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‘मिशन क्लीन पंजाब’ के लुधियाना पहुंचे हरजोत सिंह बैंस…सफाई सेवकों के साथ ली चाय संग चुस्की
  • आप सफाई सेवकों से शहरों को स्वच्छ रखने के ढंग-तरीके जान सकते हैं : हरजोत बैंस
  • मिशन क्लीन पंजाब’ को सिर्फ फाइलों और जुर्मानों से नहीं चलाया जा सकता : स्थानीय निकाय मंत्री

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

लुधियाना के डी.एम.सी. अस्पताल के बाहर सुबह का माहौल आम तौर पर एक जैसा ही होता है; एम्बुलेंसों के सायरन, मरीजों के रिशतेदारों की भागदौड़, चाय बेचने वालों की आवाजें लगाते हैं। लेकिन शुक्रवार सुबह उस समय यह माहौल बदला हुआ दिखा, जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस कार  से बाहर निकले। उनके साथ कोई काफिला नहीं था, कोई लाल बत्ती वाली गाड़ी नहीं थी, कोई अधिकारी फाइलें लेकर उनके पीछे नहीं आ रहा था। वह लुधियाना नगर निगम के क्षेत्रों की अचानक चेकिंग करने आए थे। वह सीधे सफाई सेवकों की एक टीम के पास गए जो अस्पताल के पास एक सड़क की सफाई कर रहे थे।

स्थानीय निकाय मंत्री ने एक छोटा-सा स्टूल खींचा, जिसका इस्तेमाल सड़क किनारे चाय बेचने वाले करते हैं और सफाई कर्मचारियों के बीच बैठ गए और कहा, “चाय लाओ, बैठो, आओ विचार-विमर्श करें।” उन्होंने सफाई सेवकों से सफाई, जल की निकासी और सुरक्षा उपकरणों के बारे में फीडबैक लेने में लगभग 20 मिनट बिताए।

स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “जो लोग इस शहर को हर रोज साफ रखते हैं, वे इसे बेहतर बनाने के सबसे अच्छे तरीके बता सकते हैं। आप बंद कमरे में बैठकर इन तरीकों के बारे में नहीं सीख सकते। इस बारे में आपको सफाई सेवक बेहतर ढंग से बता सकते हैं।”

स. बैंस ने कहा, “मिशन क्लीन पंजाब सिर्फ फाइलों और जुर्मानों से नहीं चलेगा। अगर हम स्वच्छ शहर चाहते हैं तो हमें उन व्यक्तियों का सम्मान करना चाहिए जो उन्हें स्वच्छ रखते हैं। सम्मान को प्राथमिकता दो। बाकी सब काम उसके बाद होंगे। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सफाई सेवकों के कल्याण के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।”

अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह ने लुधियाना में जनगणना 2027 के कार्यों की समीक्षा की, दिए दिशा-निर्देश

नीति निर्माण और विकास के लिए सही जनगणना डेटा आवश्यक: अतिरिक्त उपायुक्त

जनगणना के दौरान कोई भी घर अनदेखा न रहे: पूनम सिंह

लुधियाना / सत्ता संदेश

अतिरिक्त उपायुक्त-कम-जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को जनगणना 2027 के चरण-1 के तहत लुधियाना पश्चिम तहसील में तैनात गणनाकारों और सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें घरों की सूचीकरण प्रक्रिया और आवासीय जनगणना शामिल थी।

बैठक में जिला जनगणना कोऑर्डिनेटर अलोक कुमार, मास्टर ट्रेनर उपमा कौल, जनगणना स्टाफ, लुधियाना पश्चिम के तहसीलदार और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने चल रही फील्ड गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की और जनगणना अभ्यास के दौरान गणनाकारों और सुपरवाइजरों को आने वाली विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और संचालन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने जनगणना कार्यों के सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यों की शुद्धता और समय पर पूर्णता पर जोर देते हुए पूनम सिंह ने फील्ड स्टाफ को घर सूचीकरण कार्यों को पूरा करते समय जनगणना दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर समन्वय बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने सुपरवाइजरों को गणनाकारों के कार्य की नियमित रूप से निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि सर्वेक्षण प्रक्रिया के दौरान कोई भी घर अनदेखा न रहे।

