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कपूरथला में कथित चुनावी रंजिश को लेकर विवाद, राणा गुरजीत सिंह ने गुंडागर्दी का लगाया आरोप

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला के अजीत नगर में बीती रात कथित चुनावी रंजिश को लेकर हुई झड़प के बाद कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ नवनिर्वाचित पार्षदों की टीम भी मौजूद रही। विधायक ने आरोप लगाया कि विदेश से आए शेरा नामक व्यक्ति के इशारे पर उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया।


राणा गुरजीत सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस उम्मीदवार बलवीर सिंह बीरा ने नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बलवीर सिंह की मदद करने वाले मंजीत सिंह के सहयोगी अंकुश शर्मा के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। साथ ही दुकान पर काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी धमकाया गया।


विधायक के अनुसार पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ युवक दुकान के अंदर घुस आए और सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर मौके से फरार हो गए। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि शहर में किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


घटना की सूचना मिलने पर थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एक युवक को पूछताछ के लिए राउंडअप भी किया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।


थाना सिटी प्रभारी अमनदीप नाहर ने बताया कि पुलिस ने दुकान के अंदर लगी सीसीटीवी प्रणाली की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई भी शिकायतकर्ता औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आया है। इसी कारण राउंडअप किए गए युवक को छोड़ना पड़ा।


राणा गुरजीत सिंह ने दावा किया कि शनिवार दोपहर को भी शेरा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण वह फरार हो गया।


दूसरी ओर थाना प्रभारी अमनदीप नाहर ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस शेरा को पकड़ने के लिए उसके घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी जिम्मेदारी से अपना काम कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच किसी पारिवारिक विवाद को लेकर पहले से तनाव चल रहा था, जिसके चलते विवाद बढ़कर झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

विवादित बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने मांगी माफी, बोले- किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं

अमृतसर / सत्ता संदेश

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाल ही में दिए गिए विवादित बयान पर माफी मांगी। बिट्टू ने कहा कि अगर उनके मुंह से निकले कुछ शब्दों की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। तो वह दिल से अफसोस जताते हैं और इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उनका कभी भी किसी SC, OBC, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय को नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस दौरान ये विवादित शब्द बोले गए। उस दौरान माहौल बहुत गरम था और पुलिस और दूसरे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।


रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसे चुनाव क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि रहे हैं, जहां SC समुदाय की आबादी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा हर वर्ग और समुदाय का सम्मान किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि वह हर समुदाय के साथ अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के लिए काम करते रहे हैं।
बिट्टू ने कहा कि अगर उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह सभी सामाजिक संगठनों, NGO, डेरों और धार्मिक नेताओं से भी माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक जगह या कैंप में जाकर भी अपना अफ़सोस ज़ाहिर करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का बोझ है कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया।


पंजाब BJP की लीडरशिप के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टू ने कहा कि सभी नेता पार्टी हाईकमान के फ़ैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और सीनियर नेता हैं, जिनका सम्मान करना सबका फ़र्ज़ है। उनके मुताबिक, सीनियर नेता हमेशा गाइडेंस देते हैं और उनकी राय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों पर हमले और हथियार लूटने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है और समाज के हर वर्ग को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है, तो कई बार उन्हें अलग-अलग लेवल पर विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलें आती हैं। बिट्टू ने तर्क दिया कि पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए मज़बूत और निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए जा रहे बयान इस बात का संकेत हैं कि पार्टी में एकता की कमी है।
अपने भाषण के आखिर में, बिट्टू ने दोहराया कि वह समाज के हर वर्ग का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों को और सोच-समझकर चुनेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

कपूरथला पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

कपूरथला / सत्ता संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कपूरथला दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शेखूपुर स्थित माता भद्रकाली मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम पासी के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।


प्रेस वार्ता के दौरान नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं और बड़े स्तर पर वोट चोरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं तथा बैलेट पेपर से चुनाव करवाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार से डरी हुई है।


गठबंधन संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री सैनी ने दोहराया कि भाजपा को किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी। कांग्रेस या आम आदमी पार्टी के नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की बात को भी उन्होंने खारिज किया।


पंजाब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा का कमल का फूल और अधिक मजबूती के साथ खिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर पंजाब में भाजपा को मजबूत करेंगे और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों और पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी राय रखते हों, लेकिन वह भाजपा के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं और पार्टी में उनका पूरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर टिप्पणी करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और केवल तालियां बजवाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि तालियां बजाने से लोगों का पेट नहीं भरता। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, गैंगस्टरवाद को बढ़ावा मिला है और विकास कार्यों के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शाम पांच बजे के बाद “रंगला पंजाब” बनाना शुरू कर देते हैं, जिसके बारे में सभी जानते हैं


पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब भी उनकी अपनी धरती है। गुरुओं, पीरों और संत-महात्माओं से मिली सीख के अनुसार ही दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

पंजाब में 2027 का लक्ष्य तय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बोले- राज्य में खिलेगा कमल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

Bharatiya Janata Party की पंजाब इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद Keval Singh Dhillon ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत कर नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के तुरंत बाद ढिल्लों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

76 वर्षीय ढिल्लों ने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य पंजाब में भाजपा की सरकार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनाधार बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब लंबे समय से कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बेरोजगारी, नशाखोरी, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट प्रमुख हैं। भाजपा इन मुद्दों का स्थायी समाधान देने के लिए जनता के बीच जाएगी और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पंजाब में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

ढिल्लों का राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है और वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपने जनाधार को बढ़ाने में सफल होगी।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों का लाभ पार्टी को पंजाब में भी मिलेगा। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।

पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा का यह दावा कि 2027 में पंजाब में “कमल खिलेगा”, राज्य की राजनीति में नई बहस और चुनावी चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान मजीठिया का AAP सरकार पर हमला, कहा– लोकतंत्र को दबाने की कोशिश हो रही है

मजीठा / सत्ता संदेश

हाईकोर्ट के दखल से बचा लोकतंत्र, कई वार्डों में नामांकन रद्द करने और वोटों में छेड़छाड़ के लगाए आरोप

पोलिंग बूथ के पास नारेबाजी और धक्कामुक्की के आरोप, मजीठिया ने पुलिस और चुनाव अधिकारियों को दी चेतावनी

पोलिंग स्टाफ के लिए चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था की मांग, कहा– कर्मचारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ड्यूटी निभा रहे हैं

मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान वोट डालने पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और उनकी पत्नी एवं विधायक गनीव कौर मजीठिया ने मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस मौके पर मजीठिया ने कहा कि जब भी लोकतंत्र को मजबूत करने की बात आती है, उनका परिवार हमेशा आगे रहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अमन-शांति, भाईचारे और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक को बिना किसी डर और दबाव के अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए।

मजीठिया ने दावा किया कि मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर और एसडीएम की बदली, अलग-अलग वार्डों में उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द करना, वोटर सूचियों में हेराफेरी और वोट काटने के मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के ध्यान में लाया गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया।

अकाली नेता ने चुनाव अधिकारियों और पोलिंग स्टाफ से अपील करते हुए कहा कि वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुनिश्चित की जाए और कोई भी अधिकारी सरकार को खुश करने के लिए ऐसी गलती न करे, जिसके कारण भविष्य में उसे जवाबदेह होना पड़े। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में पूरी चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा होगी।

वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ के पास आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी किए जाने का जिक्र करते हुए मजीठिया ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थक 100 मीटर की सीमा के भीतर मौजूद रहे और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सबूत और वीडियो चुनाव आयोग तथा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर को भेजे जाएंगे।

इसके अलावा मजीठिया ने पोलिंग स्टाफ की सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी निभा रहे अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों के लिए चाय-पानी और भोजन का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए, क्योंकि वे पूरी रात और दिन लोकतंत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

मजीठिया ने अंत में कहा कि लोग जिसे चाहे वोट दें, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली जीत तभी होगी जब जनता के फैसले को बिना किसी रुकावट के स्वीकार किया जाएगा।

पंजाब निकाय चुनाव में हिंसा के बीच 61.5% मतदान: कहीं चलीं गोलियां, कहीं हुआ पथराव; कई उम्मीदवार घायल

पंजाब डेस्क: पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए मंगलवार को हुए मतदान में भारी हिंसा और झड़पों के बावजूद 61.5% वोटिंग दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और टकराव की खबरें सामने आईं।चुनावी हिंसा और झड़पें मतदान के दौरान कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण रही:

पटियाला (समाना): यहाँ पुलिस और भीड़ के बीच जबरदस्त पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। हवाई फायरिंग की भी खबरें मिली हैं।

लुधियाना (रायकोट): वार्ड नंबर-4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लुधियाना के डीमसी अस्पताल रेफर किया गया।

बठिंडा: यहाँ भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष घायल हो गए। बचाव में समर्थकों ने हवा में गोलियां चलाईं।

बरनाला: यहाँ भाजपा उम्मीदवार के पति पर तेजधार हथियार से हमला किया गया और उनकी पगड़ी उतार दी गई।

