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मानेसर में EV कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम, BIS ने मानकों और प्रमाणन पर दी जानकारी

गुरुग्राम / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), करनाल की ओर से मानेसर में आयोजित दो दिवसीय विद्युत वाहन (EV) कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन 1 और 2 सितंबर 2026 को आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में किया गया।

इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता मानकों और नियामक प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत को जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

BIS ने लगाया जागरूकता स्टॉल

कार्यक्रम में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से विशेष स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित भारतीय मानकों, शोध प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। इनमें भारत का राष्ट्रीय विद्युत संहिता भी शामिल रही।

इसके अलावा BIS के प्रकाशन ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ को भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और गुणवत्ता के महत्व को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों को जानकारी दी गई।

BIS स्टॉल पर विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।

MSME की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर चर्चा

MSME-DFO, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों के साथ BIS स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान खास तौर पर तेजी से उभर रहे इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में काम कर रहे MSMEs की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में स्वीकार्यता को मजबूत करने में भारतीय मानकों तथा अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।

EV मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर तकनीकी सत्र

कार्यक्रम के पहले दिन 1 सितंबर को BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से ‘विद्युत वाहनों के लिए मानक एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में नवीनतम विकास’ विषय पर तकनीकी सत्र में भाग लिया गया।

इस सत्र में BIS के वैज्ञानिक-डी सौरभ चंद्र ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने MSMEs और अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में हुए नवीनतम विकास की जानकारी दी।

प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों और संबंधित उत्पादों के लिए लागू मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

‘मानक बाधा नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा का माध्यम’

कार्यक्रम में ‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा या समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मानक गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को भारत को गुणवत्ता-सचेत राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताएं और MSMEs के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएं प्रमुख रहीं।

दूसरे दिन उद्योग और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद

कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को BIS अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, विनिर्माताओं और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

हितधारकों ने BIS प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और आवश्यकताओं के आधार पर मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को लेकर भी व्यावहारिक सवाल उठाए गए। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जब BIS प्रमाणित उत्पाद में बाद में गुणवत्ता या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या सामने आती है। अधिकारियों ने शिकायतों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी।

66 प्रदर्शनी स्टॉल, 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रदर्शनी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने वाले करीब 66 स्टॉल लगाए गए।

प्रदर्शनी में 1,000 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य हितधारक शामिल रहे।

EV सेक्टर में गुणवत्ता और मानक जागरूकता को बढ़ावा

मानेसर में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। BIS की सहभागिता के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विक्रेता विकास कार्यक्रम के माध्यम से BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में गुणवत्ता, मानक जागरूकता और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही BIS और MSME-DFO, करनाल के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए मार्गदर्शन देने का अवसर भी मिला।

PSEB Books Home Delivery: कक्षा 1 से 12 की किताबें अब भारतीय डाक से घर पहुंचेंगी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB), मोहाली ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कक्षा I से XII तक की पाठ्य-पुस्तकें भारतीय डाक के जरिए घर-घर पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और डाक विभाग, पंजाब परिमंडल, चंडीगढ़ के बीच 1 सितंबर 2026 को समझौता हुआ।

इस सुविधा के तहत विद्यार्थी, अभिभावक और स्कूल Pustak Portal के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्य-पुस्तकों को ऑनलाइन खरीद सकेंगे। ऑनलाइन ऑर्डर करने के बाद भारतीय डाक अपने व्यापक नेटवर्क के माध्यम से किताबों की घर तक डिलीवरी करेगा।

इससे पहले पुस्तक पोर्टल से किताबें खरीदने के बाद खरीदारों को उन्हें बोर्ड द्वारा निर्धारित जिला कार्यालयों से स्वयं जाकर लेना पड़ता था। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। विद्यार्थी और अभिभावक घर बैठे किताबों का ऑर्डर कर सकेंगे और 15 प्रतिशत की छूट का लाभ भी उठा सकेंगे।

ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा

PSEB की यह पहल खास तौर पर पंजाब के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब पाठ्य-पुस्तकों के लिए जिला कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों के समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी।

एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवश्यक पाठ्य-पुस्तकों का ऑर्डर किया जा सकेगा और भारतीय डाक के माध्यम से किताबें घर बैठे प्राप्त की जा सकेंगी।

समझौते के अवसर पर डॉ. अमरपाल सिंह, IAS (Retd.), अध्यक्ष, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली, श्री सकतर सिंह बल, सचिव, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, कुमार संजीव, IPoS, प्रवर अधीक्षक डाकघर, चंडीगढ़ मंडल, श्री किशोरी लाल, प्रभारी, बीपीसी चंडीगढ़ सहित दोनों विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

CCA पंजाब में अंगदान पर जागरूकता कार्यक्रम, 30 कर्मचारियों ने ली अंगदान की प्रतिज्ञा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत सरकार के “जुग जुग जियो अभियान” के तहत नियंत्रक संचार लेखा (CCA), पंजाब, चंडीगढ़ कार्यालय में बुधवार को अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस मानवीय कार्य में योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन ROTTO North, PGIMER, Chandigarh के सहयोग से किया गया। इस दौरान ROTTO North की टीम ने अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित करने के साथ-साथ अंगदान प्रतिज्ञा शिविर में भी सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम में ROTTO North, PGIMER की Consultant (IEC/Media) सरयू डी. मद्रा ने विस्तृत और जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने अंग एवं ऊतक दान की आवश्यकता, इसके महत्व, अंगदान की प्रक्रिया और प्रतिज्ञा लेने के तरीके के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों और शंकाओं को दूर करने के लिए भी आवश्यक जानकारी साझा की।

इस अवसर पर नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब, विजेंद्र नारायण टंडन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने अंगदान को महान मानवीय कार्य बताते हुए कहा कि यह प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे जरूरतमंद लोगों के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों के बीच भी अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान ROTTO North की ओर से अंगदान प्रतिज्ञा शिविर भी लगाया गया। शिविर का संचालन सुश्री रितिका, श्री जगतार सिंह और Student Volunteer सुश्री आनंदी ने किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। कुल 62 कर्मचारियों में से 30 कर्मचारियों ने मौके पर ही अंग एवं ऊतक दान की प्रतिज्ञा ली।

अंगदान की प्रतिज्ञा लेने वाले कर्मचारियों की सहभागिता ने अंग एवं ऊतक दान के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन का नया अवसर देने वाली महान मानवीय सेवा है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए ROTTO North की टीम के सदस्यों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, सुश्री सरयू डी. मद्रा और ROTTO North टीम के सदस्यों का प्लांटर भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सरयू डी. मद्रा और ROTTO North, PGIMER की पूरी टीम का उनके बहुमूल्य समय, ज्ञानवर्धक प्रस्तुति और सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। कार्यक्रम ने अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और समाज में इसके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

EPFO चंडीगढ़ ने AMNESTY, VISHWAS, PM-ABRY जैसी जागरूकता संगोष्ठी के बारे में दी जानकारी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ की ओर से मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (MIA), मोहाली में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार योजनाओं को लेकर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में AMNESTY 2026, VISHWAS 2026, कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के बारे में नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों को विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, महासचिव राकेश विग और चेयरमैन जसबीर सिंह सहित एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. के.पी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I एवं प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने की। इस अवसर पर श्री नीरज श्रीवास्तव, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I, आंचलिक कार्यालय पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान EPFO अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े सांविधिक प्रावधानों, उपलब्ध लाभों और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

AMNESTY 2026 योजना की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि AMNESTY 2026 के तहत ऐसे भविष्य निधि न्यासों (Provident Fund Trusts) को अपनी छूट स्थिति नियमित करने का अवसर दिया जा रहा है, जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त है, लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत औपचारिक छूट प्राप्त नहीं हुई है।