जनसहयोग के महत्व पर जोर देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने फील्ड स्टाफ को निवासियों के साथ बातचीत करते समय विनम्र व्यवहार बनाए रखने और जनगणना गतिविधियों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी कहा।

अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी रेखांकित किया कि जनगणना के दौरान एकत्र किया गया डेटा नीति निर्माण, कल्याण योजनाओं की योजना, बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए सही जनगणना डेटा आवश्यक है।

अधिकारियों ने बैठक के दौरान बताया कि जनगणना 2027 के फील्ड कार्यों के लिए जिला लुधियाना में लगभग 10,000 गणनाकार और लगभग 1,600 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।

अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह ने जिले भर में विश्वसनीय और व्यापक डेटा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए जनगणना अभ्यास को कुशलता और योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने के प्रशासन के संकल्प को दोहराया।

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. प्रीलिम्स परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, 14 परीक्षा केंद्रों पर किए गए थे सख्त प्रबंध

लुधियाना /सत्ता संदेश

सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में हुई यू.पी.एस.सी. परीक्षा, हजारों उम्मीदवार हुए शामिल

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन द्वारा यू.पी.एस.सी. परीक्षा केंद्रों का किया गया निरीक्षण

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. परीक्षा दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के पूरे इंतजाम मौजूद रहे

जिला प्रशासन ने रविवार को जिले भर के 14 केंद्रों पर संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित किया।

4,353 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 2,753 उम्मीदवार, जिनमें 1,300 पुरुष और 1,453 महिलाएं शामिल थीं, सुबह के सत्र में उपस्थित हुए, जबकि 2,758 उम्मीदवारों ने दोपहर के सत्र की परीक्षा दी, जिनमें 1,287 पुरुष और 1,442 महिलाएं शामिल थीं।

परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की गई। पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, परिवहन, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित व्यापक प्रबंध किए थे।

निर्धारित परीक्षा केंद्रों में डी.सी.एम. प्रेसीडेंसी स्कूल, अर्बन एस्टेट-III, जमालपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड, लुधियाना; एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, अर्बन एस्टेट फेज-1, दुगरी, लुधियाना; भारती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किचलू नगर, लुधियाना; आर.एस. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, मॉडल टाउन, लुधियाना; और सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग, भारत नगर चौक, लुधियाना शामिल थे।

अतिरिक्त केंद्रों में एस.सी.डी. सरकारी कॉलेज, सिविल लाइंस, लुधियाना शामिल था, जहां परीक्षाएं इसकी पुरानी इमारत (ब्लॉक-ए), पी.टी.ए. बिल्डिंग (ब्लॉक-बी) और पी.जी. बिल्डिंग (ब्लॉक-सी) में आयोजित की गईं। इसके अलावा एस.डी.पी. कॉलेज फॉर वूमेन, दरेसी रोड; खालसा कॉलेज फॉर वूमेन, सिविल लाइंस; सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग (सब-सेंटर ए); मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन, बसंत सिटी; स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉडल टाउन; और गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज (एम.बी.ए. ब्लॉक), गिल पार्क, गिल रोड, लुधियाना भी परीक्षा केंद्रों में शामिल थे।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुरुष और महिला कर्मचारियों सहित आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर उम्मीदवारों की तलाशी भी ली गई।

लुधियाना में सनसनीखेज लूट: ग्राहक बनकर आए बदमाशों ने सुनार पर किया चाकू से हमला, लाखों के गहने और रिवॉल्वर लेकर फरार

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना शहर से एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ एटीआई (ATI) रोड पर स्थित एक ज्वेलरी शॉप को हथियारबंद लुटेरों ने अपना निशाना बनाया। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे की है, जब दो बदमाश ग्राहक बनकर दुकान के अंदर दाखिल हुए।

वारदात का विवरण: जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने पहले कुछ देर सामान देखने का बहाना किया और फिर अचानक दुकानदार रणजीत सिंह पर हमला कर दिया। लुटेरों ने उन्हें बंधक बना लिया और घसीटते हुए दुकान के अंदर बने स्ट्रांग रूम में ले गए। वहां उन्होंने रणजीत सिंह पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

