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लुधियाना वार्ड 18 में नशे के खिलाफ महिलाओं ने उठाई आवाज, रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में जागरूकता अभियान

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट– गुरमीत सिंह

लुधियाना के वार्ड नंबर 18 में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई।

कार्यक्रम में वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा) के साथ महिलाओं ने शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा चलाए जा रहे ‘मावां-धियां दी ललकार, बंद करवांगे नशे दा व्यापार’ अभियान के समर्थन में भागीदारी की। महिलाओं ने नशे के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने और अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस दौरान एमआईजी वार्ड नंबर 18 की महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों के समक्ष आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर शिरोमणि अकाली दल का समर्थन करने की बात कही। यह स्थानीय कार्यक्रम में मौजूद लोगों की ओर से व्यक्त राजनीतिक समर्थन था।

गौरतलब है कि हरसिमरत कौर बादल ने हाल के दिनों में पंजाब में महिलाओं को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने की मुहिम तेज की है। अक्टूबर में उन्होंने ‘ਮਾਈ ਭਾਗੋ ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਦੀ ਫੌਜ’ अभियान की भी शुरुआत की, जिसके तहत महिलाओं से अपने क्षेत्रों में नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी सामने लाने की अपील की गई है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों, वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा), तनीशा शर्मा, अलका, लक्ष्मी देवी, पम्मी, पूजा राजपूत, सुमित्रा देवी, ममता, मनीषा खन्ना, मनप्रीत कौर, नवरूप कौर, पिंकी शर्मा, कंचन बजाज, तनीशा, कौशल्या विरला सहित अन्य मोहल्ला निवासी मौजूद रहे।

बहरीन की महिला को SGPC सराय में VIP ट्रीटमेंट? बलजिंदर कौर ने बादल से मांगा जवाब

बहरीन निवासी महिला के श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में लंबे समय तक ठहरने को लेकर AAP विधायक बलजिंदर कौर ने सुखबीर बादल और हरसिमरत बादल से सवाल किए। जानिए पूरा मामला।

लुधियाना / सत्ता संदेश

आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ व्हिप और विधायक प्रो. बलजिंदर कौर ने श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में बहरीन निवासी महिला के लंबे समय तक ठहरने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल से सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि महिला के रहने, वाहन, ड्राइवर और कथित विशेष सुविधाओं का इंतजाम किसने किया और SGPC तथा अकाली नेताओं के समक्ष शिकायतें रखे जाने के बावजूद उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह मामला उस FIR से जुड़ा है, जो 21 अगस्त को आनंदपुर साहिब पुलिस ने महिला की शिकायत पर पूर्व SGPC सदस्य और अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज की थी। महिला ने अपनी शिकायत में दुष्कर्म, कथित बंधक बनाए जाने और धमकी के आरोप लगाए हैं। चावला ने आरोपों को खारिज किया है। मामले की जांच जारी है।

बलजिंदर कौर ने कहा कि SGPC सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी संस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम श्रद्धालुओं के लिए SGPC की सराय में ठहरने के नियमों के बीच एक महिला इतने लंबे समय तक वहां कैसे रही। उन्होंने पूछा कि उसके रहने का खर्च किसने उठाया, उसे आवास किसने उपलब्ध कराया, ड्राइवर और अन्य सुविधाएं किसने दीं और उसे कथित VIP ट्रीटमेंट क्यों मिला।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FIR में महिला के SGPC की सराय में 27 फरवरी से 16 अगस्त 2026 तक रहने का उल्लेख है। SGPC ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की है, जिसे अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में देने को कहा गया है।

बलजिंदर कौर ने सुखबीर सिंह बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि SGPC के कामकाज पर बादल परिवार के प्रभाव को लेकर इतने सवाल उठते रहे हैं, तो उन्हें सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि महिला को सराय में रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई और इस पूरे मामले की जानकारी किन लोगों को थी।

उन्होंने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। बलजिंदर कौर ने कहा कि हरसिमरत बादल ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता की बात कही है, इसलिए इस मामले में भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने कई अकाली और SGPC नेताओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। बलजिंदर कौर ने सवाल किया कि यदि शिकायतें पहले से सामने आई थीं, तो संबंधित संस्थाओं और पदाधिकारियों ने उस समय क्या कार्रवाई की।

इस बीच, SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। SGPC ने अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त की हैं और अमरजीत सिंह चावला का SGPC सदस्य के पद से इस्तीफा स्वीकार किया है।

बलजिंदर कौर ने मांग की कि इस पूरे मामले में महिला के लंबे समय तक SGPC परिसर में रहने, उसे उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और उसकी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि सामने आ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब मिल सके।