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SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के बड़े फैसले, नोटिस पाने वालों के घर जाएंगे BLO; दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर 2026 को हुई बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान जानकारी उपलब्ध न होने या तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस पाने वाले लोगों को सुनवाई के लिए अनिवार्य रूप से ERO/AERO कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा।

आयोग के अनुसार, ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे। इसके बाद दस्तावेजों को ECINet पर अपलोड किया जाएगा, ताकि ERO द्वारा मामले में निर्णय लिया जा सके। केवल असाधारण परिस्थितियों में ERO के निर्णय के अनुसार ऑनलाइन सुनवाई की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को भी मजबूत करने का निर्णय लिया है।

गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष हेल्प डेस्क

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि जरूरत के अनुसार रैन बसेरों, श्रमिकों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाए जाएं और विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें SIR प्रक्रिया में आवश्यक सहायता मिल सके।

आयोग ने यह भी कहा कि SIR के लिए Form-6 के साथ लगाए जाने वाले घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। हालांकि गैर-SIR अवधि में मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के अनुसार संबंधित निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

ECINet की होगी समीक्षा

बैठक में ECINet प्रणाली की समीक्षा का भी फैसला लिया गया है। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें IIT/IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह जांच करेगी कि ECINet प्रणाली संबंधित कानूनों और नियमों के प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं और अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी।

आयोग ने बताया कि राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) से पिछले कुछ महीनों में मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई अपग्रेड पहले ही किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को किसी अतिरिक्त सुविधा की आवश्यकता होने पर उसे भी लागू किया जाएगा। भविष्य में IT मॉड्यूल और पोर्टलों से जुड़ी नई पहलों पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति (COO) में चर्चा की जाएगी।

दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी SIR की समयसीमा

दिल्ली के CEO के अनुरोध पर आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा अब 30 नवंबर 2026 तक होगी।

वहीं महाराष्ट्र के CEO के अनुरोध पर वहां नोटिस और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। महाराष्ट्र में नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

आयोग की बैठकों के एजेंडे और मिनट्स जारी होंगे

निर्वाचन आयोग ने तय किया है कि आयोग की सभी बैठकों का एजेंडा पहले ही जारी किया जाएगा और बैठक का विवरण यानी मिनट्स भी जारी किया जाएगा। अधिकारियों की APAR (Annual Performance Appraisal Report) हर साल तय समयसीमा के भीतर यानी 31 दिसंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। आयुक्तों द्वारा दिए गए निर्देशों का आयोग के अधिकारियों द्वारा पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।

20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा

आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो चुका है। आयोग के मुताबिक जिन लोगों का नाम SIR के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची में छूट गया है, वे निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी शामिल हैं।

CEO, DEO और ERO को ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

गोवा में 81 मतदाताओं ने Form-6 भरा

आयोग ने बताया कि गोवा के CEO ने संबंधित BLO को उन मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म एकत्र करने का निर्देश दिया है, जिनके नाम छूट गए हैं। आयोग के अनुसार, 97 ऐसे मतदाताओं में से 81 ने नाम शामिल करवाने के लिए Form-6 पहले ही भर दिया है।

आयोग ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग या IT प्रभाग की किसी नीतिगत बात से संबंधित नहीं था, बल्कि निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग के अनुसार, 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी SIR आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। आयोग ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने आदेश में इसे सही ठहराया है। आयोग के मुताबिक SIR के तीसरे चरण में शामिल शेष 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की संख्या के अंतिम आंकड़े स्पष्ट होंगे।

यह प्रेस विज्ञप्ति 26 सितंबर 2026 को हुई निर्वाचन आयोग की बैठक में लिए गए फैसलों के आधार पर जारी की गई है और इसे पूरे आयोग की मंजूरी प्राप्त है।

चुनाव आयोग की अहम बैठक में बड़े फैसले, दिल्ली-महाराष्ट्र में SIR की समयसीमा बढ़ी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में अहम बैठक की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ओर से मिली मांग के आधार पर आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। वहीं, नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।

महाराष्ट्र के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 तय की गई है।

BLO घर जाकर जुटाएंगे दस्तावेज

आयोग के आधिकारिक बयान के मुताबिक, SIR के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके दस्तावेज जुटाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) उनके घर जाएंगे। आयोग ने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत नहीं होगी।

इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को जरूरत के अनुसार नाइट शेल्टर, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

फॉर्म-6 और घोषणा पत्र पर आयोग की सफाई

बैठक में फॉर्म-6 से जुड़े विवाद पर भी चर्चा हुई। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की व्यवस्था जारी रहेगी। आयोग के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट भी फॉर्म-6 में दिए जाने वाले घोषणा पत्र की वैधता को सही ठहरा चुका है।

ECINET की होगी समीक्षा

आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है। इसमें एक वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) के साथ IIT और IIM के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे।

आयोग ने यह भी तय किया कि उसकी सभी बैठकों का एजेंडा पहले से जारी किया जाएगा और बैठकों की कार्यवाही की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए पूर्व मंजूरी जरूरी

बैठक में अधिकारियों की विदेश यात्राओं को लेकर भी फैसला लिया गया। अब अधिकारियों को विदेश यात्रा से पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेना जरूरी होगा। चुनाव आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आयोग ने अधिकारियों की APAR यानी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट को हर साल 31 दिसंबर तक पूरा करने की समयसीमा पर भी जोर दिया।

कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर आयोग की सफाई

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया कि इसका आयोग या उसके IT विभाग की किसी नीतिगत व्यवस्था से संबंध नहीं था। आयोग के अनुसार, पत्र ECI में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-वितरण संबंधी आदेश दो चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किए गए थे। साथ ही IT विभाग की निगरानी में उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की भूमिका कभी वापस नहीं ली गई।

20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूरा

आयोग के मुताबिक, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। SIR के दौरान या उसके बाद जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता भी शामिल हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को ऐसे मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने कहा कि देशभर में SIR से जुड़े फैसलों समेत हाल के महीनों में कई निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार, 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR कराने का आदेश सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। इसकी शुरुआत बिहार से हुई और इसके बाद पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रक्रिया आगे बढ़ी।

दिल्ली SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, चुनाव आयोग बोला- ‘एक भी नोटिस गलत नहीं, किसी का नाम नहीं कटने देंगे’

दिल्ली SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि एक भी नोटिस गलत जारी नहीं हुआ है। आयोग ने 1200 ERO और 14 हजार BLO की तैनाती की जानकारी दी।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अपने पक्ष में कहा कि एक भी नोटिस गलत तरीके से जारी नहीं किया गया है और हर मामले की जांच की जा रही है। आयोग ने यह भी कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटने दिया जाएगा। दिल्ली में SIR से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए करीब 1,200 इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO), जो SDM स्तर के अधिकारी हैं, और 14 हजार BLO तैनात किए गए हैं।

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिलहाल प्रक्रिया की समयसीमा 31 अक्टूबर तक है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। आयोग का कहना है कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के मामलों को सुनकर उनका सत्यापन किया जा रहा है।

33 लाख लोगों को नोटिस पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अंजलि भारद्वाज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई लोगों को अंग्रेजी में नोटिस भेजे गए हैं, जबकि वे अंग्रेजी पढ़ने में सक्षम नहीं हैं। उनके मुताबिक पूर्व न्यायाधीशों, वरिष्ठ वकीलों और सेवानिवृत्त अधिकारियों तक को नोटिस मिले हैं।

भूषण ने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों के पारिवारिक रिकॉर्ड में उम्र का अंतर या अन्य दस्तावेजी विसंगतियां हैं, वे पुराने दस्तावेज कहां से लाएंगे। इस पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि 12 दस्तावेजों तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं है और अन्य स्वीकार्य दस्तावेज भी मान्य हो सकते हैं।

याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार, करीब 19 लाख लोगों को ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर नोटिस भेजे गए हैं। उनका तर्क था कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दस्तावेज जुटाना और प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भी यह मुद्दा सामने आया कि आम मतदाताओं के लिए सत्यापन की प्रक्रिया आसान बनाई जानी चाहिए।

