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मुंजाल बीसीयूसेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप

प्रेस नोट

एमबीसीआईई में संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का शैक्षणिक दौरा

लुधियाना /सत्ता संदेश , मई 2026:
मुंजाल-बीसीयू सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एमबीसीआईई), लुधियाना ने संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी, जालंधर के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के एक शैक्षणिक दौरे की सफलतापूर्वक मेजबानी की।

अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत बी.कॉम और बीबीए कार्यक्रमों के 52 छात्र, 5 संकाय सदस्यों के साथ, बुधवार 6 मई 2026 को एमबीसीआईई पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य विद्यार्थियों को इनक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्यमिता विकास पहलों के कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

“नौकरियों के जाल में न फंसें – अपने उद्यम बनाएं!” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन श्री शिवेन दास, सीईओ, लुधियाना एंजल नेटवर्क एवं निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उन्होंने प्रेरणादायक स्टार्टअप कहानियां साझा कीं और प्रतिभागियों के साथ एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक व्यवहारिक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इसमें नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लाभों पर प्रकाश डाला गया तथा गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए भी उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी गई। उद्यमिता के “क्या करें और क्या न करें” जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

डेढ़ घंटे के इस इंटरएक्टिव सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम में वास्तविक चुनौतियों और अवसरों को समझने के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि को दर्शाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत डॉ. प्रेम, कार्यकारी निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उनके साथ श्री नवदीप सिंह, प्रमुख – अकादमिक एवं कॉर्पोरेट संबंध, एमबीसीआईई भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सत्र के लिए डॉ. अवतार के साथ चर्चा की पहल की।

एमबीसीआईई ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।

जारीकर्ता:

NIFTEM तंजावुर में दो दिवसीय ‘फूड बिजनेस स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम 2.0’ आयोजन

दिल्ली/सत्ता संदेश

खाद्य व्यवसाय प्रबंधन विभाग ने तंजावुर स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम) में 16 और 17 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय खाद्य व्यवसाय स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम 2.0 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यम संबंधी क्षमताओं को मजबूत करना और इच्छुक खाद्य उद्यमियों, छात्रों और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप संस्थापकों को संरचित मार्गदर्शन प्रदान करना था।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के ज्ञान को बढ़ाना और खाद्य व्यवसाय उद्यमिता में उनकी क्षमता का विकास करना था। इसका लक्ष्य आज के प्रतिस्पर्धी और नवाचार-प्रधान बाजार परिवेश में खाद्य उद्यम शुरू करने, प्रबंधित करने और उसका विस्तार करने से जुड़ी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस पहल का उद्देश्य देश में खाद्य स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहायता प्रणालियों, नियामक आवश्यकताओं और वित्तीय सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

देश भर से कुल 82 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इनमें महत्वाकांक्षी उद्यमी, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने में रुचि रखने वाले व्यक्ति और छात्र शामिल थे। कार्यक्रम ने ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय इकोसिस्टम की बदलती गतिशीलता को समझने और उभरते अवसरों का पता लगाने में मदद मिली।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्र में खाद्य व्यवसाय, अनुसंधान और उद्योग प्रथाओं में अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञों और पेशेवरों ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में खाद्य व्यवसाय विकास के लिए आवश्यक विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी, जिसमें पैकेजिंग तकनीक, कॉर्पोरेट कानून, शासन और कराधान, ब्रांडिंग और विपणन रणनीतियां, मूल्य निर्धारण तकनीक तथा निर्यात के अवसर शामिल थे। प्रतिभागियों को उद्यमियों के लिए उपलब्ध संस्थागत सहायता प्रणालियों, इनक्यूबेशन सुविधाओं और प्रौद्योगिकियों से भी अवगत कराया गया।

सत्रों में आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, इन्वेंट्री नियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और मशीनरी का चयन जैसे परिचालन और रणनीतिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, ग्राहक जुड़ाव, व्यावसायिक विचार सत्यापन और नए उत्पाद विकास पर भी जोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विनियम, गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली, सार्वजनिक नीतियां और खाद्य स्टार्टअप को समर्थन देने वाली अनुदान योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम ने सफल खाद्य व्यवसाय उद्यमों के विकास और उन्हें बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी, प्रबंधकीय और नियामक पहलुओं पर व्यापक जानकारी प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को तेजी से बढ़ते खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमशीलता के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला।