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सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से की मुलाकात

लुधियाना: भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD) के सदस्य और नेशनल कंसल्टेटिव कमिटी ऑन ड्रग रिहैबिलिटेशन (NCCDR) के स्पेशल इनवाइटी सदस्य तथा पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरपर्सन सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की।

इस दौरान सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लिया और समाज की भलाई एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

मुलाकात के दौरान बिंद्रा ने कहा कि समाज की तरक्की, एकता और खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से समाज की भलाई के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

2029 तक नशा मुक्त भारत का लक्ष्य, केंद्र सरकार ने तैयार किया तीन साल का रोडमैप

केंद्र सरकार ने 2029 तक नशा मुक्त भारत बनाने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। 4 स्तंभ, 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदुओं के साथ उपचार, पुनर्वास और नशा विरोधी अभियान पर जोर।

शिमला / चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर अगले तीन वर्षों के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे की मांग को कम करने, उपचार एवं पुनर्वास की सुविधाओं को बढ़ाने और जनजागरूकता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

शिमला में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की ओर से नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ अभियान और Vision Document 2026-2029 की प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। यह विजन डॉक्यूमेंट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वीं शीर्ष स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) बैठक में लॉन्च किया था।

कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के अपर महानिदेशक (मीडिया) राज कुमार ने बताया कि रोडमैप को 35 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें केंद्र और राज्य स्तर पर NCORD बैठकों तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) से प्राप्त सुझावों को भी शामिल किया गया है।

चार स्तंभों पर आधारित है रोडमैप

नशा मुक्त भारत 2029 का तीन वर्षीय रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें खुफिया जानकारी एवं अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग एवं नुकसान में कमी तथा क्षमता निर्माण, समन्वय एवं निगरानी शामिल हैं। पूरे रोडमैप में 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदु निर्धारित किए गए हैं।

सरकार के मुताबिक रणनीति में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क, वित्तीय स्रोतों, भगोड़ों, डार्कनेट और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नेटवर्क की पहचान, तस्करी की सप्लाई चेन को बाधित करने और अवैध प्रयोगशालाओं तथा पूरे वितरण नेटवर्क को खत्म करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

उपचार और पुनर्वास क्षमता में बड़ा विस्तार

विजन डॉक्यूमेंट में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के सेवन की रोकथाम के साथ उपचार और पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार मार्च 2029 तक नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या मौजूदा 334 से बढ़ाकर 1,751 करने की योजना है।

बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने तथा प्रत्येक राज्य के एक मेडिकल कॉलेज में नशे से संबंधित उपचार के लिए समर्पित विभाग स्थापित करने की भी योजना बताई गई है।

50 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य

‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की योजना है। इसके तहत जागरूकता अभियान की पहुंच मौजूदा करीब 20 करोड़ लोगों से बढ़ाकर 50 करोड़ लोगों तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा NCC, NSS और My Bharat के माध्यम से एक लाख ‘नशा मुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

2019 से जुलाई 2026 तक 93 लाख किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त

कार्यक्रम में NCB चंडीगढ़ और अमृतसर के जोनल डायरेक्टर अमनजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक देश में 93,33,987 किलोग्राम मादक और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1,53,212 करोड़ रुपये बताई गई है।

इसी अवधि में 44,88,576 किलोग्राम NDPS पदार्थ नष्ट किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 88,010 करोड़ रुपये बताई गई। इसके अलावा करीब 3,992 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों और परिसंपत्तियों को फ्रीज या जब्त किया गया तथा 128 अवैध गुप्त प्रयोगशालाओं को ध्वस्त किया गया।

NCB के अनुसार 2019 से अब तक विभिन्न स्तरों पर 16,966 से अधिक NCORD बैठकें आयोजित की गई हैं। भारतपोल के माध्यम से 195 देशों के साथ इंटरपोल संपर्क स्थापित किए जाने और MANAS हेल्पलाइन 1933 के जरिए 3.33 लाख से अधिक नागरिकों के जुड़ने की जानकारी भी दी गई।

राज्यों में एंटी नारकोटिक्स व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

रोडमैप के तहत राज्यों की एंटी-ड्रग्स व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से संसाधन उपलब्ध कराने और परिणाम आधारित निगरानी पर जोर दिया गया है। मार्च 2027 तक प्रत्येक राज्य में पूरी तरह सुसज्जित ANTF उपलब्ध कराने, मादक पदार्थों के नमूनों की रिपोर्टिंग 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने और गृह मंत्रालय की ओर से त्रैमासिक समीक्षा किए जाने की योजना बताई गई है।

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिमला में NCB का जोनल कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसे जल्द शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

केंद्र सरकार के इस रोडमैप में नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के साथ मांग और नुकसान को कम करने, उपचार एवं पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार और समाज में जागरूकता बढ़ाने को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति रखी गई है।

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, CM मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमे’ के रूप में किया सम्मानित
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की; नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमा’ छाप और टी-शर्ट देकर किया सम्मानित
  • पंजाब सरकार सूबे को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध; नशों की गिरफ्त में से निकले नौजवान इस मुहिम में रोल मॉडल के रूप में काम करेंगे-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा एक बीमारी है, कोई अपराध नहीं, यह सजा की नहीं, इलाज की मांग करता है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा मुक्त हुए नौजवानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार पुनर्वास केंद्रों में सकारात्मक माहौल और हुनर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशों के खिलाफ जंग में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं; हमारा मकसद हर नौजवान को खेलों से जोड़ना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पिछली सरकारों की गलत नीतियों और नशा तस्करी ने पंजाब के नौजवानों को विदेश जाने के लिए मजबूर किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • आप सरकार क्रांतिकारी कदमों के जरिए पंजाब के माथे से नशों का कलंक मिटा रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपनी सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त हुए नौजवानों को विशेष तौर पर तैयार की गई ‘सूरमा’ छाप (रिंग) और टी-शर्ट से सम्मानित किया।

इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपराले का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘उम्मीद के दूत’ के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त रहने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ये नौजवान न सिर्फ दूसरों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के मौके भी मुहैया करवाए जाएंगे।

खेलों को नशों की बीमारी के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे ताकि नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से मानक शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है जो नशा-मुक्त और रंगला पंजाब की नींव रख रहा है।

कुछ मुख्य नुक्ते साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की है और उन नौजवानों को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल में से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। दूसरों के लिए रोल मॉडल बने इन प्रेरणादायक नौजवानों को पंजाब सरकार की ओर से रोजगार के मौके भी दिए जाएंगे।

15 जुलाई तक पंजाब भर के नौजवानों के लिए 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 10 लाख रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड’ मिल चुके हैं।

सड़क सुरक्षा फोर्स (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम कर दिया है, जिससे हर साल करीब 2,700 कीमती जानें बच रही हैं। जब नीयत साफ हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। आओ सब मिलकर रंगला पंजाब बनाएं।”

इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समागम में मौजूद नौजवानों ने नशों की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल में से बाहर निकलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इनका सम्मान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामाजिक बदनामी के बावजूद इन्होंने नशे को हराने का असाधारण साहस दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नशे की लत एक सामाजिक कलंक है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशा करता है तो वे उस शख्स से बात करना भी बंद कर देते हैं। इन नौजवानों ने उस दर्द और मानसिक पीड़ा को झेला है, लेकिन आज वे नई शुरुआत करने और समाज की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नौजवान नशे की बीमारी पर जीत हासिल कर चुके हैं और अब अपने तजुर्बे साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू हो जाएंगे ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में बदला जा सके।

समागम में मौजूद नशा मुक्त हुए सभी नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, “रंगला पंजाब के सपने को पूरा करने के लिए अब सिर्फ एक ही रंग बाकी रह गया है और वह भी जल्द ही भर दिया जाएगा क्योंकि पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”

राज्य की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में मानक शिक्षा यकीनी बनाकर शिक्षा के क्षेत्र का काया-कल्प किया है, जिसके कारण पंजाब, केरल और कई अन्य सूबों को पछाड़कर 27वें नंबर से पहले नंबर पर आया है।

उन्होंने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। “हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल ऊंचे अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी में से निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त की सुविधाएं गरीबी खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में ऐसा करने की ताकत और समर्थता जरूर है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों में से 17.47 लाख परिवारों को पहले ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड’ मिल चुके हैं, जिससे वे मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक करीब 650 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है।

राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने अब तक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है, लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को बड़ा लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया है और दो वर्षों से अधिक समय से नशा मुक्त (संयमित) जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति वास्तविक ‘सूरमा’ हैं क्योंकि इन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ नशे पर विजय प्राप्त की है। आज का यह समारोह पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये सूरमा अब ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो अन्य लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरमा कार्यक्रम की शुरुआत पूरे पंजाब में व्यापक पुनर्वास कार्यक्रमों और मजबूत सामाजिक सहायता प्रणालियों के सकारात्मक प्रभाव का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत में गहराई से रचा-बसा ‘सूरमा’ शब्द अदम्य साहस का प्रतीक है, जो इन व्यक्तियों द्वारा अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर अपने जीवन को पुनः संवारने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार नशों के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए आवश्यक सहायता मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल इन व्यक्तियों की रिकवरी का नहीं, बल्कि उनके नए जीवन को समर्पित है। उन्होंने कहा, “ये सूरमा अपने परिवारों और समाज के लिए आशा की किरण हैं। इनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पारिवारिक सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के माध्यम से नशे से मुक्ति संभव है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को उचित उपचार मिले और वह समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सूरमा इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि समय पर सहायता मिलने से उन जीवनों को फिर से संवारा जा सकता है, जो शायद नशे के कारण बर्बाद हो सकते थे। उन्होंने कहा, “स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रॉमिस रिंग्स’ (छल्लों) और बाज के प्रतीक वाली वर्दियों से सम्मानित किया गया है, जो नशा मुक्त पंजाब के मिशन में साहस, शक्ति और पंजाबियत के प्रतीक हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सूरमा पहल पंजाब सरकार की नशों के खात्मे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने पिछले कई वर्षों से राज्य में तबाही मचा रखी थी। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कड़ी मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प रंगला पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सूरमा को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अब दूसरों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने में मदद करके आशा के दूत बनेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश करना जारी रखेगी और नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहेगी, ताकि प्रत्येक स्वस्थ हो चुका व्यक्ति बेहतर रोजगार के अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी दोहराया कि जहां सरकार नशों के माध्यम से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, वहीं सहायता मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरा सहयोग देना भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “यही ‘युद्ध नशों विरुद्ध चरण-2’ का वास्तविक उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया और घोषणा की कि सूरमा कार्यक्रम अब पंजाब के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और कम से कम दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप पर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया जाएगा और वे पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में चैंपियन के रूप में सेवा देंगे। उन्होंने कहा, “सूरमा पहल के माध्यम से पंजाब सरकार एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है, जो नशे के कारण फैली निराशा को चुनौती देते हुए पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने और उनका सम्मान बहाल करने में मदद करेगा।”

उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष तीन महीने पहले ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से लेकर अब तक पंजाब ने अपने नशा विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आधुनिक उपचार सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और फॉलो-अप सहायता से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सूरमा रिकग्निशन प्रोग्राम’ नशे और रिकवरी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर कर इन उपलब्धियों को और मजबूत करता है तथा ऐसा सहयोगी नेटवर्क तैयार करता है, जो नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्य लोगों को उपचार के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।