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कपूरथला में कथित चुनावी रंजिश को लेकर विवाद, राणा गुरजीत सिंह ने गुंडागर्दी का लगाया आरोप

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला के अजीत नगर में बीती रात कथित चुनावी रंजिश को लेकर हुई झड़प के बाद कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ नवनिर्वाचित पार्षदों की टीम भी मौजूद रही। विधायक ने आरोप लगाया कि विदेश से आए शेरा नामक व्यक्ति के इशारे पर उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया।


राणा गुरजीत सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस उम्मीदवार बलवीर सिंह बीरा ने नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बलवीर सिंह की मदद करने वाले मंजीत सिंह के सहयोगी अंकुश शर्मा के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। साथ ही दुकान पर काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी धमकाया गया।


विधायक के अनुसार पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ युवक दुकान के अंदर घुस आए और सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर मौके से फरार हो गए। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि शहर में किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


घटना की सूचना मिलने पर थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एक युवक को पूछताछ के लिए राउंडअप भी किया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।


थाना सिटी प्रभारी अमनदीप नाहर ने बताया कि पुलिस ने दुकान के अंदर लगी सीसीटीवी प्रणाली की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई भी शिकायतकर्ता औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आया है। इसी कारण राउंडअप किए गए युवक को छोड़ना पड़ा।


राणा गुरजीत सिंह ने दावा किया कि शनिवार दोपहर को भी शेरा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण वह फरार हो गया।


दूसरी ओर थाना प्रभारी अमनदीप नाहर ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस शेरा को पकड़ने के लिए उसके घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी जिम्मेदारी से अपना काम कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच किसी पारिवारिक विवाद को लेकर पहले से तनाव चल रहा था, जिसके चलते विवाद बढ़कर झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

विवादित बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने मांगी माफी, बोले- किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं

अमृतसर / सत्ता संदेश

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाल ही में दिए गिए विवादित बयान पर माफी मांगी। बिट्टू ने कहा कि अगर उनके मुंह से निकले कुछ शब्दों की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। तो वह दिल से अफसोस जताते हैं और इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उनका कभी भी किसी SC, OBC, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय को नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस दौरान ये विवादित शब्द बोले गए। उस दौरान माहौल बहुत गरम था और पुलिस और दूसरे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।


रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसे चुनाव क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि रहे हैं, जहां SC समुदाय की आबादी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा हर वर्ग और समुदाय का सम्मान किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि वह हर समुदाय के साथ अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के लिए काम करते रहे हैं।
बिट्टू ने कहा कि अगर उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह सभी सामाजिक संगठनों, NGO, डेरों और धार्मिक नेताओं से भी माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक जगह या कैंप में जाकर भी अपना अफ़सोस ज़ाहिर करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का बोझ है कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया।


पंजाब BJP की लीडरशिप के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टू ने कहा कि सभी नेता पार्टी हाईकमान के फ़ैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और सीनियर नेता हैं, जिनका सम्मान करना सबका फ़र्ज़ है। उनके मुताबिक, सीनियर नेता हमेशा गाइडेंस देते हैं और उनकी राय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों पर हमले और हथियार लूटने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है और समाज के हर वर्ग को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है, तो कई बार उन्हें अलग-अलग लेवल पर विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलें आती हैं। बिट्टू ने तर्क दिया कि पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए मज़बूत और निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए जा रहे बयान इस बात का संकेत हैं कि पार्टी में एकता की कमी है।
अपने भाषण के आखिर में, बिट्टू ने दोहराया कि वह समाज के हर वर्ग का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों को और सोच-समझकर चुनेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।