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दोआबा में पंजाब किसान कमेटी ने गन्ने की राशि और बिजली कटौती को लेकर की मीटिंग

टांडा उमरार / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने गन्ने की बकाया राशि वसूलने और बिजली कटौती को लेकर मीटिंग की। दोआबा किसान कमेटी पंजाब की मीटिंग बाबा बूटा भगत हॉल टांडा में अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान और महासचिव प्रितपाल सिंह गोराया के नेतृत्व में हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि गन्ने की बकाया राशि 68.50 रुपये जो सरकार ने देनी है, वह अभी तक नहीं दी गई है।

पंजाब सरकार पिछले दो महीने से अपने अधिकारियों को गन्ना विभाग की कसमें खिलवा रही है। इससे पहले 18 मई को दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर प्रोजेक्टिंग ऑफिसर के दफ्तर के सामने धरना दिया था और उस दिन गन्ना विभाग के सभी अधिकारियों ने माना था कि पंजाब सरकार ने 68.50 रुपये भेजे हैं। खातों में 142 करोड़ जमा होने थे, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी भी ज़मीन मालिक के खाते में एक भी रुपया नहीं आया है। किसानों को अपना ही पैसा पाने के लिए शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। उन्हें धरने देने पड़ रहे हैं। एक तरफ सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है और लोगों को कसमें खिला रही है, और दूसरी तरफ गन्ने का बकाया पैसा किसानों के खातों में नहीं डाल रही है। तीन-चार महीने में फिर से सीजन शुरू होने वाला है और ज़मीन मालिकों का पिछला बकाया करीब डेढ़ सौ करोड़ है।

दूसरी तरफ किसान धान लगा रहे हैं। बिना बताए बिजली कटौती हो रही है। ज़मीन मालिकों के धान के खेत सूख गए हैं, गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, धान की फसल खराब हो गई है, जो धान लगना था, वह लेट हो गया है। सरकार अपने वादों से मुकर गई है। सरकार कहती थी कि मोटरों को लगातार आठ घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी, जबकि मोटरों को तीन-चार घंटे भी सप्लाई नहीं दी जा रही है।

दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने आज अपनी मीटिंग में फैसला किया है कि अगर सरकार कल, 30 जून तक मकान मालिकों के अकाउंट में पैसे जमा नहीं करती है और बिजली सप्लाई ठीक नहीं करती है, तो 1 जुलाई को टांडा उड़मुड़ में बिजली घर चौक पर नेशनल हाईवे जम्मू-पठानकोट को ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिसकी सीधी जिम्मेदारी पंजाब सरकार के केन डिपार्टमेंट और पावर डिपार्टमेंट की होगी। जंगवीर सिंह चौहान, स्टेट प्रेसिडेंट दोआबा किसान कमेटी पंजाब, स्टेट जनरल सेक्रेटरी पृथपाल सिंह गोराया, सेक्रेटरी सतपाल सिंह मिर्जापुर वगैरह मौजूद थे।

पंजाब में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट: 28 अप्रैल तक 8-10 घंटे के लंबे पावर कट, जानें अपने शहर का शेड्यूल

पंजाब डेस्क : पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और सूरज की तपिश के बीच आम जनता की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। एक ओर मौसम विभाग ने राज्य में हीटवेव (Heatwave) का येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं दूसरी ओर पावरकॉम (PSPCL) ने राज्य के प्रमुख शहरों में 8 से 10 घंटे तक के लंबे बिजली कट लगाने का फैसला किया है। मेंटेनेंस के नाम पर लगाए जा रहे ये कट 21 अप्रैल से शुरू होकर 28 अप्रैल तक जारी रहेंगे, जिससे लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे महानगरों की रफ्तार थम सकती है।

पावरकॉम का पब्लिक नोटिस और प्रभावित शहर : पावरकॉम ने मेंटेनेंस कार्यों के चलते एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी है।

इस कटौती का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित शहरों में दिखेगा:

लुधियाना: यहाँ कई इलाकों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बिजली गुल रहेगी।

मोहाली: आईटी सिटी और फेज-3 समेत कई क्षेत्रों में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक कट लगेंगे।

अमृतसर और जालंधर: इन शहरों के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में 4 से 6 घंटे की कटौती की जाएगी।

पटियाला और बठिंडा: यहाँ भी दोपहर के समय 5 घंटे तक बिजली बंद रहने की सूचना है।

गर्मी का बढ़ता प्रकोप और बिजली की मांग: राज्य में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और 21 जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। बिजली की मांग वर्तमान में लगभग 6,000 मेगावाट है, लेकिन तापमान 40 डिग्री पार करने पर यह 10,000 मेगावाट तक पहुँचने की उम्मीद है। वर्तमान में पंजाब खुद 3,300 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है और बाकी की कमी केंद्रीय पूल से खरीदकर पूरी की जा रही है।

सेहत विभाग की एडवाइजरी : बढ़ती गर्मी और बिजली कटों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है और अस्पतालों को 24 घंटे स्टाफ के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे हीटवेव के दौरान सीधे धूप में निकलने से बचें।