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खालसा कॉलेज में कुत्तों के साथ कथित क्रूरता मामले पर विवाद गहराया, एनिमल एक्टिविस्टों ने किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

वायरल वीडियो के बाद छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में रोष, बेजुबान जानवरों के लिए इंसाफ की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, प्रिंसिपल बोले – “पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित”

कॉलेज प्रबंधन का दावा – “कैंपस में किसी भी कुत्ते को नहीं मारा गया, बल्कि इलाज और देखभाल की जाती है”

अमृतसर के ऐतिहासिक खालसा कॉलेज में कुत्तों के साथ कथित तौर पर की गई क्रूरता को लेकर शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल होने के बाद एनिमल एक्टिविस्टों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और बेजुबान जानवरों के लिए इंसाफ की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि वायरल वीडियो में कुत्तों को बेहद बेरहमी से घसीटा और पीटा गया, जिसके कारण कुछ जानवरों की मौत भी हो गई। एक एनिमल एक्टिविस्ट ने कहा कि अमृतसर को गुरुओं-पीरों की धरती माना जाता है, लेकिन यहां इस तरह की क्रूरता देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो बेजुबान जानवर बोल नहीं सकते, उनकी आवाज बनना समाज की जिम्मेदारी है।

एक महिला प्रदर्शनकारी, जिसने खुद को अध्यापिका और एनिमल एक्टिविस्ट बताया, ने कहा कि वीडियो में एक कुत्ते को बैटरी रिक्शा से बांधकर बुरी तरह घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने दावा किया कि एक अन्य कुत्ते की टांग भी तोड़ दी गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कॉलेज प्रबंधन से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगने आए हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एक्टिविस्टों ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कुछ सुरक्षा कर्मचारी भी इस घटना में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कुत्तों को सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उनका कहना था कि यदि जानवरों को हटाना ही था तो उनके लिए शेल्टर और इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, न कि उनके साथ क्रूरता की जाती।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पहले ही कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन बेजुबान जानवरों की सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

दूसरी ओर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज में किसी भी कुत्ते को नहीं मारा गया। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह पूरा मामला “पॉलिटिकली मोटिवेटेड” है और कुछ लोग खालसा कॉलेज की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. रंधावा ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ कैंपस में रहने वाले कुत्तों की देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि घायल कुत्तों का इलाज करवाया जाता है और पशु कल्याण संस्थाओं की मदद भी ली जाती है। उनके अनुसार, एक कुत्ता पहले से ही घायल था और कमरे में फंसने के कारण शीशा तोड़कर बाहर निकलने के दौरान उसके पंजे जख्मी हुए थे।

प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज कैंपस में अभी भी कई कुत्ते आराम से घूम रहे हैं और उनके लिए पानी और खाने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बैटरी रिक्शा कॉलेज की नहीं थी और कॉलेज में कई बाहरी वाहन भी आते हैं। इस मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

बाइट: — खालसा कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा

बाइट: — डॉग लवर एनिमल एक्टिविस्ट

अमृतसर में व्यापारी के घर के बाहर देर रात फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात

पीड़ित ने पहले भी पुलिस को दी थीं शिकायतें, सुरक्षा की मांग की थी

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने की गोलीबारी, मौके से फरार

पुरानी रंजिश और धमकी भरी कॉलों से जुड़ा हो सकता है मामला — एसीपी कमलजीत सिंह

अमृतसर के छेहरटा इलाके में देर रात एक व्यापारी के घर के बाहर गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस पूरी वारदात की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दो युवक मोटरसाइकिल पर आकर घर के बाहर फायरिंग करते और फिर मौके से फरार होते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी कमलजीत सिंह ने बताया कि बीती रात करीब 12:49 बजे छेहरटा थाना पुलिस को करतार नगर इलाके में फायरिंग की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि जय चंद नामक व्यक्ति, जो पहले सब्जी आढ़त का कारोबार करता था, के घर के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा गोलियां चलाई गईं।

