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नितिन कुमार ने चंडीगढ़ में एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने चंडीगढ़ में हितधारक संवाद आयोजित किया; पंजाब और हरियाणा के उद्योग एवं किसानों को भारत की नई एफटीए संरचना के अंतर्गत विशाल निर्यात अवसरों से अवगत कराया
  • पंजाब और हरियाणा में वस्त्र एवं परिधान, इंजीनियरिंग, कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हैं: श्री नितिन कुमार यादव

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने चंडीगढ़ में एक उच्च-स्तरीय हितधारक संवाद आयोजित किया, जिसका उद्देश्य पंजाब और हरियाणा के निर्यातकों, उद्योग संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसानों तथा सरकारी अधिकारियों को भारत के तेजी से विस्तारित हो रहे मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए गए व्यापक निर्यात अवसरों के प्रति जागरूक करना था। इस संवाद का उद्देश्य विशेष रूप से वस्त्र, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि, औषधि एवं रसायन क्षेत्रों में क्षेत्र की निर्यात क्षमता को नई बाजार पहुंच संरचना के माध्यम से ठोस व्यापारिक परिणामों में परिवर्तित करना था।

वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री नितिन कुमार यादव ने “कृषि उत्पादों के निर्यात संवर्धन एवं हरियाणा तथा पंजाब राज्य के निर्यातकों एवं अन्य हितधारकों के साथ बैठक” विषय पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया। इसी प्रकार, एपीडा के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव ने क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के उद्घाटन में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय कार्यालय पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए श्री नितिन कुमार यादव ने कहा, “पिछले एक दशक में भारत के कुल निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें वस्तु एवं सेवा निर्यात को मिलाकर कुल निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के 468 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में सर्वकालिक उच्च स्तर 863 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो 5.7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस अवधि के दौरान वस्तु निर्यात 310 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 442 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, सेवा निर्यात 158 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 421 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 9.3 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज की गई तथा गैर-पेट्रोलियम निर्यात 387.9 अरब अमेरिकी डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जो भारत के निर्यात आधार की गहराई और विविधता को रेखांकित करता है।”

संवाद के दौरान प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि नए एफटीए वस्त्र एवं परिधान, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा औषधि क्षेत्रों में सभी टैरिफ लाइनों पर 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करते हैं — जो पंजाब और हरियाणा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत ने कई ऐतिहासिक व्यापार समझौते संपन्न किए हैं, जो देश को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के केंद्र में स्थापित करते हैं। भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए, 2025), जो 100 अरब अमेरिकी डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता द्वारा समर्थित है, भारत के लगभग 98 प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि 27 उच्च-आय वाली अर्थव्यवस्थाओं को शामिल करने वाला भारत-यूरोपीय संघ एफटीए (2026), मूल्य के आधार पर द्विपक्षीय व्यापार के 99 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क रियायतों के माध्यम से भारतीय निर्यात के 3.2 लाख करोड़ रुपये मूल्य को लाभान्वित करने की अपेक्षा रखता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि भारत-मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग एवं साझेदारी समझौता (सीईसीपीए) (2021) तथा भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) मिलकर इन बाजारों में भारत के 99 प्रतिशत निर्यात को शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान करते हैं, जबकि यूएई के साथ द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 80 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ‘मिशन 500’ पहल के अंतर्गत एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा समझ विकसित की, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से भारत के नौ एफटीए अब 38 देशों को कवर करते हैं और लगभग 70 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी तक पहुंच प्रदान करते हैं।

श्री नितिन कुमार यादव ने आगे कहा, “पंजाब के लिए वस्त्र एवं परिधान, इंजीनियरिंग, कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हैं। हरियाणा के लिए प्रमुख निर्यात उत्पादों में बासमती चावल, भैंस का मांस, गैर-बासमती चावल, प्राकृतिक शहद, डेयरी उत्पाद तथा विविध खाद्य तैयारियाँ शामिल हैं, जबकि औषधि एवं रसायन क्षेत्रों में भी बढ़ती संभावनाएं हैं। नए एफटीए के अंतर्गत सभी प्रमुख क्षेत्रों में निर्यातकों को उपलब्ध बाजार पहुंच रियायतों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।”