लूट का सामान: लुटेरे दुकान से न केवल लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने और नकदी ले गए, बल्कि दुकानदार का लाइसेंसी रिवॉल्वर (जो उन्होंने मात्र चार दिन पहले खरीदा था), उनका मोबाइल फोन और उनकी स्कूटी भी लूटकर फरार हो गए।

पुलिस जांच और स्थिति: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। दुकान में लगे सीसीसीटीवी (CCTV) कैमरों में यह पूरी वारदात कैद हो गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले दुकान की पूरी रेकी की थी।

पीड़ित रणजीत सिंह को गंभीर हालत में इलाज के लिए सीएमसी (CMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पी.ए.यू. लुधियाना में उत्तरी भारत की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का किया उद्घाटन

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पानी संरक्षण के लिए नई तकनीक अपनाने पर दिया जोर

सिर्फ एक चक्र में 3 एकड़ खेत की होगी सिंचाई, खेती में ए.आई. और नवाचार अपनाने की अपी

पंजाब के मिट्टी एवं जल संरक्षण, खान एवं भू-विज्ञान तथा जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.), लुधियाना में राज्य की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का उद्घाटन किया। यह उत्तरी भारत में आधुनिक, स्वचालित सिंचाई तकनीक की पहली स्थापना है।

इस अवसर पर पी.ए.यू. के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल, डी.जी.एम. नाबार्ड अमित गर्ग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक, फैकल्टी सदस्य तथा मृदा एवं जल संरक्षण, कृषि, बागवानी और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

इस मौके पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) के उभरते युग में नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने और अत्याधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने पंजाब में भूजल की नाजुक स्थिति को उजागर करते हुए जल संरक्षण के लिए आधुनिक सिंचाई तरीकों को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

बरिंदर गोयल ने पंजाब सरकार की भूजल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि में सतही जल के उपयोग को बढ़ाने के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पंजाब में उन्नत केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली की शुरुआत के लिए मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की प्रशंसा की तथा पी.ए.यू. में इस अग्रणी प्रदर्शन परियोजना को वित्तीय सहायता देने के लिए नाबार्ड का धन्यवाद किया।

तकनीक का वर्णन करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय धुरी सिंचाई प्रणाली एक बार में पूर्णतः स्वचालित सिंचाई समाधान प्रदान करती है, जो विशेष रूप से श्रमिकों की कमी से जूझ रहे पंजाब के खेतों के लिए लाभदायक है। इस प्रणाली को किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती और 3 एकड़ के खेत के लिए सटीक सिंचाई केवल आवश्यक डेटा दर्ज करके प्राप्त की जा सकती है, जिससे पूरा कार्य एक ही चक्र में पूरा हो जाता है।
उन्होंने पंजाब के कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नाबार्ड द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार की नवाचारी और मार्गदर्शक पहलों के लिए पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया, साथ ही चल रहे और आगामी परियोजनाओं के लिए निरंतर सहयोग का भी भरोसा दिलाया।

लुधियाना में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, बुजुर्ग महिला की कुचलकर मौत

पंजाब डेस्क: लुधियाना के 32 सेक्टर रोड पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 60 वर्षीय महिला की जान चली गई। मृतक महिला की पहचान बाबा जीवन सिंह नगर निवासी शीला के रूप में हुई है।

हादसे का विवरण : शीला अपने पति के साथ बाइक पर घर का राशन और अन्य सामान लेने के लिए निकली थीं।

जैसे ही वे 32 सेक्टर रोड के पास पहुंचे, ताजपुर रोड की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दंपत्ति बाइक से गिर गए; पति सड़क के किनारे गिरे जबकि शीला ट्रक की ओर गिरीं और पिछला टायर उनके सिर के ऊपर से निकल गया।

चालक हिरासत में: वारदात के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। सूचना मिलते ही डिवीजन नंबर 7 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है और चालक पुलिस हिरासत में है।

पुलिस की कार्रवाई : पुलिस ने महिला के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और परिजनों के बयान के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही है।

पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने डॉ. ए.वी.एम. स्कूल को वाटर कूलर डोनेट किया

गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

लुधियाना, 28 फरवरी: (सत्ता संदेश) गर्मियों के मौसम में स्कूली विद्यार्थियों को ठंडे पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाजसेवी एवं पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने आज डॉ. ए.वी.एम. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, निकट ईसा नगरी पुली, लुधियाना को एक नया वाटर कूलर दान किया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, देबी ने कहा कि स्कूल में पहले से कई वाटर कूलर उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से एक अतिरिक्त वाटर कूलर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि वे समय-समय पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में आते रहते हैं और यहां के प्रबंधन द्वारा डॉ. ए.वी.एम. एजुकेशनल सोसायटी के प्रमुख राजीव कुमार लवली के नेतृत्व में जरूरतमंद वर्ग के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. एवीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल शहर के प्रमुख स्कूलों में से एक है। जहां संविधान निर्माता डॉ. बी आर अंबेडकर के चरण पड़े थे और यही कारण है कि वह स्कूल में बार-बार आते हैं और यहां वाटर कूलर डोनेट करने का फैसला किया।

राजीव कुमार लवली ने कहा कि डॉ. ए.वी.एम. एजुकेशनल सोसायटी का एकमात्र उद्देश्य संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों पर चलते हुए, समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि स्कूल में पहले से ठंडे पानी की व्यवस्था है, लेकिन गर्मियों में एक अतिरिक्त वाटर कूलर विद्यार्थियों की सुविधा को और बेहतर बनाएगा। उन्होंने इस पहल के लिए गुरदेव शर्मा देबी का आभार व्यक्त किया।

अंत में, स्कूल की प्रिंसीपल मनीषा गाबा ने समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों की ओर से गुरदेव शर्मा देबी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर वाइस प्रिंसिपल अमिता राजन, आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षिका जसविंदर, हर्ष कत्याल, नेहा मनचंदा और सोनिया भी उपस्थित रहीं।

लुधियाना के बुड्ढे नाले का कायाकल्प: राज्यपाल कटारिया ने नाव में सवार होकर लिया जायजा, बोले- ‘हालात पहले से बेहतर’

पंजाब डेस्क : पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शनिवार को लुधियाना के ताजपुर रोड इलाके में पहुंचे, जहाँ उन्होंने बुड्ढे नाले की सफाई मुहिम का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सदस्य और प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद थे।

नाव में सवार होकर देखा सफाई का काम: राज्यपाल ने खुद एक किश्ती (नाव) में सवार होकर नाले के उस हिस्से का मुआयना किया, जिसे संत सीचेवाल और उनकी टीम ने अपनी कड़ी मेहनत से एक सुंदर घाट के रूप में विकसित किया है। राज्यपाल ने सीचेवाल की टीम के प्रयासों की जमकर सराहना की और कहा कि जिस जगह पर कभी गंदगी के ढेर और भारी बदबू रहती थी, आज उसे एक पिकनिक स्पॉट की तरह बदला जा रहा है।

हालात सुधरे, पर अभी बहुत काम बाकी: जायजा लेने के बाद राज्यपाल कटारिया ने बताया कि पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ रखने के लिए इसमें जल-जीवों को भी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि हालात पहले की तुलना में काफी सुधरे हैं, लेकिन वे अभी भी पूरी तरह से संतोषजनक नहीं हैं। इस गंभीर मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए वे जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।

एक ‘दरिया’ से ‘गंदे नाले’ तक का दुखद सफर: गौरतलब है कि यह नाला कभी ‘बुड्ढा दरिया’ के नाम से जाना जाता था और इसका पानी पीने योग्य था। यह दशकों पहले सतलुज दरिया की एक सहायक धारा थी, लेकिन उद्योगों (विशेषकर डाइंग यूनिट्स) के जहरीले कचरे ने इसे देश के सबसे प्रदूषित जल स्रोतों में से एक बना दिया। इस प्रदूषित पानी के कारण मालवा क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि पूरे नाले को साफ करने के लिए प्रशासन और जनता को एकजुट होना पड़ेगा और वे खुद इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेंगे।

