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कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने इंटर-स्टेट बम की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया:

मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; फ्रॉड की धमकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट किया गया।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

साइबर-टेररिज्म और फ्रॉड के खतरे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कमीशनेट पुलिस अमृतसर ने पश्चिम बंगाल से एक मुख्य ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों के स्कूलों और दूसरे सेंसिटिव इंस्टीट्यूशन को बड़े पैमाने पर “बम ब्लास्ट” की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था। इन *धमकी भरे ईमेल का मकसद आतंक फैलाना और पब्लिक शांति और नेशनल सिक्योरिटी को खराब करना था।

इन एक्टिविटी में इस्तेमाल होने वाले गुमनाम डिजिटल टूल्स के प्रोवाइडर को गिरफ्तार करके, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने साइबर-क्रिमिनल्स द्वारा ऐसी धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जड़ पर हमला किया है।

  • केस नंबर 04 तारीख 14-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 06 तारीख 26-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 09 तारीख 01-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।
  • केस नंबर 14 तारीख 28-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।

डिजिटल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने उसे मौजूदा मामलों में नॉमिनेट किया। आरोपी को गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में नॉमिनेट किया था।

टेक्निकल एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ कि इन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल अमृतसर और देश के कई दूसरे हिस्सों में जांच के तहत धमकी भरे ईमेल भेजने* के लिए किया गया था।

जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी अलग-अलग फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए ईमेल अकाउंट्स खरीदने और बेचने के धंधे में शामिल था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनजान लोगों से करीब 300 Gmail अकाउंट्स खरीदे गए थे। आगे की जांच में पता चला कि 219 Gmail अकाउंट्स WhatsApp के ज़रिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए थे।इन अकाउंट्स को खरीदने और बेचने के लिए ट्रांज़ैक्शन USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके किए गए थे।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि ये ईमेल अकाउंट्स बाद में पाकिस्तान में रहने वाले अनजान लोगों को सप्लाई किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर इनका इस्तेमाल बम की धमकी वाले ईमेल और दूसरी गैर-कानूनी साइबर एक्टिविटीज़ भेजने के लिए किया था। बांग्लादेश लिंक के बारे में भी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बरामदगी

  • 03 CPUs
  • 05 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • 03 मोबाइल फ़ोन
  • 01 इंटरनेट राउटर
  • पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स के साथ 300 से ज़्यादा Gmail IDs
  • 15 हॉटमेल अकाउंट

गिरफ़्तार आरोपी

  1. सौरव बिस्वास उर्फ़ माइकल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला

उम्र: 30 साल, पढ़ाई: 12th, प्रोफ़ेशन: ग्राफ़िक डिज़ाइनर,

टीम : श्री रविंदरपाल सिंह, DCP/डिटेक्टिव, श्री सिरिवेनेला, ADCP/सिटी-2, श्रीमती परविंदर कौर, ADCP/हेडक्वार्टर, श्री लखविंदर सिंह क्लेर ACP साइबर क्राइम और फ़ोरेंसिक और इंस्पेक्टर राजबीर कौर SHO साइबर क्राइम।

फतेह सिंह कॉलोनी गली न:11 से 15 में दूषित पानी की समस्या गंभीर; विधायक और निगम की नाकामी के खिलाफ भड़के डॉ. राम चावला:विक्रमजीत सिंह/ तरजिंदर सिंह)


अमृतसर / सत्ता संदेश


अमृतसर के फतेह सिंह कॉलोनी इलाके में पीने के पानी की समस्या अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुकी है। पिछले काफी समय से स्थानीय निवासियों के घरों में बेहद गंदा और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे इलाके में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है और लोगों की सेहत पर इसका भारी असर पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि स्थानीय निवासियों द्वारा नगर निगम और मौजूदा विधायक को बार-बार शिकायतें देने के बावजूद, प्रशासन और सत्ताधारी नेताओं के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी ने भी इस गंभीर मुद्दे पर कोई कड़ी कार्रवाई या प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वयं भाजपा नेता डॉ. राम चावला तुरंत अपनी टीम के साथ फतेह सिंह कॉलोनी पहुंचे और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने खुद दूषित पानी की स्थिति को देखा और स्थानीय लोगों की व्यथा को बड़े ध्यान से सुना। एकत्रित हुए लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण उनके बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं, लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
डॉ. राम चावला ने पीड़ित लोगों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वह इस समस्या का जल्द से जल्द हल करवाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सख्त शब्दों में पंजाब सरकार और नगर निगम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए तुरंत कार्यवाही की माँग की।
वार्ड 52 से इंचार्ज कमलजीत गोल्डी ने कहा कि जो सरकार पीने का साफ़ पानी तक मुहैया नहीं करवा सकती वो राज्य कैसे संभालने की बड़ी बातें कर सकती हैं। गुंडाराज, गंदा पानी, नशा सब चर्म पर है। लोगों का विकास, इलाके का नवीनीकरण सब कागजों में है या मशहूरी तक ही सीमित है। गोल्डी जी ने मौजूदा कांग्रेस के पार्षद की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठाए। उन्होंने कहा कि ये लोग भी बस वोटों तक ही सीमित हैं। इन्होंने इलाके का ना कोई सुधार करा ना ही कोई मौजूदा हालत पर विचार किया।
डॉ चावला ने कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो अधिकारियों और मौजूदा विधायक के खिलाफ तीखा जन-आंदोलन और घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर उनके साथ मंडल प्रधान टहल सिंह, वार्ड इंचार्ज कमलजीत गोल्डी, रणजीत राणा, अमित, कृष्ण लाल सहगल, मोनिका, शाम लाल,विक्की कपूर सहित भारी संख्या में स्थानीय निवासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अमृतसर बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

