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राष्ट्रपति मुर्मू ने नई दिल्ली में ‘सौश्रुतम 2026’ का उद्घाटन किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को सुश्रुत जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में ‘सौश्रुतम् 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्‍थान के एमआरआई सेक्‍शन का भी उद्घाटन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने शल्‍य चिकित्‍सा के जनक माने जाने वाले आचार्य सुश्रुत की जयंती के शुभ अवसर पर आयुर्वेद से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सदियों पहले आचार्य सुश्रुत ने जब शल्य चिकित्सा पद्धति का सूत्रपात किया था, तब वह अपने समय की एक क्रांति से कम नहीं था।

राष्ट्रपति ने कहा कि आचार्य सुश्रुत अनेक जटिल एवं नवाचारपूर्ण शल्य क्रियाओं के प्रवर्तक के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपने समय में प्‍लास्‍टिक सर्जरी, मोतियाबिंद सर्जरी, ट्यूमर के उपचार और ईएनटी सर्जरी जैसे अनेक क्षेत्रों में नयी पद्धतियों का प्रवर्तन किया। उनके द्वारा रची गयी सुश्रुत संहिता ने केवल भारतीय उपमहाद्वीप को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को भी एक नई दिशा प्रदान की है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी परंपरा में निहित, मानव-कल्याण के लिए उपयोगी ज्ञान को, बदलते समय के साथ सामंजस्य बिठाते हुए आगे बढ़ाना समाज के लिए हितकर होगा। आयुर्वेद की समग्र जीवन-दृष्टि मानवता के लिए एक वरदान है। हमें यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि यह प्राचीन ज्ञान वर्तमान समय के साथ प्रासंगिक और प्रभावी बना रहे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आयुर्वेद और योग को विश्व पटल पर नई ऊर्जा के साथ प्रतिष्ठित किया है। उन्‍हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सरकार शल्य चिकित्सा की इस प्राचीन परंपरा को भी वैज्ञानिक कसौटियों के सभी मानकों पर सफल करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मानकीकृत दस्तावेज़ीकरण, डिजिटल हैल्‍थ एकीकरण, और आधुनिक विज्ञान की अनुसंधान तकनीकों का सम्‍यक् उपयोग करने से इस प्रणाली की व्यापक वैश्विक स्वीकृति को बल मिलेगा।

राष्ट्रपति ने युवा विद्यार्थियों और अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत कर रहे शोधकर्ताओं से कहा कि आयुर्वेद का भविष्य उनके हाथों में है। उन्‍होंने उन सबको सुझाव दिया कि वे जिज्ञासा, सत्यनिष्ठा, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ व्यावहारिक शोध और अपने क्षेत्र में उच्‍च कोटि के साक्ष्‍य निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जहां-जहां उपयुक्त हो, वहां उन्‍हें नई तकनीकों का उपयोग करने से नहीं हिचकना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि वे आचार्य सुश्रुत के दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए चिकित्सा में नैतिकता और रोगियों के प्रति करुणामय सेवा के अपने संकल्प पर सदैव अडिग रहें।

राष्ट्रपति ने यह विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि ‘सौश्रुतम् 2026’ में होने वाले विचार-विमर्श से नए ज्ञान का सृजन होगा और इससे आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्थक आयोजनों से समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आयुर्वेद के योगदान को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्‍ठी में भारत और अन्य देशों के जाने-माने सर्जन, शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग लेंगे।

Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान में क्या?

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर लिखा, भारत सरकार की अनुशंसा पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 में संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की स्वीकृति दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा। रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

किन मुद्दों पर हंगामा कर सकता है विपक्ष?

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। नजरें स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर टिकी हैं। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

बजट सत्र में कितना कामकाज हुआ?

इससे पहले संसद का बजट सत्र विगत 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था। 28 जनवरी, 2026 को शुरू हुए संसद के बजट सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराए गए थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुताबिक सत्र के दौरान 31 बैठकें हुईं। लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा कराई गई थी। 

बजट सत्र के दौरान कौन से विधेयक पारित हुए थे?

  • औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026
  • वित्त विधेयक, 2026
  • दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026
  • जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026

93 प्रतिशत उत्पादकता, चर्चा में कितने सदस्यों ने भाग लिया?

सदन की कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले स्पीकर ओम बिरला ने बताया था कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए और 09 विधेयक पारित किए गए। 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026; संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026; और परिसीमन विधेयक, 2026 पर 21 घंटे 27 मिनट तक चर्चा हुई। इस चर्चा में 131 सदस्यों ने भाग लिया था। कुल कार्य-उत्पादकता लगभग 93 प्रतिशत रही थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया, भारत-चीन सीमा का करेंगी दौरा

गंगटोक / सत्ता संदेश

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने मंगलवार को सिक्किम के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत की। इस दौरान वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-चीन सीमा क्षेत्रों का भी दौरा करेंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर लगभग 12 बजे सिक्किम की राजधानी Gangtok के लिबिंग हेलीपैड पर पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। राज्यपाल Om Prakash Mathur और मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang ने स्वयं उपस्थित रहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया।

आगमन के बाद राष्ट्रपति सीधे लोक भवन के लिए रवाना हुईं, जहां उनके प्रवास की व्यवस्था की गई है। अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति राज्य में कई आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी कर सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा विशेष रूप से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों का भी निरीक्षण करेंगी। सिक्किम का यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है और यहां सेना तथा सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण मौजूदगी रहती है।

राष्ट्रपति के इस दौरे को राज्य में विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति के आकलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं।

दौरे के दौरान राष्ट्रपति स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों से भी मुलाकात कर सकती हैं। इसके अलावा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

सिक्किम सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताया है, जिससे राज्य के विकास और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उच्च स्तर पर संवाद को बल मिलने की उम्मीद है।

बड़ी ख़बर: सुबह-सुबह बड़ा हादसा! यात्रियों से भरी बस पलटी, सड़क पर बिखरी लाशें

नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में शुक्रवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। बस सड़क से फिसलकर नीचे गिर गई।

कैसे हुआ हादसा: यह दुखद घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे चिंतुरु-मारेदुमिल्ली घाट रोड पर एक दुर्गा मंदिर के पास हुई। आशंका है कि घने कोहरे के कारण बस ड्राइवर को हादसे वाली जगह पर मोड़ दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने बताया कि बस एलिवेटेड घाट रोड से नीचे गिर गई और सड़क पर पलट गई। बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत कुल 37 लोग सवार थे, जिनमें से छह लोग सुरक्षित हैं।

यात्री और मंज़िल: दुर्घटनाग्रस्त बस चित्तूर इलाके के लोगों को ले जा रही थी, जो अराकू की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद पड़ोसी तेलंगाना जिले के भद्राचलम जा रहे थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना पर दुख जताया: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर दुख जताया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर दुख जताया, अधिकारियों से बात की और घायलों को दिए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी मांगी।

पुलिस कार्रवाई: SP अमित बरदार ने कहा कि हादसा ‘चाइना वॉल’ के पास हुआ, जिसे गाड़ियों को सड़क से गिरने से रोकने के लिए बनाया गया था। मोथुगुडेम पुलिस स्टेशन ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 106 (लापरवाही और तेज़ गाड़ी चलाने से मौत) के तहत मामला दर्ज किया है।