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बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार ने श्री अकाल तख्त सचिवालय को सौंपा संशोधन मसौदा

अमृतसर / सत्ता संदेश

श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा।

Punjab government's draft on sacrilege law submitted to Sri Akal Takht

श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार बेअदबी कानून पर सरकार का मसाैदा तख्त सचिवालय को साैंप दिया गया।

पंजाब सरकार के प्रतिनिधि विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और अमृतसर के डीसी तलविंदरजीत सिंह ने बुधवार को बेअदबी रोकथाम कानून में आपत्तिजनक मानी गई धाराओं से संबंधित सरकार का पक्ष और संशोधन का मसौदा श्री अकाल तख्त सचिवालय में इंचार्ज सरदार बगीचा सिंह को आधिकारिक रूप से सौंप दिया। 

यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन की गई। श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जत्थेदार और संबंधित धार्मिक प्रतिनिधियों की ओर से आगे का फैसला लिया जाएगा। 

डाक विभाग द्वारा 28 अगस्त तक विशेष आधार नामांकन और अपडेट अभियान का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

नागरिकों को आधार सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने तथा इन सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा चंडीगढ़ एवं मोहाली के 26 डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।

वर्तमान में निम्नलिखित डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट की सेवाएं उपलब्ध हैं:
एयरोसिटी, एयरोड्रोम, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., डेरा बस्सी, हाई कोर्ट, खरड़, कुराली, मनीमाजरा, न्यू सेक्रेटेरिएट, सेक्टर-08, सेक्टर-12, सेक्टर-14, सेक्टर-19, सेक्टर-22, सेक्टर-26, सेक्टर-30, सेक्टर-36, सेक्टर-47, सेक्टर-55, सेक्टर-59, सेक्टर-60, सेक्टर-71, सोहाना, सियालबा माजरी, सनी एन्क्लेव एवं जीरकपुर डाकघर।

जनता की अधिकतम सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 अगस्त 2026 तक प्रत्येक रविवार एवं राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी चंडीगढ़ जी.पी.ओ., मनीमाजरा, जीरकपुर, खरड़, सेक्टर-19 डाकघर एवं सेक्टर-55 डाकघर में विशेष आधार सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।रविवार को आधार सेवाएँ सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., सेक्टर-17 स्थित आधार केंद्र में आधार सेवाएं विस्तारित कार्य समय के साथ प्रातः 7:30 बजे से सायं 8:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इससे नागरिक सामान्य कार्यालय समय के बाद भी आधार सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

• निवासियों के लिए नए आधार का नामांकन।
• आधार विवरण का अपडेट, जिसमें नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आदि शामिल हैं।
• बायोमेट्रिक अपडेट, जिसमें उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन एवं फोटोग्राफ शामिल हैं।
• 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)।

यह विशेष अभियान आधार सेवाओं को आम जनता के और निकट लाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इससे विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, कामकाजी लोगों तथा ऐसे निवासियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सामान्य कार्यालय समय के दौरान आधार केंद्र पर जाना कठिन होता है।
माता-पिता, विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अनुरोध है कि वे विद्यार्थियों के आधार विवरण को समय पर अपडेट करवाना सुनिश्चित करें, ताकि प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षाओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निवासियों से अनुरोध है कि वे अपने निकटतम आधार-सक्षम डाकघर में जाकर आधार नामांकन एवं अपडेट की आसान सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठाएं।

सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रदर्शन, वॉटर कैनन पर चढ़े प्रदर्शनकारी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को वारिस पंजाब दे के नेताओं और पुलिस आमने सामने आ गए।

प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ बाॅर्डर पर रोक जाने के बाद बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो उन्होंने वाटर कैनन का मुंह मोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएम आवास की तरफ बढ़ गए हैं। 

वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार सुबह से मोहाली बॉर्डर (बुड़ैल जेल के पीछे) से सेक्टर-50/51 चौक और वहां से सेक्टर-44/45 लाइट प्वाइंट तक सरोवर पथ पर वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से डायवर्ट और प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा सेक्टर-43/44/51/52 चौक (आईएसबीटी चौक) से सेक्टर-44/45 चौक (गौशाला चौक) होते हुए सेक्टर-45/46-49/50 चौक तक विकास मार्ग पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। सेक्टर-43/44 और सेक्टर-45/46 लाइट प्वाइंट पर भी यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।विज्ञापन

चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय बसों को सेक्टर-43 आईएसबीटी पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और ट्रैफिक अपडेट के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखें। पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह से शांति न भंग करने की अपील की है।

Neet Paper Leak मामले में CBI ने कोर्ट में पेश की 20 हजार पन्नों की चार्जशीट, 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

दिल्ली / सत्ता संदेश

नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20 हजार पेज की चार्जशीट है. जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करना, भ्रष्टाचार और लोक परीक्षा अधिनियम के तहत अपराध की धाराएं लगाई गई हैं.

CBI के मुताबिक चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज, 43 भौतिक साक्ष्य हैं. 12 मई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी. नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

92 ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने 8 साइबर विशेषज्ञ समेत 72 अधिकारियों की टीम बनाई थी और महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त कर फोरेंसिक जांच की गई. CBI ने बताया कि फोरेंसिक, हैंडराइटिंग और शैक्षणिक रिपोर्ट से लीक की पुष्टि हुई है.

कुल 13 लोगों को किया गिरफ्तार

CBI के मुताबिक पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी. पेपर लीक मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें NTA के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट भी शामिल हैं. इसके साथ ही बिचौलियों और कोचिंग से जुड़े 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. CBI ने बताया कि मनी ट्रेल की जांच चल रही है. कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज किया गया है.

अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी

राउज़ एवेन्यू कोर्ट स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने CBI की चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया है. कोर्ट ने CBI को चार्जशीट के एनेक्सचर (Annexure) दाखिल करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया है. कोर्ट ने नोट किया कि चार्जशीट में दस्तावेजों, बयानों और वस्तुओं की सूची संलग्न की गई है. कोर्ट ने CBI से पूछा कि चार्जशीट में जिन बयानों और अन्य दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, वह कहां हैं.

CBI ने चार्जशीट के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को दाखिल करने के लिए समय मांगा. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20,000 पृष्ठों के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को स्कैन किया जा रहा है. राउज़ एवेन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

Tamilnadu : 100 करोड़ के पलानी मंदिर जमीन घोटाले में CBCID का एक्शन, 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु / सत्ता संदेश

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच जारी है, इस बीच देश के कई अन्य मंदिरों से ऐसे ही घोटालों और चोरी के मामले सामने आए है। इस पर कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन अब मंदिर की जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया जिसमें तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित मंदिर से संबंधित मठ की कीमती जमीन का धोखाधड़ी के साथ रजिस्ट्रेशन ही करवा लिया गया है। आम जनता की नाराजगी देखते हुए सरकार में जांच के आदेश दिए और 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि CB-CID ने तमिलनाडु के डिंडीगुल शहर के मशहूर पलानी मुरुगन मंदिर से जुड़े एक मठ की कीमती जमीन के कथित धोखाधड़ी के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मंदिर के पास तलहटी में स्थित 1.4 एकड़ के प्लॉट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में एक बड़ी कामयाबी हैं।

100 करोड़ कीमत, 2 करोड़ में रजिस्ट्री

यह प्रॉपर्टी, जिसका इस्तेमाल अभी श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग के तौर पर किया जा रहा है और इसकी बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई, उसे इस महीने की शुरुआत में महज 2 करोड़ रुपये में निजी शख्स के नाम धोखाधड़ी से रजिस्टर करा दिया गया था।

धोखाधड़ी के साथ यह लेन-देन 6 जुलाई को किया गया था, जबकि 1888 का एक स्थायी बंदोबस्ती विलेख (Permanent Endowment Deed) मौजूद है। जिसमें इस जमीन को सिर्फ धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए समर्पित किया गया था और इस पर किसी भी तरह की व्यवसायिक बिक्री या ट्रांसफर करने पर रोक लगी थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (Hindu Religious and Charitable Endowments, HR&CE) विभाग की स्पष्ट, लिखित आपत्तियों पर भी ध्यान नहीं दिया गया।

रजिस्ट्री कराने वाले अफसरों पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने पहले ही अवैध रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पलानी के ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन और जिला रजिस्ट्रार शशिकला को सस्पेंड कर दिया है। मणिकंदन, जो अभी मद्रास हाई कोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। उनसे हाल ही में CB-CID की टीम ने 7 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच पहले ही इस केस में दखल दे चुकी है और विवादित बिक्री विलेख (Sale Deed) को अमान्य घोषित कर चुकी है।

गलत तरीके से जमीन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में खासा आक्रोश दिखा. लोगों की नाराजगी को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक ने पिछले दिनों 15 जुलाई को मामले की जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) को सौंप दी थी।

चल रही जांच के तहत, जांचकर्ताओं ने घोटाले में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए मंदिर के पूर्व अधिकारियों, रिटायर राजस्व अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारियों सहित 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।