लुधियाना: यूनिवर्सिटी में दर्दनाक हादसा, दूसरी मंजिल की रेलिंग से गिरकर छात्रा की मौत, लिफ्ट का कर रही थी इंतज़ार

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में स्थित सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक छात्रा की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरी यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।

संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा : मृतक छात्रा की पहचान शबनम खातून के रूप में हुई है, जो लुधियाना की रहने वाली थी और यूनिवर्सिटी में बीबीए (BBA) प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, शबनम अपनी सहेलियों के साथ दूसरी मंजिल पर लिफ्ट का इंतज़ार कर रही थी।

इंतज़ार के दौरान वह लिफ्ट के पास वाली सीढ़ियों की स्टील रेलिंग पर बैठी थी। जैसे ही लिफ्ट आई, छात्रा ने अपना संतुलन खो दिया और वह अपनी पीठ के बल पीछे की ओर सीधे बेसमेंट में जा गिरी।

इलाज के दौरान तोड़ा दम: हादसे में छात्रा को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ ने उसे तुरंत लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, जख्मों की ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। सदर थाना प्रभारी सुरजीत सिंह ने घटना की पुष्टि की है।

पुलिस जांच और परिवार का हाल: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और डीएसपी जसविंदर सिंह ढींडसा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री को हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय संपर्क में और विस्तार करने की अपील की

भगवंत मान सरकार गुरुओं और शहीदों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध

पंजाब के हवाई अड्डों का नाम गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखना उनकी विरासत के प्रति गहन सम्मान का प्रतीक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जल्द ही, पंजाब के चारों हवाई अड्डे हमारे गुरुओं और शहीदों के नामों से जाने जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब सरकार राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में की शिरक्त

लुधियाना, 1 फरवरी 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब लगातार उस मोड़ की ओर बढ़ रहा है जहाँ इसके चारों हवाई अड्डों के नाम राज्य के महान गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हवाई अड्डे के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की उपस्थिति में यह मुद्दा उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में मातृभूमि के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनके महान बलिदान ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना इस महान शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जो इस क्षेत्र से जुड़े थे और एविएशन में करियर बनाने के लिए बर्कले यूनिवर्सिटी गए थे, लेकिन वापस आने के बजाय उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, ‘पंजाब महान गुरुओं, पैगंबरों, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है। इस पवित्र मिट्टी के कण-कण से उनकी कुर्बानियों की महक आती है।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाता है तो पंजाब के चार हवाई अड्डों में से दो का नाम सम्माननीय गुरुओं के नाम पर और दो का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर का नाम गुरुओं के नाम पर रखा गया है, जबकि शहीद भगत सिंह हवाई अड्डा, मोहाली और शहीद करतार सिंह सराभा हवाई अड्डा, हलवारा हमारे शहीदों की याद को समर्पित होगा।’

गुरु रविदास के प्रकाश पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भक्ति आंदोलन के महान समर्थक के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी द्वारा समानतावादी समाज की रचना के लिए दिखाया गया मार्ग हमारी सरकार की जनता की सेवा करने की प्रतिबद्धता का मुख्य आधार है।’ उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर दो हवाई अड्डों को जनता को समर्पित किया।

हलवारा हवाई अड्डे की रणनीतिक महत्ता को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे ने वर्षों दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान सशस्त्र सेनाओं द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने हलवारा में टर्मिनल, जिसे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है, विकसित करने में योगदान के लिए भारतीय सशस्त्र सेनाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस हवाई अड्डे से संपर्क बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगी।’

पहले किए गए प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 22 मार्च, 2023 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, हलवारा, लुधियाना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा, ‘गदर पार्टी के एक सक्रिय नेता के रूप में, शहीद करतार सिंह सराभा ने पहले विदेशों में और फिर देश के अंदर भारत की आजादी के लिए अथक मेहनत की। हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके बेमिसाल योगदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी।’

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘हमारे महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नामकरण हमारी सरकार के महान शहीदों की विरासत को संरक्षित करने और युवाओं को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित करने के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है।’