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पिज्ज़ा से निकली जिंदा सुंडी | फूड कैफे और ग्रॉसरी स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : परमिंदर वर्मा

माछीवाड़ा साहिब में एक फूड कैफे से खरीदे गए पिज्ज़ा में सुंडी निकलने का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फूड कैफे और उससे जुड़े एक ग्रॉसरी स्टोर पर छापेमारी की, जहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जानकारी के अनुसार, गांव हेडों बेट निवासी विशाल ने स्थानीय हंगरी प्वाइंट से खाने के लिए पीज़ा ऑर्डर किया था। जब पीज़ा उनकी टेबल पर पहुंचा तो उन्होंने उसमें एक सुंडी रेंगती हुई देखी। विशाल ने तुरंत इसकी शिकायत कैफे के मैनेजर से की। मैनेजर ने पीज़ा बदलने की पेशकश की, लेकिन विशाल ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया और पूरे मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी।

सूचना मिलते ही एसएमओ डॉ. लखविंदर सिंह के निर्देश पर डॉ. दविंदर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान फूड कैफे में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई कमियां मिलीं। डॉ. दविंदर वर्मा ने बताया कि कैफे के मैनेजर ने भी पीज़ा में सुंडी मिलने की बात स्वीकार की।

इसके बाद नगर कौंसिल के इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह ने फूड कैफे का चालान कर नियमानुसार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान कैफे में घरेलू गैस सिलेंडर भी मिला। हालांकि मैनेजर ने दावा किया कि वह सिलेंडर किसी कर्मचारी का है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यदि व्यापक जांच की जाए तो कई होटल, फूड कैफे और रेहड़ी संचालकों द्वारा व्यावसायिक सिलेंडरों की जगह घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैफे के ऊपर स्थित मोर ग्रॉसरी स्टोर की भी जांच की, जहां बड़ी मात्रा में दो महीने से अधिक समय पहले एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद बिक्री के लिए रखे मिले। विभाग ने एक्सपायर्ड सामान जब्त कर नगर कौंसिल की कूड़ा ट्रॉली में नष्ट करवाया और स्टोर का भी चालान किया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि बाहर का भोजन खाते समय सतर्क रहें और किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें।

मिलावटखोरों पर हेल्थ विभाग का शिकंजा, संदिग्ध देसी घी और पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

अमृतसर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामबाग स्थित एक डेयरी पर छापेमारी की। इस दौरान पनीर के सैंपल लिए गए और करीब 7 क्विंटल देसी घी को सील कर जांच के लिए भेजा गया।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब की कमिश्नर कमलप्रीत कौर बराड़ तथा डिप्टी कमिश्नर अमृतसर दलविंदरजीत सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न डेयरियों और दूध से बने उत्पाद बेचने वाली दुकानों की जांच की सहायक कमिश्नर फूड राजिंदरपाल सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने से दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत प्राप्त शिकायत के आधार पर रामबाग क्षेत्र में स्थित एक डेयरी पर तड़के छापेमारी की गई।


छापेमारी के दौरान पनीर के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए। इसके अलावा डेयरी में मौजूद ‘प्रभु देसी घी’ ब्रांड के 48 टिन, जिनका कुल वजन लगभग 7 क्विंटल था, को सील कर दिया गया। यह घी हरियाणा के सिरसा में निर्मित बताया गया है। घी के सैंपल भी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. चरणजीत सिंह बजाज ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और लोगों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।