VISHWAS 2026 से विवादों के एकमुश्त निपटारे का अवसर

VISHWAS 2026 योजना के तहत प्रतिष्ठानों को कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 14बी और/या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 128 के तहत क्षतिपूर्ति (Damages) से संबंधित विवादों के सौहार्दपूर्ण और एकमुश्त निपटारे का अवसर मिलेगा। इसके तहत पात्र प्रतिष्ठानों को क्षतिपूर्ति/शास्ति में कमी का लाभ भी मिल सकता है।

EEC 2026 के जरिए कर्मचारियों को EPF कवरेज

कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 के तहत नियोक्ताओं को ऐसे कर्मचारियों को EPF के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो वर्तमान में कर्मचारी भविष्य निधि के तहत कवर नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पात्र प्रतिष्ठानों के नियोक्ता नियोक्ता पोर्टल के माध्यम से उन छूटे हुए कर्मचारियों की जानकारी दे सकते हैं, जो 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच संबंधित प्रतिष्ठान में शामिल हुए थे। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।

PM-VBRY से नए रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन

संगोष्ठी में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत नए कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाने का प्रावधान है। कर्मचारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ मिलने के साथ-साथ नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

कार्यक्रम में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, PRTC, DAV सहित विभिन्न छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा मोहाली, डेराबस्सी, लालडू और पटियाला की विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों, जिनमें टेलीपरफॉर्मेंस मोहाली, TDS मैनेजमेंट मोहाली और नाहर इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि शामिल रहे।

डेराबस्सी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से गुरजंट सिंह ने प्रतिनिधित्व किया, जबकि लालडू इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित हितधारक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों ने सरकार की ओर से शुरू की गई इन योजनाओं की सराहना की। EPFO क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने सभी हितधारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन जारी रखने का आश्वासन दिया।

सितंबर 2026 में विभिन्न जिलों में NSO करेगा सांख्यिकीय सर्वेक्षण, सरकार ने मांगा सहयोग

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO-FOD) सितंबर 2026 में पंजाब के विभिन्न जिलों में सांख्यिकीय सर्वेक्षण करेगा। सरकार ने नागरिकों और उद्यमों से सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के क्षेत्रीय संचालन प्रभाग (FOD) की ओर से सितंबर 2026 के दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों में अलग-अलग सांख्यिकीय सर्वेक्षण किए जाएंगे। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करने वाला FOD वर्ष 1950 से परिवारों और प्रतिष्ठानों से संबंधित महत्वपूर्ण सांख्यिकीय जानकारी जुटाने का कार्य कर रहा है।

सरकार के अनुसार, इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर योजना बनाने, नीतिगत निर्णय लेने और विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है।

सर्वेक्षण के दौरान NSO-FOD के प्रशिक्षित अधिकारी e-Sigma सॉफ्टवेयर से लैस हैंड-हेल्ड डिजिटल उपकरणों (टैबलेट) के माध्यम से परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। वहीं, उद्यम सर्वेक्षणों के लिए निर्धारित सुरक्षित वेब पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। सर्वेक्षण में शामिल परिवारों और उद्यमों की पहचान किसी रिपोर्ट या प्रकाशित आंकड़ों में उजागर नहीं की जाती। एकत्रित जानकारी का इस्तेमाल केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

सितंबर में विभिन्न जिलों में होंगे सर्वेक्षण

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के क्षेत्रीय संचालन प्रभाग की ओर से सितंबर 2026 में विभिन्न जिलों में किए जाने वाले सर्वेक्षणों का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

इसके अलावा थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index), क्रेता मूल्य सूचकांक (Purchaser Price Index), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production) और निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (Annual Survey of Incorporated Service Sector Enterprises) के लिए चयनित इकाइयों को नोटिस भेजे गए हैं।