राजनीतिक आरोप: प्रत्यारोप चुनाव के दौरान गंभीर आरोप भी लगाए गए। फरीदकोट में AAP विधायक गुरदित्त सेखों ने भाजपा पर वोटरों को लाने के लिए आर्मी स्कूल बस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, अमृतसर के मजीठा में अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया और SSP के बीच तीखी बहस हुई। विरोध के एक अनोखे तरीके में, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी पर वोट डालने पहुंचे।

2027 का लिटमस टेस्ट: इन चुनावों को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि साढ़े चार साल बाद सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ (सरकार विरोधी लहर) है या नहीं।

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूटी, केंद्र सरकार महंगाई रोकने में फेल: कुलवंत सिंह सिद्धू

लुधियाना / सत्ता संदेश

डीजल महंगा होने से धान के सीजन में किसानों पर बढ़ेगा बोझ और घरेलू बजट भी हिला, लोग परेशान: विधायक सिद्धू

केंद्र सरकार तुरंत दखल देकर लोगों को राहत दे: कुलवंत सिंह सिद्धू

तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ हलका आत्म नगर के विधायक सिद्धू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विधानसभा हलका आत्म नगर से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने सोमवार को पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है और घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि महंगाई ने जनता की “कमर तोड़” दी है और लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में राहत देने की बजाय केंद्र सरकार ने आम नागरिकों को अकेला छोड़ दिया है। विधायक सिद्धू ने कहा कि आर्थिक तंगी के समय में लोगों के साथ खड़े होना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मोदी की अगुवाई वाली सरकार महंगाई को काबू करने और जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आने वाले झोने के सीजन पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अब ट्रैक्टरों, ट्यूबवेलों और अन्य कृषि मशीनरी के लिए डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ढुलाई की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम और बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग के परिवार और रोजाना दिहाड़ीदार लोग तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है।

जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, खराब सड़कों की हालत पर उठाए सवाल

लुधियाना / सत्ता संदेश

आम आदमी पार्टी के विधायक Jaspal Singh Giaspura ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्षेत्र की खराब सड़कों और अधूरे विकास कार्यों को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय से टूटी सड़कों, जलभराव और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या से जूझ रही है, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि कई इलाकों में सड़कें इतनी खराब हो चुकी हैं कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि खराब सड़कों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए और लंबित विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थानीय निवासियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं और क्षेत्र में बेहतर बुनियादी सुविधाओं की मांग की।

नाभा के वार्ड नंबर 13 से उम्मीदवार ऊषा मगो के समर्थन में किया गया चुनाव प्रचार स्थानीय लोगों के भारी उत्साह और समर्थन के कारण एक बड़े जश्न में बदल गया।

नाभा / सत्ता संदेश

इस चुनाव अभियान के दौरान वार्ड निवासियों ने ढोल की थाप पर भंगड़ा डालकर उम्मीदवार का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी जीत का भरोसा जताया।

चुनाव प्रचार की मुख्य विशेषताएं

जोरदार स्वागत:
ऊषा मगो के वार्ड में पहुंचने पर स्थानीय लोगों और महिलाओं ने फूलों की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।

ढोल-धमाका:
चुनाव प्रचार के दौरान ढोलियों द्वारा बजाए गए ढोल की ताल पर युवाओं और वार्ड वासियों ने खुशी में भंगड़ा डाला।

घर-घर संपर्क:
उम्मीदवार ने अपने साथियों सहित वार्ड के हर घर में जाकर मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया।

महिला शक्ति:
इस चुनाव प्रचार में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जो ऊषा मगो की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

वार्डवासियों के मुख्य मुद्दे और वादे

ऊषा मगो ने चुनाव सभाओं को संबोधित करते हुए वार्ड नंबर 13 के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए:

  • वार्ड की गलियों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना।
  • हर घर तक साफ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पहुंचाना।
  • रात के समय सुरक्षा के लिए वार्ड के हर कोने में नई स्ट्रीट लाइटें लगवाना।
  • टूटी हुई गलियों और सड़कों का पक्का निर्माण करवाना।

जनता का समर्थन

इस मौके पर मौजूद वार्डवासियों ने कहा कि ऊषा मगो एक मेहनती और लोगों के दुख-सुख में साथ खड़े रहने वाले उम्मीदवार हैं। लोगों ने एकजुट होकर उन्हें भारी मतों से जिताने का संकल्प लिया।

इस जबरदस्त समर्थन को देखकर ऊषा मगो ने सभी वार्डवासियों का धन्यवाद किया और विश्वास दिलाया कि जीत के बाद वे वार्ड की तस्वीर बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।