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मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला: 29 कॉलेजों में पीजी प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक

नांदेड़ / सत्ता संदेश

Swami Ramanand Teerth Marathwada University ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने संबद्ध 29 कॉलेजों में परास्नातक (पीजी) पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह कदम उन कॉलेजों पर कार्रवाई के तौर पर उठाया गया है, जिन्हें शैक्षणिक एवं प्रशासनिक लेखा परीक्षा (एएए) में बेहद कमजोर प्रदर्शन के आधार पर ‘एफ’ ग्रेड प्राप्त हुआ है।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, कुल 72 कॉलेजों का मूल्यांकन किया गया था, जिसमें 29 संस्थान ‘एफ’ श्रेणी में पाए गए। इन कॉलेजों को न्यूनतम मानकों पर खरा न उतरने के कारण आगामी सत्र में पीजी पारंपरिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने से प्रतिबंधित किया गया है।

परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कॉलेज इस निर्देश का उल्लंघन करता है और फिर भी प्रवेश देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें छात्रों की पात्रता निरस्त करना, परीक्षा फॉर्म अस्वीकार करना, प्रवेश पत्र जारी न करना और परिणाम रोकने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। साथ ही, किसी भी प्रकार के शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज की होगी।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध केवल पारंपरिक पीजी पाठ्यक्रमों पर लागू होगा। फार्मेसी, विधि, बीएड/एमएड और शारीरिक शिक्षा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेजों को इससे छूट दी गई है।

एएए मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, 72 कॉलेजों में से पांच को ‘ओ’ ग्रेड, 11 को ‘ए’ ग्रेड, 13 को ‘बी’, चार को ‘सी’, पांच को ‘डी’ और पांच को ‘ई’ ग्रेड मिला है। वहीं सबसे अधिक 29 कॉलेज ‘एफ’ श्रेणी में रहे, जो सीधे तौर पर गंभीर शैक्षणिक और प्रशासनिक कमियों को दर्शाता है।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, ‘एफ’ ग्रेड पाने वाले 29 कॉलेजों में से 18 नांदेड़ जिले, सात लातूर जिले और चार परभणी जिले के हैं।

यह निर्णय विश्वविद्यालय के कुलपति Manohar Chaskar की अध्यक्षता में हुई शैक्षणिक परिषद और बोर्ड ऑफ डीन्स की बैठकों में लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कॉलेजों को न्यूनतम मानकों के पालन के लिए प्रेरित करने की दिशा में उठाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से कमजोर शैक्षणिक संस्थानों पर दबाव बढ़ेगा और उन्हें अपने ढांचे, शिक्षण गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि, इसका असर उन छात्रों पर भी पड़ सकता है जो इन कॉलेजों पर निर्भर हैं, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी एक चुनौती होगी।

फिलहाल इस फैसले के बाद प्रभावित कॉलेजों में हलचल है और कई संस्थान अब विश्वविद्यालय के सामने अपनी स्थिति में सुधार का मौका देने की मांग कर सकते हैं।

ठाणे में मामूली सड़क हादसा बना जानलेवा, टेम्पो चालक की पीट-पीटकर हत्या; दो भाई समेत तीन गिरफ्तार

ठाणे / सत्ता संदेश

Thane जिले में मामूली सड़क दुर्घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें 38 वर्षीय टेम्पो चालक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में दो भाइयों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और सड़क विवादों के बढ़ते हिंसक स्वरूप को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 22 मई को शिल-दाइघर पुलिस थाना क्षेत्र के धवले गांव में एक स्थानीय स्कूल के पास हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टेम्पो और दूसरे वाहन के बीच मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने टेम्पो चालक पर कथित रूप से लाठी-डंडों और घूंसों से हमला किया। गंभीर चोट लगने के कारण चालक की हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बेहद मामूली था, लेकिन गुस्से और आक्रामक व्यवहार ने एक व्यक्ति की जान ले ली। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और लोगों ने सड़क विवादों में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर होने वाले छोटे विवाद अब तेजी से हिंसक घटनाओं में बदलते जा रहे हैं। गुस्से पर नियंत्रण की कमी, आक्रामक व्यवहार और कानून का भय कम होने जैसी वजहें ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही हैं। सामाजिक संगठनों ने लोगों से संयम बरतने और विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की है।