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की निदेशक श्रीमती मोनिका गौर ने अपनी प्रस्तुति में दोनों राज्यों में मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विकसित महत्वपूर्ण निर्यात अवसंरचना की जानकारी दी। पंजाब में निर्यातकों को अवसंरचना उन्नयन सहायता का लाभ मिला है; अमृतसर हवाई अड्डे (एएआई) पर पैकहाउस एवं गुणवत्ता अनुपालन सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है ताकि शीघ्र नष्ट होने वाले उत्पादों के परिवहन समय को कम किया जा सके तथा हॉर्टिकल्चर फसलों के लिए किसान एवं खेत पंजीकरण को हॉर्टीनेट ट्रेसबिलिटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

हरियाणा में बासमती नेट और हॉर्टीनेट प्रणालियों को एकीकृत किया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, मार्च 2026 में भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से एक सप्ताह का पैकेजिंग उत्कृष्टता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग मानकों, निर्यात दस्तावेजीकरण तथा लेबलिंग आवश्यकताओं को शामिल किया गया।

क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्यात मील के पत्थरों को भी रेखांकित किया गया। इनमें अबोहर से सिंगापुर और रूस के लिए किन्नू की परीक्षण खेपें (जनवरी 2025); डेराबस्सी से ‘कॉर्न ट्रूपर’ ब्रांड के अंतर्गत दक्षिण कोरिया को भारत का पहला रेडी-टू-ईट पॉपकॉर्न निर्यात (जनवरी 2025); पठानकोट से कतर और यूएई को ताज़ी लीची (जून 2025); संगरूर से कनाडा को मूल्य संवर्धित बाजरा उत्पाद (जून 2025); हरियाणा से मेडागास्कर को फोरेज्ड राइस कर्नेल्स (7,000 मीट्रिक टन); तथा सोनीपत के अटेरना गांव से टोरंटो, कनाडा के लिए सोया चाप का पहला किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) निर्यात शामिल हैं।

भारत ने दुबई में आयोजित गुलफूड 2026 में आधिकारिक भागीदार देश के रूप में भाग लिया तथा जर्मनी में आयोजित बायोफाख 2026 में ‘कंट्री ऑफ द ईयर’नामित किया गया, जिससे क्षेत्र के कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान प्राप्त हुई। श्री नितिन कुमार यादव ने कहा कि भारत का कृषि निर्यात कैलेंडर वर्ष 2014 के 40.95 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर कैलेंडर वर्ष 2024 में 52.76 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि कृषि-समुद्री-खाद्य निर्यात वर्ष 2025-26 में 4.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर 206 देशों तक पहुंच गया है।

इसी प्रकार, इस अवसर पर हरियाणा और पंजाब से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर केंद्रित एक उच्च-स्तरीय हितधारक संवाद भी आयोजित किया गया। हितधारकों को निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसे 12 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत किया गया था। इस मिशन का कुल बजटीय परिव्यय वित्त वर्ष 2025-26 से छह वर्षों के लिए 25,060 करोड़ रुपये है, जिसे वाणिज्य विभाग, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है। ईपीएम दो उप-योजनाओं के माध्यम से संचालित होता है: निर्यात प्रोत्साहन’, जो एमएसएमई क्षेत्र में व्यापार वित्त अंतर को पाटने के लिए प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट ऋण पर ब्याज सहायता, निर्यात फैक्टरिंग, ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए क्रेडिट कार्ड तथा संपार्श्विक (कोलेटरल) सहायता प्रदान करता है। ‘निर्यात दिशा’, जो गैर-टैरिफ बाधाओं, निर्यात गुणवत्ता अनुपालन, बाजार पहुंच, निर्यात भंडारण, कम निर्यात तीव्रता वाले जिलों के लिए अंतर्देशीय परिवहन सहायता तथा ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग से संबंधित चुनौतियों का समाधान करता है। यह मिशन बिखरी हुई योजनाओं से हटकर एक व्यापक, डिजिटल-संचालित ढांचे की दिशा में एक रणनीतिक परिवर्तन का प्रतीक है, जो विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