हर वार्ड में BLO बैठाने का सुझाव

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने चुनाव आयोग से कहा कि हर वार्ड में BLO की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को अपने दस्तावेज और आपत्तियां दर्ज कराने में परेशानी न हो। अदालत के समक्ष यह मुद्दा भी आया कि यदि नोटिस बड़ी संख्या में कंप्यूटर आधारित प्रक्रिया से जारी हुए हैं तो उनमें संभावित त्रुटियों को ठीक करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

47 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से हटने के बाद विवाद

दिल्ली SIR को लेकर विवाद तब और बढ़ा जब ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47 लाख नाम शामिल नहीं किए गए। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस पाने वाले 33 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम और उन्हें नोटिस दिए जाने के कारण सार्वजनिक करने की मांग की है। याचिका में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ और ‘नो मैपिंग’ जैसी श्रेणियों के आधार और प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

नोटिस मिलने के बाद क्या करना होगा?

SIR प्रक्रिया में यदि मतदाता के रिकॉर्ड को लेकर कोई विसंगति सामने आती है तो संबंधित Electoral Registration Officer की ओर से नोटिस जारी किया जा सकता है। मतदाता को अपने नाम और पात्रता के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों का सत्यापन करता है।

यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत वह संबंधित प्राधिकरण/ट्रिब्यूनल के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है और आगे की वैधानिक अपील का रास्ता भी उपलब्ध हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का मुख्य मुद्दा यही है कि SIR के तहत मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी, सुलभ और उचित तरीके से लागू हो, ताकि पात्र मतदाताओं को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर 22 सितंबर 2026 की कार्यवाही से संबंधित सूची भी उपलब्ध है।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से SIR के प्रति जागरुकता के लिए शिविर का आयोजन किया गया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

निर्वाचन विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहयोग से आज सुखना लेक पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने मतदाता सूची को अद्यतन रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मतदाताओं से 14 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा करने की अपील की। इस पहल को सुखना लेक पर आए नागरिकों ने सराहा।

एसआईआर अभियान के अंतर्गत 11 एवं 12 जुलाई 2026 को यूटी चंडीगढ़ के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मतदाताओं की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।

सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वे अपने संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर उपलब्ध सहायता का लाभ उठाएं तथा 14 जुलाई 2026 तक अपना गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें।

अधिक जानकारी के लिए मतदाता वोटर हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा ईसीआईनेट (ECINet) ऐप एवं पोर्टल पर उपलब्ध ‘Book a Call with BLO’ सुविधा का उपयोग कर अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

वोटर लिस्ट के SIR की तैयारियां तेज, DC हिमांशु जैन ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर हिमांशु जैन ने जिले में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 एक्टिविटीज़ को आसानी से चलाने और असरदार मैनेजमेंट के लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल के नोडल ऑफिसर्स और असिस्टेंट नोडल ऑफिसर्स को अपॉइंट किया है। डिप्टी कमिश्नर ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की एक्टिविटीज़ का रिव्यू करने के लिए लोकल बचत भवन लुधियाना में इन नोडल ऑफिसर्स और असिस्टेंट नोडल ऑफिसर्स के साथ मीटिंग की।

डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर ने बताया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए प्रोग्राम जारी किया है और SIR से जुड़ी हर एक्टिविटी को आसानी से करने के लिए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की सीधी देखरेख में डेडिकेटेड टीमें बनाई गई हैं।

हिमांशु जैन ने बताया कि नियुक्त नोडल ऑफिसर शिकायत निवारण, IT से जुड़ी समस्याओं का समाधान, ट्रेनिंग मैनेजमेंट, कंटेंट मैनेजमेंट, सोशल मीडिया कोऑर्डिनेशन, SWEEP अवेयरनेस एक्टिविटी, SIR से जुड़े ज़रूरी मुद्दों की रिपोर्टिंग, कानूनी मामले, BLO की भलाई और हेल्प डेस्क ऑपरेशन जैसे ज़रूरी कामों की देखरेख करेंगे।

