ब्रेकिंग न्यूज़
Russia-Ukraine War : नाटो की बैठक से पहले रूस का यूक्रेन पर मिसाइल ड्रोन अटैक, 7 लोगों की मौत

वर्ल्ड डेस्क / सत्ता संदेश

नाटो शिखर बैठक से ठीक पहले रूस ने युक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने एक साथ कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि शहर के कम से कम दो जिलों में मलबा गिरने से आग लग गई और नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी नए बड़े जनहानि के आंकड़े जारी नहीं किए गए। इससे पहले भी पिछले सप्ताह रूस ने कीव पर बड़ा हमला किया था, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हुई थी।

जेलेंस्की ने पहले ही बड़े हमले की चेतावनी क्यों दी थी?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा था कि खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस और नाटो शिखर सम्मेलन से पहले दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना और लोगों की जान लेना है। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही कीव पर बड़ा हमला हो गया।

नाटो शिखर सम्मेलन से पहले यह हमला कितना अहम?

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब मंगलवार से तुर्किये की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन शुरू होना है। सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में यूक्रेन युद्ध, यूरोप की सुरक्षा और रूस के खिलाफ आगे की रणनीति प्रमुख मुद्दे होंगे। ऐसे समय में कीव पर हमला रूस की ओर से एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच जंग किस दिशा में बढ़ रही?

रूस पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र में अधिक से अधिक इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर तेल रिफाइनरी, बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर चुका है। इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष और अधिक व्यापक होता जा रहा है। पिछले कुछ सप्ताह में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाया है।

क्या ट्रंप और पुतिन की बातचीत का असर दिखेगा?

चार जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ट्रंप ने एक बार फिर यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में मदद की पेशकश की थी। हालांकि बातचीत के कुछ ही दिनों बाद कीव पर हुए ताजा हमले ने संकेत दिया है कि फिलहाल युद्ध थमता नहीं दिख रहा है। अब सभी की नजर नाटो शिखर सम्मेलन पर रहेगी, जहां यूक्रेन संकट को लेकर आगे की रणनीति और सहयोग पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यू-टर्न: यूरोपियन देशों पर लगाए गए टैरिफ वापस लिए, ग्रीनलैंड डील के लिए फ्रेमवर्क तैयार

इंटरनेशनल डेस्क: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपियन देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले से पीछे हटकर बड़ा यू-टर्न लिया है। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मीटिंग के दौरान ट्रंप ने ऐलान किया कि वे यूरोपियन देशों पर लगाए गए 10 परसेंट टैरिफ को वापस ले रहे हैं, जिसे 1 फरवरी, 2026 से लागू किया जाना था।

ट्रेड एग्रीमेंट कैंसिल होने के डर से लिया फैसला: सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के नरम पड़ने की मुख्य वजह यूरोपियन यूनियन (EU) की धमकी थी, जिसमें उन्होंने US के साथ ट्रेड डील को सस्पेंड करने का ऐलान किया था। अगर ऐसा होता तो US को बहुत बड़ा इकोनॉमिक नुकसान हो सकता था।

ग्रीनलैंड और आर्कटिक के लिए नया फ्रेमवर्क: NATO सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के साथ सफल मीटिंग के बाद ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक इलाके के भविष्य को लेकर एक डील का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह सॉल्यूशन US और सभी NATO देशों के लिए बहुत फायदेमंद होगा। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स, सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो और स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ इस डील पर चर्चा करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे।

NATO चीफ ने सुरक्षा का भरोसा दिया: मीटिंग के दौरान, मार्क रूट ने ट्रंप को भरोसा दिलाया कि अगर अमेरिका पर कभी हमला होता है, तो यूरोपियन देश हमेशा मदद के लिए आगे आएंगे। उन्होंने अफ़गानिस्तान का उदाहरण दिया और कहा कि NATO के साथियों ने हमेशा अमेरिका का साथ दिया है और आगे भी देते रहेंगे।