इन चयनित इकाइयों से आंकड़े जुटाने के लिए NSO-FOD के अधिकारी समय-समय पर संपर्क करेंगे।

सहकारी समितियों से भी जुटाए जा रहे आंकड़े

अधिकारियों की ओर से Rapid Survey of Functional Cooperatives यानी कार्यशील सहकारी समितियों के त्वरित सर्वेक्षण के तहत भी चयनित सहकारी समितियों से आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। यह सर्वेक्षण अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि के अंतर्गत किया जा रहा है।

सरकार ने नागरिकों और उद्यमों से सहयोग मांगा

भारत सरकार ने नागरिकों और अनुलग्नक-I में शामिल उद्यमों से सर्वेक्षण अधिकारियों को सहयोग देने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराने में नागरिकों और उद्यमों का सहयोग देश के लिए विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सरकार के मुताबिक, इन आंकड़ों के आधार पर बेहतर योजना निर्माण, नीति निर्धारण और विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार करने में मदद मिलती है। नागरिकों और उद्यमों की सहभागिता से तैयार विश्वसनीय आंकड़े देश के समग्र विकास और जनहित में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

अभिनेता शहबाज़ खान पहुंचे लुधियाना, बच्चों ने फूलों से किया स्वागत; अक्षय कुमार संग आएगी अगली फिल्म

बॉलीवुड और टीवी अभिनेता शहबाज़ खान लुधियाना पहुंचे। आर्टिस्ट मेकर्स स्टूडियो में बच्चों ने फूलों और गिफ्ट्स से उनका स्वागत किया। अभिनेता ने बच्चों को टैलेंट और मेहनत को लेकर खास संदेश दिया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

बॉलीवुड और टीवी के मशहूर अभिनेता शहबाज़ खान सोमवार को लुधियाना पहुंचे। उन्होंने लुधियाना आर्टिस्ट मेकर्स स्टूडियो में शिरकत की, जहां छोटे-छोटे बच्चों ने फूलों और गिफ्ट्स के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

बच्चों के प्यार और उत्साह से अभिनेता शहबाज़ खान काफी प्रभावित नजर आए। लुधियाना पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें शहर में आकर बेहद अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी उस समय हुई, जब बच्चों ने पूरे प्यार और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।

शहबाज़ खान ने की लुधियाना की तारीफ

अभिनेता ने लुधियाना की तारीफ करते हुए कहा कि शहर बहुत अच्छा है और यहां का खाना भी लाजवाब है। उन्होंने कहा कि लुधियाना के बच्चों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और यहां के युवा अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ सकते हैं।

बच्चों को संदेश देते हुए शहबाज़ खान ने कहा कि जिंदगी में जो भी करना है, उसे पूरे दिल और पूरी जान लगाकर करना चाहिए। जिन बच्चों और युवाओं के अंदर टैलेंट है, उन्हें आगे बढ़कर अपने हुनर को दुनिया के सामने लाना चाहिए।

अक्षय कुमार के साथ आएगी अगली बॉलीवुड फिल्म

शहबाज़ खान ने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी अगली बॉलीवुड फिल्म अक्षय कुमार के साथ आने वाली है। इसके अलावा उनके कई अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है।

अभिनेता के लुधियाना पहुंचने से आर्टिस्ट मेकर्स स्टूडियो के बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

सक्षम चावला ने बताया खास अनुभव

वहीं, आर्टिस्ट मेकर्स के सक्षम चावला ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है कि अभिनेता शहबाज़ खान उनके स्टूडियो पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वे शहबाज़ खान को लंबे समय से फिल्मों और टीवी पर देखते आ रहे हैं। ऐसे में आज उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना उनके और बच्चों के लिए एक खास अनुभव रहा।

शहबाज़ खान के दौरे के दौरान बच्चों ने उनके साथ मुलाकात की और उनका स्वागत किया। अभिनेता ने भी बच्चों से बातचीत कर उन्हें अपने हुनर को निखारने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।