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यूआईडीएआई ने हरियाणा में आधार सेवाओं का विस्तार किया, गुरुग्राम में नया आधार सेवा केंद्र शुरू

हरियाणा / सत्ता संदेश

यूआईडीएआई ने हरियाणा में आधार सेवाओं का विस्तार किया, गुरुग्राम में नया आधार सेवा केंद्र शुरूचंडीगढ़, 20 मई 2026: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने हरियाणा में अपनी सेवा वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए गुरुग्राम में एक नए आधार सेवा केंद्र (एएसके) का शुभारंभ किया है। यह केंद्र प्लॉट नंबर 804, प्रथम तल, सरस्वती विहार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, चक्करपुर मेन मार्केट रोड, चक्करपुर विलेज, सेक्टर-12, गुरुग्राम – 122002, हरियाणा में स्थित है। केंद्र का उद्घाटन आज निदेशक कर्नल हरमीत सिंह कपूर द्वारा किया गया।

नव स्थापित आधार सेवा केंद्र का उद्देश्य नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं अधिक सुगमता, दक्षता और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराना है। यहां निवासी आधार नामांकन, नाम, पता एवं जन्म तिथि जैसे जनसांख्यिकीय विवरणों में संशोधन के साथ-साथ बायोमेट्रिक अपडेट की सेवाएं भी प्राप्त कर सकेंगे।

इस नए केंद्र के शुरू होने से विशेष रूप से आसपास के कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब आधार सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र में आधुनिक अवसंरचना, प्रशिक्षित कर्मियों एवं सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि नागरिकों को न्यूनतम प्रतीक्षा समय में बेहतर सेवा अनुभव प्राप्त हो सके।

यूआईडीएआई के अनुसार, इस आधार सेवा केंद्र की स्थापना से मौजूदा केंद्रों पर भीड़ कम होगी, अनुरोधों का त्वरित निपटान सुनिश्चित होगा तथा आधार सेवाओं की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। इसके साथ ही सेवाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह केंद्र वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए आधार सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर पहुंच से अधिक निवासी अपने आधार विवरण समय-समय पर अद्यतन रख सकेंगे, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी एवं वित्तीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

यूआईडीएआई ने हरियाणा के निवासियों से अपील की है कि वे नामांकन एवं अपडेट संबंधी आवश्यकताओं के लिए इस आधार सेवा केंद्र का उपयोग करें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक वैध दस्तावेज साथ लेकर आएं अथवा सुविधा हेतु ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें।

अधिक जानकारी के लिए निवासी यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट अथवा अपने निकटतम आधार सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

सौ  संगठन आधार के ऑफलाइन सत्यापन में शामिल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ये संगठन सरकारी विभागों, वित्तीय फिनटेक और आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित

नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2026: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में तीन महीनों के भीतर कम से कम सौ संगठन ओवीएसई के रूप में पंजीकृत हुए हैं। यह उपलब्धि आधार ऑफलाइन तंत्र के माध्यम से सुरक्षित, सहमति-आधारित और कागज रहित सत्यापन को सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम है – जिसके माध्यम से सेवा प्रदाताओं और आम जनता दोनों को समान रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इन संगठनों में केंद्र और राज्य दोनों के सरकारी विभाग, फिनटेक कंपनियां, इवेंट मैनेजमेंट और आतिथ्य-सत्कार संगठन, शिक्षा तथा परीक्षा संबंधी संस्थाएं, पहचान सत्यापन, पृष्ठभूमि सत्यापन संगठन एवं कार्यबल सत्यापन कंपनियां शामिल है।

आधार के ऑफलाइन सत्यापन में इन संगठनों के शामिल होने से सेवा वितरण की समयबद्धता में सुधार होने, परिचालन संबंधी बाधाओं में कमी आने और भौतिक दस्तावेज़ प्रबंधन और मैन्युअल सत्यापन प्रक्रियाओं से जुड़ी लागतों में कमी आने की उम्मीद है। इन ओवीएसई भागीदारों का जुड़ना आधार-आधारित, गोपनीयता-प्रथम डिजिटल सत्यापन ढांचों में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है जो उपयोगकर्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए पहुंच में आसानी सुनिश्चित करते हैं।

ये संगठन आधार ऑफलाइन सत्यापन विधियों जैसे कि क्यूआर कोड-आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का लाभ उठाकर, अब यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्टिविटी की आवश्यकता के बिना पहचान संबंधी जानकारी “दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने” में सक्षम होंगे।

यह वितरित मॉडल लचीलापन, विस्तारशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जो समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण और लोगों को अपनी जानकारी पर नियंत्रण रखने और स्वेच्छा से अपनी इच्छा अनुसार जानकारी साझा करने की व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

यह पहल सेवा प्रदाताओं के साथ लोगों की बातचीत को सरल बनाकर “जीवन की सुगमता” को बढ़ाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के चल रहे प्रयासों की पूरक है, जिससे  आधार धारकों को शीघ्र पंजीकरण, कम कागजी कार्रवाई और अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण का लाभ मिलेगा।