ब्रेकिंग न्यूज़
तेल विपणन कंपनियों ने हरियाणा में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया

चंडीगढ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 15 अप्रैल 2026: तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने हरियाणा भर के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर, पर्याप्त है और वर्तमान मांग को पूरी तरह से पूरा करने में सक्षम है। राज्य में किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड़, पानीपत मंडल कार्यालय के हरियाणा राज्य स्तरीय समन्वयक , तेल उद्योग, श्री अनिल कुमार सिंह ने बताया कि एलपीजी आपूर्ति की स्थिति आरामदायक बनी हुई है। हरियाणा भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर एलपीजी का स्टॉक स्तर ऐतिहासिक मानकों के भीतर है, और पुनःपूर्ति योजनाबद्ध और निरंतर आधार पर की जा रही है। ओएमसी उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति सरकार की नीति के अनुरूप पूर्व-संकट स्तर के 70% तक बनाए रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के माध्यम से विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 2,000–2,500 सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जो पूर्व-संकट स्तर के अनुरूप है। इस प्रयास को समर्थन देने के लिए, ओएमसी द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय में समर्पित एलपीजी वितरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
श्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ओएमसी स्थिति की निकटता से निगरानी कर रहे हैं और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय में लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने और डिलीवरी में तेजी लाने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के साथ कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप, राज्य सरकार ने विभिन्न डीम्ड अप्रूवल जारी किए हैं, जिससे सीजीडी परियोजनाओं के सुचारू और तेज कार्यान्वयन तथा पीएनजी के प्रसार को सक्षम बनाया गया है।
एलपीजी उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी के समय डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) का उपयोग कर प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे पारदर्शी, परेशानी मुक्त डिलीवरी अनुभव और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर सेवा सुनिश्चित होती है।
उन्होंने बताया कि इस बीच, हरियाणा भर में पेट्रोल और एचएसडी (हाई-स्पीड डीजल) का स्टॉक सामान्य बना हुआ है। ओएमसी डिपो में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, और रिटेल आउटलेट्स पर निर्बाध बिक्री के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। ऑटोमोटिव ईंधनों की उपलब्धता को लेकर चिंता का कोई कारण नहीं है।
श्री अनिल ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 (पूर्व-संकट अवधि) के दौरान एचएसडी की खपत वृद्धि स्थिर (0%) रही, जबकि मार्च 2026 में मांग में 22% की तेज वृद्धि दर्ज की गई। ओएमसी ने इस वृद्धि को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक प्रबंधन और सुचारू किया। ओएमसी पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और जनता से घबराहट में खरीदारी से बचने का आग्रह करते हैं। मांग को सुचारू और कुशल तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

उप्र: पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर सरकार की सख्त निगरानी, अब तक 17 हजार से ज्यादा छापे

लखनऊ, 31 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी तथा अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापे मारे गए और निरीक्षण किए गए हैं। सरकार ने सोमवार देर रात एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया कि इस अवधि के दौरान, एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जबकि अन्य मामलों में 189 प्राथमिकियां दर्ज की गईं और 17 व्यक्तियों की गिरफ्तार किया गया। साथ ही, 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।

बयान में बताया गया कि मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और लगातार निगरानी की जा रही है।

इसमें कहा गया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हुई है वहीं वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।

बयान में कहा गया है कि एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी के साथ सरकार ने ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’ (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसबीच, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की भी अनुमति दे दी।

स्थिति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त के कार्यालय में 24 घंटे संचालित एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बयान में कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए सभी जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं।