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बढ़ती मांग के बावजूद पंजाब में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति, घबराकर खरीदारी न करें: तेल कंपनियां

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने पंजाब सहित देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने का भरोसा दिया है। कंपनियों का कहना है कि हाल के दिनों में ईंधन की मांग में अचानक और तेज वृद्धि हुई है, लेकिन उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने संयुक्त रूप से बताया कि कृषि गतिविधियों और फसल कटाई के मौसम के कारण कई राज्यों में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत बढ़ी है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर अपेक्षाकृत कम कीमतों के कारण ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी है।

तेल कंपनियों ने कहा कि उनके टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन नेटवर्क, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और खुदरा आउटलेट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। आपूर्ति और परिवहन से जुड़ी टीमें 24 घंटे कार्यरत हैं ताकि ईंधन की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

कंपनियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। बढ़ती मांग को देखते हुए लॉजिस्टिक्स और वितरण प्रणाली की लगातार निगरानी की जा रही है।

आईओसीएल पंजाब के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख अशुतोष गुप्ता ने नागरिकों से अपील की कि वे सामान्य रूप से ईंधन खरीदें और किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी न करें। उन्होंने लोगों से ईंधन उपलब्धता संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों और तेल कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने का आग्रह किया।

हरियाणा में 1 मई से 20 मई तक पेट्रोल बिक्री में 26% तथा डीजल बिक्री में 19% की वृद्धि दर्ज की गई  मांग में अचानक और तेज़ी से वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं

हरियाणा / सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 22 मई, 2026: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) – इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल – देश भर में परिचालन और लॉजिस्टिक्स समन्वय जारी रखे हुए हैं ताकि कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग में अचानक और तीव्र वृद्धि के बावजूद पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

हाल के दिनों में, ओएमसी ने कई राज्यों में मौसमी कृषि गतिविधियों और कटाई कार्यों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उल्लेखनीय रूप से अधिक खपत देखी है। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम कीमत के कारण खुदरा ग्राहकों के सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेट्स की ओर रुख करने और संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के खुदरा ईंधन आउटलेट्स की ओर स्पष्ट रुझान के कारण भी अतिरिक्त मांग का दबाव उत्पन्न हुआ है।

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों और खुदरा आउटलेट्स के व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन और चुनिंदा खुदरा आउटलेट्स बाजारों में निर्बाध उत्पाद आवागमन और समय पर पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 24×7 कार्यरत हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए हैं।

तेल उद्योग उपभोक्ताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां स्टॉक की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और बढ़ी हुई मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए रसद और वितरण योजना पर घनिष्ठ समन्वय स्थापित कर रही हैं।

हरियाणा में 1 मई से 20 मई की अवधि के दौरान पेट्रोल बिक्री में 26% तथा डीजल बिक्री में 19% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्यभर में सुचारु एवं निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था को दर्शाता है।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सामान्य खरीदारी जारी रखें और अनावश्यक रूप से घबराकर खरीदारी करने से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

उप्र: पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर सरकार की सख्त निगरानी, अब तक 17 हजार से ज्यादा छापे

लखनऊ, 31 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी तथा अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापे मारे गए और निरीक्षण किए गए हैं। सरकार ने सोमवार देर रात एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया कि इस अवधि के दौरान, एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जबकि अन्य मामलों में 189 प्राथमिकियां दर्ज की गईं और 17 व्यक्तियों की गिरफ्तार किया गया। साथ ही, 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।

बयान में बताया गया कि मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और लगातार निगरानी की जा रही है।

इसमें कहा गया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हुई है वहीं वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।

बयान में कहा गया है कि एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी के साथ सरकार ने ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’ (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसबीच, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की भी अनुमति दे दी।

स्थिति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त के कार्यालय में 24 घंटे संचालित एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बयान में कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए सभी जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं।