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भीषण गर्मी से बचने शिमला पहुंचे सैलानी, 72 घंटे में 70 हजार वाहन शहर में दाखिल

शिमला / सत्ता संदेश

मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी वजह से शिमला में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है और शहर के कई हिस्सों में बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 दिनों में शिमला में कुल 6 लाख 31 हजार वाहन पहुंचे हैं। इनमें से करीब 70 हजार वाहन सिर्फ पिछले 72 घंटों में शहर में दाखिल हुए।

हालांकि पर्यटन सीजन अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला पहले ही पर्यटकों और वाहनों से भर चुकी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से लगभग 3 लाख 70 हजार वाहन शिमला पहुंचे हैं। इसके अलावा किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू मार्ग से भी बड़ी संख्या में पर्यटक वाहनों का आगमन हुआ है।

उन्होंने कहा कि अचानक बढ़े पर्यटक दबाव के कारण शहर की पुरानी पार्किंग समस्या और गंभीर हो गई है। पिछले एक सप्ताह में 1 लाख 54 हजार 450 वाहन शिमला पहुंचे, जबकि केवल पिछले 72 घंटों में करीब 70 हजार वाहनों की एंट्री दर्ज की गई।

यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने शिमला को पांच जोनों में बांटा है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। ट्रैफिक कंट्रोल में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है।

जाम कम करने के लिए पुलिस वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही है। ऊपरी शिमला जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली मार्ग से भेजा जा रहा है ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद 31 मई के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन जून के पहले सप्ताह में चरम पर पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष उत्तर और पश्चिम भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पर्यटन सीजन समय से पहले ही शुरू हो गया है।

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए राष्ट्रीय क्‍विज का शुभारंभ

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्‍यम से राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। यह प्रश्नोत्तरी जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांवों के लिए सहभागिता कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए चयन का पहला चरण है।

युवाओं के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पहल विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का उद्देश्य लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीमावर्ती गांवों के विकास के प्रति जागरुकता बढाना और जमीनी स्तर की भागीदारी, सामुदायिक जुड़ाव तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है।

10 से 20 मई 2026 तक आयोजित इस ऑनलाइन क्विज में देशभर के युवा भाग ले सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दृष्टिकोण और उद्देश्यों के बारे में जागरुक करना है, साथ ही राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती समुदायों के विकास में युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

यह क्विज प्रतिभागियों के लिए सीमावर्ती गांवों के परिवर्तन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण के प्रति जागरुकता, शासन संबंधी पहलों, सामुदायिक भागीदारी और सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।

क्विज़ में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की पात्रता और फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 500 मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जो जून 2026 में आयोजित होने वाले साप्‍‍ताहिक विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में भाग लेंगे।

चयनित स्वयंसेवक सीमावर्ती गांवों में जमीनी स्तर के कार्यों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान, युवा संवाद कार्यक्रम, पर्यावरण संबंधी पहल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियां, जागरुकता अभियान, करियर परामर्श सत्र और जमीनी स्तर के विकास और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर शामिल होंगे।

यह पहल युवाओं को विकसित भारत @2047 में सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में सशक्त बनाने और जीवंत सीमावर्ती समुदायों के महत्व के बारे में जागरुकता बढाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इच्छुक युवा मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्यम से इस क्विज में भाग ले सकते हैं।

तेल विपणन कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश भर में ईंधन व LPG की सामान्य आपूर्ति का आश्वासन दिया

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

तेल विपणन कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश भर में ईंधन व LPG की सामान्य आपूर्ति का आश्वासन दिया

मोटर स्पिरिट, हाई-स्पीड डीजल व घरेलू LPG की बिक्री सामान्य बनी हुई: श्री अशुतोष गुप्ता

चंडीगढ़, 21 अप्रैल 2026: ईंधन उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच, आईओसीएल पंजाब राज्य कार्यालय के कार्यकारी निदेशक व राज्य प्रमुख श्री अशुतोष गुप्ता, जो पंजाब में तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक भी हैं, ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नागरिकों को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों व LPG की आपूर्ति स्थिर व पर्याप्त बनी हुई है। उन्होंने आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न होने पर जोर दिया और उपभोक्ताओं से न घबराने का आग्रह किया।

श्री सुषांत कुमार, राज्य स्तरीय समन्वयक (SLC), चंडीगढ़, तथा श्री परमेश्वर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लिए LPG प्रभारी, कॉन्फ्रेंस के दौरान उपस्थित रहे।

तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने जनता को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश भर में पेट्रोलियम उत्पादों व LPG की आपूर्ति स्थिर व वर्तमान मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। श्री अशुतोष गुप्ता ने कहा कि मोटर स्पिरिट (MS) व हाई-स्पीड डीजल (HSD) का स्टॉक राज्य भर में सामान्य है। OMC डिपो स्वस्थ इन्वेंटरी स्तर बनाए हुए हैं, जबकि रिटेल आउटलेट्स के पास निर्बाध बिक्री सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त स्टॉक है। ऑटोमोटिव ईंधनों की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता का विषय नहीं है।

