते हैं, जो संयम, त्याग, महाव्रत और तप का पालन करते हुए क्रमशः अपने भीतर 27 गुणों का विकास करते हैं; ऐसे गुणों से युक्त व्यक्ति को साधु कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह मंत्र पांच परमेष्ठियों को नमन करने का प्रतीक है। इसके मूल भाव के अनुसार इन पांच परमेष्ठियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ‘देव’ की है, जिसमें वे महापुरुष आते हैं जो सामान्य मानव से ऊपर उठकर अरिहंत और सिद्ध की अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं। दूसरी श्रेणी ‘गुरु’ की है, जिसमें आचार्य, उपाध्याय और साधु सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों श्रेणियों के सभी पांचों प्रकार के महान व्यक्तित्वों को नमन कर उनके गुणों को आत्मसाध करने तथा उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना ही नवकार मंत्र का मूल सिद्धांत है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम 108 गुणों को सामूहिक रूप से नमन करते हैं, जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु में निहित होते हैं। इन सभी के गुणों को एक साथ स्मरण और वंदन करने का प्रयास अत्यंत अल्प समय में किया जाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भले ही इस मंत्र का गूढ़ अर्थ उन्हें तुरंत पूर्णतः समझ में न आए—जिसकी गहराई को किसी आचार्य, मुनि या विद्वान संत के मार्गदर्शन में ही भलीभांति समझा जा सकता है—फिर भी इसका अभ्यास कभी न छोड़ें।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नवकार मंत्र की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है, जिसमें 24 तीर्थंकरों और उनके अनुयायियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रारंभ में यह मंत्र मौखिक रूप से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता रहा,  उसके बाद शिलालेखों के माध्यम से और बाद में विभिन्न ग्रंथों में इसे स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस मंत्र के संरक्षण और प्रसार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के जीवन को दिव्यता और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ मन के विकारों को शांत करने में भी सहायक होगा। इससे परस्पर समझ, सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को भी बल मिलेगा।

नीतीश कुमार और नितिन नवीन के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पर अमित शाह ने दी बधाई

पटना, पांच मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने पर उन्हें बधाई दी।

बिहार के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पांच उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री पटना में मौजूद थे। राजग के अन्य उम्मीदवारों में भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार, केंद्रीय मंत्री और जदयू के रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के उपेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं।

शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “नीतीश कुमार जी ने बिहार से राज्यसभा सदस्य के रूप में आज नामांकन भरा है। बीते दो दशकों से बिहार की जनता के कल्याण के लिए आपकी प्रतिबद्धता और समर्पित नेतृत्व ने प्रदेश को जंगलराज से मुक्त कर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है।”

उन्होंने कहा कि जनसेवा का उनका व्यापक अनुभव और नीति-निर्माण की गहरी समझ राज्यसभा की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

शाह ने लिखा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से राजग के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को और भी मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन पर भी उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है। राज्य में लंबे समय तक सफल और सक्रिय राजनीति करने के बाद अब वह उच्च सदन में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”

14 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोगा में करेंगे बदलाव रैली को संबोधित

चंडीगढ़ (सत्ता संदेश)-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा में बदलाव रैली को संबोधित करेंगे। भाजपा की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने  यह जानकारी दी। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शर्मा ने कहा कि पंजाब में हर कोई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में एक विकल्प के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की जनता की सेवा करने, राज्य को विकास के पथ पर ले जाने, इसे नशे की समस्या से मुक्त कराने, किसानों के जीवन में बदलाव लाने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। रैली को पंजाब में भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर हमला करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। पंजाब में हाल में हुई जबरन वसूली एवं गोलीबारी की हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में मादक पदार्थ, अवैध खनन और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पठानकोट के विधायक ने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।

“पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे अमित शाह, संगठनात्मक बैठक भी करेंगे”

कोलकाता, 31 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तैयारियों को तेज करते हुए राज्य के दक्षिणी हिस्से में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे और उत्तरी हिस्से में संगठनात्मक बैठक करेंगे।

शाह शुक्रवार रात कोलकाता पहुंचे थे।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘शाह सबसे पहले शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे बैरकपुर में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे और इसके बाद अपराह्न करीब दो बजे बागडोगरा रवाना होंगे जहां उत्तर बंगाल के पार्टी नेताओं के साथ उनकी एक संगठनात्मक बैठक होनी है।’’

यह एक महीने के भीतर शाह का राज्य का दूसरा दौरा है। वह इससे पहले पिछले साल 30 और 31 दिसंबर को संगठनात्मक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कोलकाता आए थे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव कुछ महीनों में होने हैं।