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पश्चिम बंगाल: नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू; ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, शुभेंदु अधिकारी बन सकते हैं अगले CM

नैशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। एक ओर जहाँ चुनाव आयोग ने राज्य में नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर दी है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है।

ममता बनर्जी के गंभीर आरोप: चुनाव में मिली हार के बावजूद ममता बनर्जी के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से मना करते हुए कहा कि वह चुनाव में हारी नहीं हैं, बल्कि उन्हें हराया गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ‘EVM की लूट’ का आरोप लगाया है।

चुनाव आयोग की कार्रवाई : चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन का नोटिफिकेशन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को सौंप दिया है, जिसके साथ ही राज्य में चुनाव प्रक्रिया का काम औपचारिक रूप से पूरा हो गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे से इनकार करने का चुनाव आयोग से कोई लेना-देना नहीं है; यह मामला मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति के बीच का है।नई सरकार के गठन की तैयारी राज्य में अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

शपथ समारोह: नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को गुरु रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर होने की संभावना है।

BJP की बैठक: 8 मई को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव किया जाएगा।

पर्यवेक्षक: इस बैठक के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ऑब्जर्वर और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को को-ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है।

CM की रेस: सूत्रों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे है, जिन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को शिकस्त दी है।

बंगाल चुनाव में EC का बड़ा एक्शन: पक्षपात के आरोप में ASP और SDPO समेत 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, SP को भी चेतावनी

नेशनल डेस्क : भारत चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने और गंभीर कदाचार के आरोप में 5 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई डायमंड हार्बर पुलिस जिले में पहले चरण के मतदान के दौरान कथित पक्षपात की शिकायतों के बाद की गई है।

निलंबित अधिकारियों की सूची और आरोप: निलंबित किए गए अधिकारियों में ASP संदीप गराई, SDPO सजल मंडल, और तीन थाना प्रभारी (डायमंड हार्बर, फलता और उस्थी) शामिल हैं। आयोग के अनुसार, ये अधिकारी चुनाव के दौरान आवश्यक तटस्थता बनाए रखने में विफल रहे। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि इन सभी के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।

SP को सख्त चेतावनी: इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर की SP इशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की है। उन पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप है। आयोग ने शनिवार सुबह 11 बजे तक इस पूरी कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।

रिकॉर्ड मतदान के बीच कार्रवाई : यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब बंगाल में पहले चरण के दौरान 91.91% का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार आजादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक है। बंगाल की शेष 142 सीटों पर 29 मई को मतदान होना है।

बंगाल और तमिलनाडु चुनाव: पहले चरण में मतदाताओं ने रचा इतिहास; 91.78 फीसदी मतदान के साथ टूटा रिकॉर्ड

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, जिससे मतदान के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण में रिकॉर्ड 91.78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ, जहाँ 84.35 प्रतिशत वोटिंग हुई है, जो 1952 के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान है।

बंगाल में पिछले चुनावों के मुकाबले भारी वोटिंग :बंगाल में इस बार का मतदान प्रतिशत पिछले कई वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक रहा। आंकड़ों के अनुसार, 2011 में 84%, 2016 में 82.66% और 2021 में 81.56% मतदान हुआ था। इस बार दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज्यादा 93 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। इसके अलावा कूच बिहार (92%+), जलपाईगुड़ी (91%+) और उत्तर दिनाजपुर (90%+) जैसे जिलों में भी बंपर वोटिंग दर्ज की गई।

हिंसक झड़पें और EVM में गड़बड़ी के आरोप :रिकॉर्ड तोड़ मतदान के बीच बंगाल के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें भी सामने आईं। बीरभूम के खैराशोल में भारी अशांति और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मारपीट की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा, दुबराजपुर के बुधपुर गांव (बूथ नंबर 65) में ग्रामीणों ने EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका दावा था कि TMC उम्मीदवार का बटन दबाने पर वोट BJP उम्मीदवार के खाते में जा रहा था, जिसके विरोध में लोगों ने प्रदर्शन भी किया।

राजनीतिक दिग्गजों के दावे: भारी मतदान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि पहले चरण की वोटिंग BJP की प्रचंड जीत का संकेत दे रही है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में एक बार फिर TMC की ही सरकार बनेगी। इसी बीच, बंगाल BJP के नेता सुवेंदु अधिकारी ने 2021 की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘बदला’ ले लिया है और राज्य में बदलाव की लहर साफ दिख रही है।

अगला चरण और नतीजों की तारीख: तमिलनाडु में मतदान संपन्न होने के साथ ही अब बंगाल में दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जिसमें 1448 उम्मीदवार मैदान में होंगे। सभी चरणों के बाद वोटों की गिनती 4 मई को सुबह 8 बजे शुरू की जाएगी।