भारत की LPG आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने वाले चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं तक निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए करीबी निगरानी की जा रही है। और इतना ही नहीं घरेलू LPG को सर्वोच्च प्राथमिकता मिल रही है।

तेल विपणन कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश के घरों में LPG की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी है, सिलेंडर वितरण संकट पूर्व स्तरों के लगभग अनुसार जारी है।

ग्राहकों से रिफिल बुकिंग के लिए SMS व IVRS जैसे डिजिटल तरीकों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 91% बुकिंग्स डिजिटल मोड से प्राप्त हो रही हैं। श्री अशुतोष गुप्ता ने जानकारी दी कि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनुपालन लगभग 85% है ताकि सिलेंडर वास्तविक ग्राहकों तक पहुँचें और फिलहाल डिजिटल बुकिंग व DAC अनुपालन का अखिल भारतीय औसत क्रमशः 95% व 90% है।

OMCs सोशल मीडिया पर उठी चिंताओं पर सक्रिय रूप से निगरानी कर रही हैं व प्रतिक्रिया दे रही हैं, वास्तविक मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही हैं। प्रासंगिक अपडेट व जानकारी आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से नियमित रूप से साझा की जा रही है।

कुछ LPG वितरकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। काला बाजारी व भंडारण रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश भर में LPG वितरकताओं का आकस्मिक निरीक्षण करने हेतु बहु-कार्यात्मक टीमें तैनात की गई हैं। दोषपूर्ण वितरकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, वितरक प्रदर्शन मापदंडों का डेटा विश्लेषण किया जा रहा है ताकि अनियमितताएँ पहचानी जा सकें व निरीक्षण प्रयासों का मार्गदर्शन हो। OMCs हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ निकट समन्वय में कुप्रथाओं को नियंत्रित करने व जमाखोरी रोकने के लिए कार्यरत हैं, राज्य भर में कई प्रवर्तन छापेमारी पहले से ही कर ली गई हैं।

ग्राहकों से घबराहटपूर्ण बुकिंग या LPG सिलेंडरों का भंडारण न करने, अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है। सटीक जानकारी हेतु केवल आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करें। LPG आपूर्ति व वितरण सामान्य व स्थिर बना हुआ है, कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अनावश्यक रूप से LPG वितरकताओं पर कतार न लगाने का भी अनुरोध किया गया है।

मांग का समर्थन करने हेतु, वाणिज्यिक LPG आवंटन को संकट पूर्व स्तरों के 70% तक बढ़ाया गया है। अतिरिक्त उपायों में प्रवासी मजदूरों व अन्य कमजोर वर्गों का समर्थन करने हेतु 5 किग्रा फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडरों का आवंटन दोगुना करना शामिल है।

तेल विपणन कंपनियाँ LPG की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने, और कुप्रथाओं के विरुद्ध कड़े उपाय लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही हैं।

हिमाचल जाना हुआ महंगा! वाहन एंट्री फीस में भारी बढ़ोतरी से मचा हड़कंप, जानें अब किस गाड़ी के लिए कितनी देनी होगी जेब ढीली

नेशनल डेस्क : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों की एंट्री फीस में भारी इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे अब पंजाब के लोगों के लिए हिमाचल की सैर करना महंगा हो जाएगा। सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के बाद नंगल और इसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों के निवासियों ने इस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया है।

रिश्तेदारियों पर पड़ेगा असर : इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा वे लोग प्रभावित होंगे जिनकी रिश्तेदारियां हिमाचल प्रदेश के गांवों में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपने रिश्तेदारों से मिलने जाने के लिए वाहनों की दोगुनी फीस चुकानी होगी, जो उनके बजट पर भारी बोझ डालेगा।

वाहनों की नई दरें इस प्रकार हैं: नोटिफिकेशन के अनुसार, विभिन्न वाहनों के लिए अब निम्नलिखित शुल्क देय होगा:

-5-सीटर कार: 130 रुपये

-इनोवा, जीप, थार और वैन: 170 रुपये

-मिनी बस और टेम्पो: 320 रुपये-बस और ट्रक: 570 रुपये

-भारी ट्रक: 600 रुपये-टिप्पर: 800 रुपये-भारी ट्राले: 900 रुपये

पर्यटन और व्यापार पर संकट: फीस में इस वृद्धि का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि पर्यटन और माल ढुलाई (freight) पर भी पड़ेगा।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल आते हैं। शिमला के होटल कारोबारियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस फैसले से पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान होगा। कारोबारियों ने सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है।