मांगें पूरी न होने पर 25 से 27 तारीख तक हड़ताल की चेतावनी

आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की उठी मांग

सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप, कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का किया ऐलान

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा आज अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों द्वारा एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री द्वारा कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। चाहे पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, संघर्ष के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लेना और कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना शामिल है।

जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तब तक बस स्टैंडों और बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रहेगा।

वहीं यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि पहले 20 तारीख को संगरूर में बड़ा धरना-प्रदर्शन रखा गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी पहुंचने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री द्वारा भरोसा दिया गया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस खत्म किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, उन्हें जल्द रेगुलर किया जाएगा।

कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विधानसभा में किए गए वादों को अब सरकार भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।

बाइट — जिला प्रधान जोध सिंह

बाइट — यूनियन जिला कैशियर बलजीत सिंह

भगवान वाल्मीकि तीर्थ सथल को मिलेगी नई पहचान, पंजाब सरकार ने 17.73 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए

अमृतसर/ सत्ता संदेश

वाल्मीकि समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध — हरभजन सिंह ईटीओ

अमृतसर स्थित पावन भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल सरायन बोर्ड के चेयरमैन और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पावन वाल्मीकि तीर्थ को नई पहचान देने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्यों की शुरुआत की गई। पंजाब सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा करवाए जा रहे इन कार्यों का उद्घाटन राज्यसभा सदस्य Balbir Singh Seechewal, कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO, विधायक Jasbir Singh Sandhu और अन्य आम आदमी पार्टी नेताओं द्वारा किया गया।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि भगवान वाल्मीकि जी के पावन तीर्थ स्थल के विकास के लिए पंजाब सरकार बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थान देश-विदेश से आने वाली संगतों की आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और स्थानीय विधायकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए फंड से श्रद्धालुओं की जरूरतें पूरी होंगी और तीर्थ स्थल की सुंदरता में भी बढ़ोतरी होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि जब से वाल्मीकि तीर्थ एडवाइजरी बोर्ड का गठन हुआ है, तब से यहां विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च महीने में हुई बैठक के बाद सभी कार्यों का अनुमान तैयार करके मुख्यमंत्री को भेजा गया था, जिसके बाद पंजाब सरकार द्वारा 17 करोड़ 73 लाख रुपये जारी किए गए।

उन्होंने कहा कि यह राशि तीर्थ स्थल के सुधार, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने में इस्तेमाल की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर महीने में यहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा सामाजिक भाईचारे की भलाई के लिए प्रतिबद्ध रही है और वाल्मीकि समाज की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है।

समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के प्रमुख लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने पंजाब सरकार के इस प्रयास की सराहना की।

प्रभबीर सिंह बरार की अपील: जनगणना-2027 में पंजाबी को मातृभाषा दर्ज करें, डिजिटल प्रक्रिया अपनाएं

अमृतसर / सत्ता संदेश

संवाददाता- विक्रमजीत सिंह कैमरामैन- तरजिंदर सिंह

पनसप के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने आम जनता से जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय जनगणना के सटीक आंकड़ों पर निर्भर करते हैं।

बराड़ ने कहा कि राज्य के विकास से संबंधित कई अहम फैसले जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में आगे आएं और पंजाबी को अपनी मातृभाषा के रूप में दर्ज कराएं, ताकि उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण “मकानों की सूचीकरण एवं आवास गणना” है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया सरल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित है, जो लोगों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करती है।

चेयरमैन बराड़ ने लोगों से इस तकनीक-आधारित प्रक्रिया को अपनाने और सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल से 14 मई तक उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और एक व्यापक एवं विश्वसनीय राष्ट्रीय डाटाबेस के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रभावी योजना निर्माण और नीति निर्धारण के लिए मजबूत डाटाबेस अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि जनगणना के प्रमाणिक आंकड़े सुशासन की रीढ़ होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि कल्याणकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचे का विकास और संसाधनों का समान वितरण समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत 15 मई से 13 जून, 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान आवासीय स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे तथा प्रत्येक घर की गणना की जाएगी, ताकि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से वंचित न रह जाए।