एपीडा, चंडीगढ़ के क्षेत्रीय प्रमुख श्री हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस संवाद ने पंजाब और हरियाणा के निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसानों और एमएसएमई को भारत की नई एफटीए संरचना का लाभ उठाने के लिए सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया है। मंत्रालय ने हितधारकों से आग्रह किया कि वे उत्पाद-विशिष्ट निर्यात तैयारी योजनाएं तैयार करें, एपीडा की वित्तीय सहायता एवं ट्रेसबिलिटी प्लेटफॉर्म का उपयोग करें तथा निर्यात संवर्धन मिशन के ढांचे के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करें।

करनाल में राज्य-स्तरीय पेंशन जागरुकता कार्यक्रम का किया जाएगा आयोजन

हरियाणा / सत्ता संदेश

एसएलबीसी हरियाणा ग्रामीण समुदायों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज गहरा करने के लिए करनाल में राज्य-स्तरीय पेंशन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) भारत के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रयासों में से एक बन कर उभरी है, जिसने असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को वृद्धावस्था में आय सुरक्षा प्रदान की है। राष्ट्रीय स्तर पर सकल पंजीकरण 9 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स पार कर चुके हैं, जिनमें हरियाणा में 19.27 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स शामिल हैं, और यह सफलता स्टेट लेवल बैंकर्स’ कमेटी (एसएलबीसी), लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम), बैंकों और फील्ड-स्तर के कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है।

बैंकिग पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा पेंशन समावेशन को मजबूत करने में निभाई गई केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने देश भर में एपीवाई की पहुंच बढ़ाने में बैंकों की निरंतर प्रतिबद्धता की हार्दिक सराहना व्यक्त की है।

हालाँकि एपीवाई ने 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच व्यक्तियों के लिए प्रति माह तकरीबन ₹5,000 तक की गारंटीकृत पेंशन के साथ सामाजिक सुरक्षा का फ्रेमवर्क उपलब्ध कराया है, फिर भी जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा इसके दायरे से बाहर है। पात्र आयु सीमा से ऊपर के व्यक्ति और जो अधिक से अधिक रिटायरमेंट बचत चाहते हैं, उन्हें अपनी दीर्घकालिक वित्तीय आकांक्षाओं के अनुरूप लचीले पेंशन समाधान की आवश्यकता होती है।

इस अंतर को दूर करने के लिए, नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) एक मार्केट-लिंक्ड रिटायरमेंट समाधान प्रदान करता है जो अधिक लचीला है और पेंशन संचय पर कोई ऊपरी सीमा नहीं रखता। इस दृष्टि के अनुरूप, पीएफआरडीए ने “एनपीएस – कृषि एवं सहायक क्षेत्र, सहित ग्रामीण-आधारित नैनो यूनिट्स” शीर्षक से एक समर्पित वर्टिकल स्थापित किया है ताकि किसानों, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) सदस्यों, ग्रामीण शिल्पकारों, सहायक क्षेत्र के कामगारों और छोटे उद्यमियों के बीच पेंशन जागरूकता बढ़ाई जा सके।

सुश्री निधि भार्गव, संयोजक (महानिदेशक), एसएलबीसी हरियाणा ने बताया कि फील्ड कर्मियों को संवेदनशील बनाने और ग्रामीण जनसंख्या में पेंशन योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से, स्टेट लेवल बैंकर्स’ कमेटी, हरियाणा, पीएफआरडीए के सहयोग से 12 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे हेरिटेज लॉन, ग्रीन बेल्ट, मुख्य मार्ग, सेक्टर-5, करनाल में एक राज्य-स्तरीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करेगी।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में बैंकों, एफपीओ, ग्रामीण शिल्पकारों, सहायक क्षेत्र के कामगारों और छोटे उद्यमियों सहित लगभग 150 हितधारकों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम को श्री आशीष कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, पीएफआरडीए और श्री ओमकार नाथ झा, उप महाप्रबंधक, एसएलबीसी हरियाणा संबोधित करेंगे, जो पेंशन कवरेज बढ़ाने और नेशनल पेंशन सिस्टम के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा को प्रोत्साहित करने पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे।

राज्य-स्तरीय कार्यक्रम से पहले, पेंशन साक्षरता और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के इस बड़े अभियान के तहत 11 जून 2026 को कुरुक्षेत्र में भी एक ज़िला-स्तरीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

आउटरीच कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों, एफपीओ सदस्यों, सहायक क्षेत्र के कामगारों और ग्रामीण नैनो उद्यमियों तक संरचित जागरूकता सत्रों और हितधारक जुड़ाव के माध्यम से स्थायी वृद्धावस्था वित्तीय सुरक्षा का संदेश सीधे पहुँचाना है, जिससे पेंशन योजनाओं को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहन मिले और ग्रामीण समुदायों के लिए एक वित्तीय रूप से सुरक्षित भविष्य का निर्माण हो।

यूपी के सीतापुर में रक्षा मंत्री ने रक्षा भूमि पर सौर उर्जा परियोजना को मिली मंजूरी

ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में लगभग 850 एकड़ रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीन पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली सहित 250 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना को मंजूरी दी है। इसमें रक्षा भूमि पर एकीकृत बीईएसएस सहायता के साथ बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा का विकास भी शामिल है।

यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, इस परियोजना से रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है। इससे परियोजना की अवधि के दौरान सरकारी खजाने में बचत होगी।


एनटीपीसी लिमिटेड रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे अनुकूल ऊर्जा मूल्य निर्धारण और बचत सुनिश्चित करने हेतु प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से इस परियोजना को कार्यान्वित कर रही है। यह परियोजना रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय के साथ बेहतर समन्वय में कार्यान्वित की जाएगी। यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता का संगम है, जो रणनीतिक हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के समर्थन में अपनी संपत्तियों का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।


रक्षा मंत्रालय, एनटीपीसी, सेना का मुख्यालय और डीजीडीई परियोजना के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बेहतर समन्वय में कार्य करेंगे। परियोजना पूरी होने पर सीतापुर सौर ऊर्जा परियोजना रक्षा भूमि पर स्थापित देश की सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक के रूप में उभरेगी और परियोजना के रक्षा क्षेत्र में भविष्य की सौर-सह-भंडारण परियोजनाओं के लिए एक मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सोलर कम्यूनिटी हब स्किल वैन को दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने पांच नए सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह देश भर में डिजिटल पहुंच और भविष्य के लिए तैयार कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डेल टेक्नोलॉजीज द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से विकसित और लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन द्वारा कार्यान्वित यह पहल डिजिटल विभाजन को पाटने के डेल के सबसे महत्वाकांक्षी वैश्विक प्रयासों में से एक का अगला चरण है। ये स्किल वैन उत्तर प्रदेश, दिल्ली/एनसीआर, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र के समुदायों की सेवा करेंगी। सौर ऊर्जा से चलने वाली प्रौद्योगिकी, एआई-सक्षम शिक्षा और रोजगार के अवसर सीधे युवाओं, महिलाओं और वंचित आबादी तक पहुंचाएंगी।

यह विस्तार बुनियादी डिजिटल साक्षरता से कहीं आगे जाता है। ये कौशल प्रशिक्षण वैन अनुकूलित कौशल मॉड्यूल और संरचित रोजगार मार्ग प्रदान करते हैं। जिससे 50 से अधिक व्यावसायिक, उच्च शिक्षा और सामुदायिक संस्थानों को प्रौद्योगिकी-आधारित सहायता मिलती है। प्रत्येक इकाई नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित है और लैपटॉप, इंटरैक्टिव स्क्रीन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और एआई-सक्षम शिक्षण उपकरणों से सुसज्जित है जिन्हें समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है, न कि बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के अनुसार।

जयंत चौधरी ने कहा कि सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन भारत के हर कोने तक प्रौद्योगिकी और अवसरों को सुलभ बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये स्किल वैन सिर्फ डिजिटल स्पेस से कहीं अधिक हैं, ये आकांक्षाओं के केंद्र हैं जो स्वच्छ ऊर्जा, एआई-सक्षम शिक्षा और उद्योग-अनुरूप कौशल विकास को मिलाकर युवाओं को उभरते अवसरों के लिए तैयार करते हैं।

डेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनीष गुप्ता ने कहा कि डेल टेक्नोलॉजीज भारत के समावेशी, प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है। सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन इस बात का प्रमाण हैं कि जब सरकार, उद्योग और समुदाय एक साझा मिशन के लिए एकजुट होते हैं तो क्या संभव हो सकता है। ये स्किल वैन शिक्षार्थियों और कामगारों की एक नई पीढ़ी को उनके अपने समुदायों में ही भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेंगी।