ठाणे की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली कहासुनी और सड़क विवाद किस तरह कुछ ही मिनटों में घातक हिंसा में बदल सकते हैं।

रायगढ़ भीषण हादसा: 700 फीट गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, 8 दोस्तों की दर्दनाक मौत

नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। सोमवार सुबह महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित अम्बेनाली घाट में एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में वाहन में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है।

हादसे का विवरण और पीड़ितों की पहचान : प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो सतारा जिले के आसगांव की थी। माना जा रहा है कि ये सभी लोग कोंकण या महाबलेश्वर घूमने के लिए आए थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:अंश समीर चव्हाण (19), रितेश राजेंद्र लोखंडे (22), सुहास जितेंद्र लोखंडे (20), उत्कर्ष आनंद शिंगटे (21), निखिल अभिमन्यू शिंगटे (25), महेश अनिल पवार (25), आदित्य अशोक साळुंखे (21) और राजेश अशोक काटकर (35)।

रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौतियां : हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पर्वतारोही और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। हालांकि, 500 से 700 फीट की अत्यधिक गहराई और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। बचाव दल ने अब तक दो शव बरामद कर लिए हैं, जबकि अन्य शवों को निकालने का प्रयास जारी है। अम्बेनाली घाट को अपनी खतरनाक बनावट के कारण सड़क दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है।

महाराष्ट्र के नासिक में दिल दहला देने वाला हादसा: कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 6 बच्चों समेत 9 की मौत

नेशनल डेस्क; महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक अनियंत्रित कार सड़क किनारे स्थित पानी से भरे गहरे कुएं में जा गिरी, जिससे उसमें सवार 9 लोगों की मौत हो गई।

मासूमों की मौत: इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में एक ही परिवार के 6 मासूम बच्चे शामिल हैं। मृतकों में 7 साल की एक बच्ची भी शामिल है।

पीड़ित परिवार: यह हादसा इंदोरे गांव के दरगुडे परिवार के साथ हुआ है। मृतकों में सुनील दरगुडे, उनकी पत्नी और उनकी बेटी की भी जान चली गई। एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है।

कैसे हुआ हादसा: जानकारी के अनुसार, दरगुडे परिवार एक निजी कोचिंग क्लास के कार्यक्रम से लौट रहा था। देर रात का समय होने के कारण सड़क पर रोशनी कम थी, जिससे चालक ने अचानक वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार सीधे गहरे कुएं में जा गिरी। कुएं में पानी भरा होने के कारण किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और सभी की मौके पर ही मौत हो गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बचाव दल और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से कार को कुएं से बाहर निकाला जा सका।

पुलिस कार्रवाई: दिंडोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में चालक द्वारा नियंत्रण खोने की बात सामने आई है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

मुंबई के गोरेगांव में भीषण आग: एक ही परिवार के 3 लोगों की आग में जलकर मौत

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोरेगांव इलाके में शनिवार (10 जनवरी, 2026) सुबह एक रिहायशी बिल्डिंग में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 3 बजे हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

हादसे की जानकारी: अधिकारियों के मुताबिक, गोरेगांव के भगत सिंह नगर में राजाराम लेन पर एक मंजिला बिल्डिंग में आग लगी। मुंबई फायर ब्रिगेड को इसकी जानकारी सुबह 3:06 बजे मिली। आग बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर बिजली की वायरिंग और घरेलू सामान तक ही सीमित थी। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।

मरने वालों की पहचान: हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग बुरी तरह जल गए, जिन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें “मरा हुआ” घोषित कर दिया।

मरने वालों की पहचान इस तरह है:

संजोग पावस्कर (48 साल)

हर्षदा पावस्कर (19 साल)

कुशल पावस्कर (12 साल)

जांच जारी: फायर ब्रिगेड के लोग मौके पर पहुंचे, बिजली की सप्लाई काटी और आग पर काबू पाया। हालांकि, आग लगने का असली कारण अभी पता नहीं चला है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।