एसीपी ने कहा कि पुलिस की PCR टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता पक्ष की किसी विरोधी पक्ष के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस को शक है कि यह वारदात उसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई हो सकती है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कुछ अहम सबूत भी हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हो रही है और अब आम लोग भी धमकी भरी कॉलों और ऐसी घटनाओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना है और यदि लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

पीड़ित जय चंद उर्फ काला आढ़तिया ने बताया कि उन्हें पिछले काफी समय से धमकी भरी कॉलें आ रही थीं। उन्होंने दावा किया कि लगभग ढाई महीने पहले भी उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी और डीजीपी, मुख्यमंत्री तथा पुलिस कमिश्नर तक भी मामला पहुंचाया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जय चंद ने बताया कि रात के समय दो नकाबपोश युवक मोटरसाइकिल पर आए और घर के गेट पर तीन गोलियां चलाकर फरार हो गए। उन्होंने कहा कि उनके पास धमकी भरी कॉलों की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जो पुलिस को सौंपी जाएंगी।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से इंसाफ और सुरक्षा की मांग की है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

बाइट — एसीपी कमलजीत सिंह
बाइट — राकेश कुमार, पूर्व अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर
बाइट — जय चंद उर्फ काला आढ़तिया

अमृतसर में ऑल इंडिया गोल्डस्मिथ्स एसोसिएशन की इमरजेंसी मीटिंग, ज्वैलर्स कम्युनिटी की समस्याओं पर चर्चा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज की आपात बैठक, ज्वेलर्स समुदाय की समस्याओं पर हुई चर्चा

सोना कारोबार से जुड़े व्यापारियों की सुरक्षा के लिए देशभर में एकजुट होगा संगठन : Inderbir Singh Nijjar

स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर जल्द डीसी से करवाई जाएगी मुलाकात : डॉ. निज्जर

दूसरे राज्यों में सोना खरीदने-बेचने वाले व्यापारियों को दिए जाएंगे पहचान पत्र : Mukul Verma

अमृतसर के सुल्तान विंड रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज और ज्वेलर्स एसोसिएशन अमृतसर की ओर से एक आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष रूप से ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदाधिकारी Mukul Verma पहुंचे, जबकि अमृतसर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक Inderbir Singh Nijjar भी विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान स्वर्णकार समुदाय को आ रही समस्याओं, सुरक्षा और कारोबार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि स्वर्णकार और ज्वेलर्स समुदाय को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है ताकि दूसरे राज्यों में सोना-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों को आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि कई बार व्यापारियों को पुलिस या अन्य कारणों से परेशानियों का सामना करना पड़ता है और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसलिए संगठन को मजबूत करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने की खरीद संबंधी दिए गए बयानों से ज्वेलर्स कारोबार प्रभावित हो सकता है, इसलिए सरकार को चाहिए कि गहने तैयार करने वाले स्वर्णकारों के हिस्से पर किसी तरह की रोक न लगाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और विशेष यूनिवर्सिटी की जरूरत है, जहां मेटलर्जी, सोने की जांच, डिजाइनिंग और स्टोन सेटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएं। डॉ. निज्जर ने कहा कि संगठन की मांग पर जल्द ही डीसी अमृतसर के साथ बैठक करवाई जाएगी, जिसमें व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

इस मौके पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय प्रभारी Sudhir Soni ने कहा कि संगठन देशभर में स्वर्णकार समुदाय को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ज्वेलर्स समुदाय की एकता से चोरों और असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के सोना खरीदने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए कहा कि लोग नया सोना खरीदने की बजाय पुराने सोने को दोबारा तैयार करवा सकते हैं, जिससे स्वर्णकार समुदाय का काम भी चलता रहेगा।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mukul Verma ने कहा कि संगठन की ओर से अमृतसर में नई नियुक्तियां की गई हैं और संगठन को और मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में संगठन के लगभग एक हजार सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा एमएसएमई के माध्यम से लोगों को रोजगार और लोन उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की टीम देश के हर जिले में काम कर रही है और जहां भी व्यापारियों के साथ कोई घटना होती है, वहां तुरंत मदद के लिए पहुंचा जाता है।

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।