इन कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण उभरती बाजार मांगों के अनुरूप है, जो प्रतिभागियों को न केवल मौजूदा भूमिकाओं के लिए बल्कि भविष्य में सृजित होने वाली भूमिकाओं के लिए भी तैयार करता है।

भारत में वित्त वर्ष 2023 में पहली सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन शुरू होने के बाद से, यह कार्यक्रम 14 राज्यों के 18 जिलों तक पहुंच चुका है और इससे 26.7 लाख लाभार्थियों को सीधा लाभ मिला है। वैश्विक स्तर पर, यह पहल 12 देशों में 63 स्किल वैन संचालित करती है।

CM भगवंत मान ने 355 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, हरियाणा सीएम की रैली पर कसा तंज

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इसके साथ ही उनकी सरकार के गठन से अब तक दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 हो गई है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं.

उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है.

नव-नियुक्त उम्मीदवारों को दी बधाई

नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है. वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं.

आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं. इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है. उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं.

पेपर लीक पर भी साधा निशाना

सीएम मान ने कहा कि 2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है. नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है. हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है. इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है. होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है.

राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम घरों और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित करना है. उन्होंने कहा, ये स्कूल ऑफ एमिनेंस आधुनिक शिक्षा के मंदिर के रूप में उभर रहे हैं. ये विद्यार्थियों के जीवन को रोशन कर रहे हैं और ऐसे मौके सृजित कर रहे हैं जो पहले अधिकांश परिवारों के लिए उपलब्ध नहीं थे. इन स्कूलों की सफलता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी अब स्कूल ऑफ एमिनेंस में दाखिला ले रहे हैं. यह सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है. उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है. यह संस्था अत्याधुनिक हुनर विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के लिए एक हब के रूप में काम करेगी और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सभी नौकरियां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करके केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की गई हैं. उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी युवा नौकरी की तलाश में विदेश जाने को मजबूर न हो. उन्होंने आगे कहा, हम पंजाब के अंदर ऐसे मौके पैदा करना चाहते हैं कि हमारे युवा अपने देश में रहकर ही अपना भविष्य तैयार करें.

योग्यता और मेहनत से मिली नौकरियां

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही नौकरियां उनके लिए कोई एहसान नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों का सही मायने में बनता हक है. उन्होंने आगे कहा, ये युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के कारण इन नौकरियों के हकदार हैं. बदकिस्मती से पिछली सरकारों ने कभी भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया. आज ये युवा अपनी योग्यता के आधार पर सफल हुए हैं और यह हर पंजाबी के लिए बड़े गर्व की बात है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 65,000 से अधिक ठेका आधारित कर्मचारियों ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल पंजाब की सेवा में समर्पित किए हैं. उन्होंने कहा, इन कर्मचारियों ने राज्य के लिए अथक मेहनत की है. यह बिल्कुल उचित है कि उन्हें अपने रोजगार में सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता मिले. अब कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं रहेगा.

भगवंत मान सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

  • वर्ष 2022 से अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के प्रदान की गई हैं.
  • पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं को सरकार की रोजगार अभियान का लाभ हुआ है.
  • कई विभागों में भर्ती जारी है, जिसमें और नौकरियों की भर्ती का काम शुरू किया जा रहा है.
  • कई उम्मीदवारों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से कई बार सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं, जो भर्ती प्रणाली में लोगों के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है.
  • कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा सुधार
  • पंजाब भर में 25 नई आई.टी.आई. निर्माणाधीन हैं.
  • 13 मौजूदा आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है.
  • सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए.
  • सरकारी पॉलिटेक्निक इमारतों के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण में 12 करोड़ रुपए का निवेश किया गया.
  • आईआईटी रोपड़ के सहयोग से 8 सरकारी पॉलिटेक्निकों में साइबर-फिजिकल सिस्टम लैब स्थापित की जा रही हैं.
  • 5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब स्थापित की गई हैं.
  • नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है.
  • सरदूलगढ़ में 17 करोड़ रुपए की लागत से नई आईटीआई बनाई जा रही है.
  • उद्योग की मांग के अनुसार कौशल तैयार करने और नौकरी के लिए तैयार युवाओं को प्रदान करने के लिए सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है.