उन्होंने बताया कि रिवीजन प्रोसेस के बेहतर कोऑर्डिनेशन और असरदार तरीके से लागू करने के लिए असिस्टेंट नोडल ऑफिसर भी तैनात किए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि ये टीमें SIR प्रोसेस के दौरान लोगों की मदद भी करेंगी और यह पक्का करेंगी कि योग्य वोटरों को डॉक्यूमेंटेशन और वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर ने डिस्ट्रिक्ट लेवल नोडल ऑफिसर और असिस्टेंट नोडल ऑफिसर को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को ध्यान में रखते हुए दिए गए काम के बारे में पूरी लगन, ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी के साथ काम करने का निर्देश दिया। हिमांशु जैन ने कहा कि सभी नोडल टीमों के काम और प्रोग्रेस पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर पूनम सिंह नज़र रखेंगी ताकि दी गई ज़िम्मेदारियों को समय पर पूरा किया जा सके। इसके अलावा, SIR से जुड़ी लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में एक डेडिकेटेड हेल्प डेस्क भी बनाया गया है।

डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर ने कहा कि पंजाब राज्य में SIR का काम 15 जून से शुरू किया जाना है। पंजाब राज्य में वोटर लिस्ट की वैलिडिटी 1 अक्टूबर तय की गई है। जिसके अनुसार, 15 जून से 24 जून तक गिनती के फॉर्म की तैयारी, ट्रेनिंग और प्रिंटिंग का समय होगा। 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर गिनती के फॉर्म बांटेंगे। गिनती के फॉर्म में वोटर की सारी डिटेल्स होंगी और BLO तीन बार वोटर के घर जाएंगे।

उन्होंने कहा कि भारत के चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, हर पोलिंग बूथ पर 1200 से ज़्यादा वोट वाले बूथों का रैशनलाइज़ेशन 24 जुलाई को किया जाएगा। इस दौरान अगर किसी पोलिंग बूथ की बिल्डिंग शिफ्ट होने वाली है या किसी पोलिंग बूथ की बिल्डिंग का नाम ठीक किया जाने वाला है, तो उसे भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट पब्लिकेशन 3 अगस्त को किया जाएगा और 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। मिले दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर तक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर करेंगे और वोटर लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन 1 अक्टूबर को किया जाएगा।

मतदाता सूची संशोधन अभियान के दौरान मतदाताओं की सहायता के लिए ‘SIR हेल्प डेस्क’ स्थापित

लुधियाना / सत्ता संदेश

विशेष गहन संशोधन (SIR)-2026 प्रक्रिया के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, जिला प्रशासन ने जिला प्रशासनिक परिसर के कमरा नंबर 12 में एक समर्पित SIR हेल्प डेस्क स्थापित किया है, ताकि मतदाता सूची संशोधन और मतदाता सत्यापन से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया जा सके।

इस पहल का उद्देश्य मतदाताओं को चल रहे SIR अभियान के दौरान जानकारी और सहायता तक आसान पहुँच प्रदान करना है।

अधिकारियों ने बताया कि यह हेल्प डेस्क मतदाताओं की उन चिंताओं को दूर करने के लिए स्थापित किया गया है जो चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (EROs), सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (AEROs), और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) से संबंधित हैं; इसके अलावा, यह नागरिकों को दस्तावेज़ीकरण, मतदाता मैपिंग, सुधार और SIR प्रक्रिया से संबंधित अन्य मुद्दों में भी सहायता प्रदान करेगा।

प्रशासन ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे हेल्प डेस्क और BLOs के माध्यम से प्रदान की जा रही सहायता सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें, विशेष रूप से तब जब जिला 15 जून से औपचारिक रूप से SIR अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

जिला प्रशासन ने पूरे लुधियाना जिले में आयोजित प्री-SIR अभियान के तहत पहले ही 74.46 प्रतिशत से अधिक मतदाता मैपिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

मतदाताओं की भागीदारी को और अधिक सुगम बनाने के लिए, 7 जून को पूरे जिले में मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जहाँ बूथ स्तरीय अधिकारी मतदाताओं को सत्यापन, सुधार और शिकायत निवारण में सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूचियों का मसौदा प्रकाशन 3 अगस्त, 2026 को होगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 3 अगस्त से 2 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी, जबकि दावों और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया 28 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने एक पारदर्शी, समावेशी और नागरिक-अनुकूल चुनावी संशोधन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और मतदाताओं से आग्रह किया कि वे त्रुटि-मुक्त मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।