भाजपा पर साधा निशाना

इस दाैरान सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। मान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री धुरी आए थे और आप जानते ही हैं कि उनके सामने कितने लोग बैठे थे। वह एक फ्लॉप शो था। पंजाब के लोग भाजपा को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब की जनता और किसानों ने भाजपा का नफरत भरा चेहरा देख लिया है। 

‘विकसित भारत’ का संकल्प एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसमें सभी को सहयोग करना होगा: लोक सभा अध्यक्ष

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  • ‘विकसित भारत’ का संकल्प एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसमें सभी को सहयोग करना होगा: लोक सभा अध्यक्ष
  • भारत स्थिर, मजबूत और सुदृढ़ कानूनी ढाँचे के साथ दीर्घकालिक नीतियों के आधार पर आगे बढ़ रहा है: लोक सभा अध्यक्ष
  • विधानमंडलों में बनने वाले कानून नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए: लोक सभा लोक सभा अध्यक्ष
  • लोक सभा अध्यक्ष ने कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया।
  • ‘भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ विषय पर सम्मेलन में हो रहा है मंथन।

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि ‘विकसित भारत’ का संकल्प एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसमें देश के प्रत्येक नागरिक और संस्था को सहयोग करना होगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस संकल्प को साकार करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारी नीतियाँ, योजनाएँ, कार्यक्रम और बजटीय प्रावधान समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हों। हमें सामाजिक परिवर्तन की गति को तेज करना है, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है और समाज को एक प्रगतिशील दिशा देनी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की इस संकल्प की प्राप्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि विधायक अपने क्षेत्रों में नीतियों और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से धरातल पर परिवर्तन लाने के सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं।

बिरला ने यह उद्गार चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधान सभा के चैम्बर में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। इस गरिमामयी अवसर पर राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्य मंत्री नायब सिंह, हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, हरियाणा सरकार के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विधान सभा सदस्य उपस्थित रहे।

21वीं सदी के इस दशक को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए बिरला ने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य में बड़े बदलाव हो रहे हैं और दुनिया अनेक प्रकार के तनावों से गुज़र रही है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत एक स्थिर, मजबूत और सुदृढ़ कानूनी ढाँचे वाले सुशासन के साथ अपनी दीर्घकालिक नीतियों और योजनाओं के बल पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के विकसित देशों में हो रहे परिवर्तनों का बारीकी से अध्ययन करते हुए भारत ने अपनी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप समय-समय पर आवश्यक और व्यावहारिक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर नई आशा और असीम संभावनाओं के साथ देख रही है, इसलिए यह समय सामूहिक प्रयासों और व्यापक सहभागिता का है।

लोक सभा अध्यक्ष ने आह्वान किया कि देश में ऐसा जनआंदोलन खड़ा होना चाहिए जिससे प्रत्येक नागरिक यह महसूस कर सके कि विकसित भारत के निर्माण में उसका भी अमूल्य योगदान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब भारत की सामूहिक शक्ति और विशेष रूप से हमारी युवाशक्ति इतनी सुदृढ़ हो जाएगी कि हम वर्ष 2047 से पहले ही ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध कर लेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने उल्लेख किया कि कभी हमारी बढ़ती जनसंख्या को एक चुनौती माना जाता था, लेकिन आज वही युवा आबादी हमारी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। इसके लिए हमें अपने युवाओं को कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार (Innovation) के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने यह महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया कि हमारे विधानमंडलों में बनने वाली नीतियाँ और कानून नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।

संसदीय लोकतंत्र में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए बिरला ने कहा कि जनसंवाद और सार्थक चर्चाओं के माध्यम से नागरिकों में यह विश्वास पैदा होना चाहिए कि यह सदन उनका अपना है और जनप्रतिनिधि उनकी वास्तविक आवाज़ हैं। इसलिए सदनों में होने वाली चर्चाएँ, नीतियाँ और कानून सदैव राष्ट्रहित से प्रेरित होने चाहिए और उनमें जनता की सहभागिता बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, सामाजिक परिवर्तन उतना ही व्यापक और गहरा होगा। लोकतांत्रिक संस्थाओं में जुड़ाव जितना बढ़ेगा, विकसित भारत का सपना उतनी ही तेजी से साकार होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चाहे ग्राम पंचायत हो, पंचायत समिति हो, जिला परिषद हो, नगर पालिका हो, विधानसभा हो या लोकसभा—लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनभागीदारी बढ़ने से नए विचार, विविध दृष्टिकोण और रचनात्मक सुझाव सामने आते हैं, जिससे विकास की गति को नई ऊर्जा मिलती है।

बिरला ने आगे कहा कि किसी भी राज्य का कानूनी ढाँचा जितना पारदर्शी और मजबूत होगा, वह राज्य उतनी ही तीव्र गति से प्रगति करेगा। जहाँ नीतियाँ स्पष्ट होती हैं, कानून न्यायसंगत होते हैं और शासन स्थिर व मजबूत होता है, वहाँ निवेश की संभावनाएँ स्वतः बढ़ जाती हैं। निवेशक हमेशा वहीं आते हैं जहाँ उन्हें नीति और कानून की निरंतरता पर पूर्ण विश्वास होता है; अतः इसे सुदृढ़ बनाए रखना हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यवाही के दौरान ‘विकसित भारत के संकल्प’, ‘जनभागीदारी’, ‘जनआंदोलन’ और ‘सामूहिक उत्तरदायित्व’ जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक और परिणामोन्मुखी चर्चा होगी।

इस दो दिवसीय CPA इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में देश के 12 राज्यों की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें सीपीए ज़ोन–II के सदस्य प्रदेशों—हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली—की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों के अतिरिक्त अन्य राज्यों, जैसे—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश सिक्किम और पश्चिम बंगाल की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
सम्मेलन के विभिन्न पूर्ण सत्रों में ‘भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ विषय पर विस्तृत विमर्श किया जा रहा है।


कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन से पूर्व, लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा भवन में नवस्थापित ‘पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड इन्फ़ॉर्मेशन सेंटर’ (PRIC) का भी उद्घाटन किया, जो विधायी कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

सम्मेलन के प्रथम दिन, लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने राजभवन में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट भी की और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा की।

इस सम्मेलन में सभी प्रतिनिधियों के आवागमन की व्यवस्था ई-बसों के माध्यम से की गई है। लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला उद्घाटन सत्र के समापन के बाद प्रतिनिधियों के साथ ई-बस में रवाना हुए।

T20 Mumbai League मैच में सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के बेटे का शानदार परफॉर्मेंस।।

दिल्ली / सत्ता संदेश

अर्जुन तेंदुलकर ने T20 मुंबई लीग में धमाकेदार प्रदर्शन किया है. वो अपने धुआंधार प्रदर्शन से अकेले ही विरोधी टीम पर भारी पड़ते दिखे हैं. T20 मुंबई लीग में 8 जून को वानखेड़े स्टेडियम बांद्रा ब्लास्टर्स और ARCS अंधेरी के बीच मुकाबला खेला गया. इस मुकाबले में ARCS अंधेरी की ओर से खेल रहे अर्जुन तेंदुलकर ने अपने मिजाज के मुताबिक प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने ऑलराउंडर वाले रोल को पूरी तरह से निभाया. नतीजा, ये हुआ कि पहले उन्होंने बांद्रा ब्लास्टर्स के खिलाफ गेंद से तो कहर बरपाया ही. उसके बाद बल्ले से भी ऐसे बरसे कि सब देखते रह गए.

11 रन देकर अर्जुन तेंदुलकर ने झटके 3 विकेट

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांद्रा ब्लास्टर्स के खिलाफ 3 ओवर में 3 विकेट लिए. इस दौरान उन्होंने 13 गेंदें डॉट फेंकी और रन भी सिर्फ 11 खर्च किए. गेंद से अर्जुन तेंदुलकर की मचाई इस तबाही का असर ये हुआ कि बांद्रा ब्लास्टर्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 144 रन ही बना सकी. अब, जिन लोगों को लगा कि बाएं हाथ के खिलाड़ी अर्जुन तेंदुलकर ने मैच में अपना काम कर दिया. उनके लिए उनकी बल्लेबाजी रोमांच का डबल डोज लेकर आई.

अर्जुन तेंदुलकर बल्ले से भी तहलका मचाने से नहीं चूके

बांद्रा ब्लास्टर्स से मिले 145 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ARCS अंधेरी की टीम का पहला विकेट 32 रन पर ही गिर गया. दिव्यांश सक्सेना 11 गेंदों पर 26 रन की तेज-तर्रार पारी खेलकर आउट हो गए. उनके आउट होने के बाद क्रीज पर अर्जुन तेंदुलकर का आगमन हुआ और फिर जो देखने को मिला, उसने दर्शकों को सांस लेने की भी फुर्सत नहीं दी. अर्जुन तेंदुलकर के बल्ले से मुकाबले में बांद्रा ब्लास्टर्स की बर्बादी का खेल शुरू हो गया.

अर्जुन तेंदुलकर ने 25 गेंदों में पूरी की फिफ्टी

नंबर 3 पर खेलने उतरे अर्जुन तेंदुलकर आए तो फिर टीम को जीत दिलाकर ही लौटे. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में ऐसा तहलका मचाया कि उनकी टीम ARCS अंधेरी ने बड़ी जीत दर्ज कर ली. अर्जुन तेंदुलकर ने 34 गेंदों पर 194.12 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 66 रन बनाए, जिसमें चौके से ज्यादा छक्के शामिल रहे. उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के मारे. इस दौरान उन्होंने अपनी फिफ्टी 25 गेंदों में ही पूरी की. T20 मुंबई लीग में ये ARCS अंधेरी के लिए अर्जुन का पहला अर्धशतक है

अर्जुन की टीम 9 विकेट से जीती

अर्जुन तेंदुलकर के ऑलराउंडर खेल की बदौलत ARCS अंधेरी ने बांद्रा ब्लास्टर्स को 9 विकेट से हराया. अर्जुन तेंदुलकर इस जीत के हीरो बने, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से अपना दम खूब दिखाया.

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध किया

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के आह्वान पर सोमवार को महंगाई को लेकर टांडा के सिविल अस्पताल में मोदी सरकार का पुतला जलाया गया, जिसके बाद गैस, तेल और पेट्रोल की कीमतों की कड़ी निंदा की गई

सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुला के नेतृत्व में टांडा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ने, खासकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार एक हफ्ते से लगातार पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है।

महंगाई के कारण देश को बर्बाद करने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोगों के खिलाफ है। पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर आज इस मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए किसानों और मज़दूरों ने कहा कि वे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ़ विरोध जारी रखेंगे

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और मांग की कि केंद्र सरकार तेल और गैस की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले, ताकि आम लोगों और किसानों को कुछ राहत मिल सके। इस मौके पर ज़िला अध्यक्ष परमजीत सिंह भूलन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महंगाई पर कंट्रोल नहीं किया तो आने वाले समय में संघर्ष और तेज़ किया जाएगा।

शरणपाल सिंह ने AAP के विजन को साकार करने के लिए पंजाब महिला विंग को दी बधाई

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब मीडियम इंडस्ट्रीज़ के सीनियर वाइस चेयरमैन और लुधियाना लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी शरणपाल सिंह मक्कर ने पंजाब महिला विंग को उनके समर्पित और प्रभावशाली संगठनात्मक कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने महिला विंग की स्टेट सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी खुशबू बंसल और डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट (ग्रामीण-1) पूर्व सरपंच गुरप्रीत कौर ग्रेवाल के प्रयासों की बहुत सराहना की।

उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और ज़मीनी स्तर पर सक्रियता से पंजाब में आम आदमी पार्टी का विज़न और मिशन और मज़बूत होगा। उनके काम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, ज़मीनी स्तर पर नेतृत्व सशक्त होगा और पूरे राज्य में संगठन की पहुँच बढ़ेगी।

नेतृत्व ने भरोसा जताया कि उनके समर्पण, एकता और लगातार प्रयासों से पार्टी पूरे पंजाब में जनसेवा और सामाजिक विकास के कामों में और बड़ी सफलता हासिल करेगी।