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नागपुर में 10,000 टन एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस का भूमि पूजन, रक्षा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई मजबूती: राजनाथ सिंह

नागपुर: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की इकाई आयुध निर्माणी अंबाझरी, नागपुर में अत्याधुनिक 10,000 टन एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस परियोजना का भूमि पूजन किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि जो देश अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने में सक्षम होता है, वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सबसे अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें महत्वपूर्ण सामग्रियों के लिए आयात पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

रक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

10,000 टन क्षमता वाली यह अत्याधुनिक एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस रक्षा प्रणालियों, एयरोस्पेस, विमानन संरचनाओं, मिसाइल कार्यक्रमों, रेलवे, परिवहन और अन्य रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बड़े एवं जटिल एल्युमीनियम मिश्र धातु प्रोफाइल के निर्माण में सहायक होगी।

इस परियोजना से महत्वपूर्ण एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

बदलते युद्ध स्वरूप में आत्मनिर्भरता जरूरी

रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और दुश्मन की पहचान पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गई है। इसके बावजूद पारंपरिक रक्षा प्रणालियों और सैन्य अवसंरचना का महत्व आज भी उतना ही है और भविष्य में भी बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत सैन्य-औद्योगिक आधार किसी भी देश की सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ होता है और यह नई परियोजना भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत सरकार प्रौद्योगिकी, कुशल मानव संसाधन, ज्ञान और राष्ट्र के प्रति विश्वास जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

इसी तरह, 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, जो अब बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है।

रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि देश निर्धारित समय से पहले 3 लाख करोड़ रुपये रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये रक्षा निर्यात के लक्ष्य हासिल कर लेगा।

वाईआईएल की उपलब्धियों की सराहना

उन्होंने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) द्वारा रक्षा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के निगमीकरण का उद्देश्य रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों को अधिक स्वायत्तता और नवाचार के अवसर प्रदान करना था।

उन्होंने बताया कि निगमीकरण से पहले वित्त वर्ष 2019-20 में उत्पादन 12,755 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 26,282 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं रक्षा निर्यात 81 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,561 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जिसमें वाईआईएल का योगदान 397 करोड़ रुपये रहा।

अनुसंधान एवं पूंजी निवेश पर दिया जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई की दीर्घकालिक सफलता के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) और पूंजी निवेश सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों से आधुनिक तकनीक अपनाने, नई मशीनरी लगाने और वैश्विक स्तर की उत्पादन प्रणालियों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया।

फडणवीस बोले- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश अब वैश्विक बाजार में एक मजबूत रक्षा निर्यातक के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना नागपुर को रक्षा विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के बीच बढ़ता सहयोग भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है तथा यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन को भी नई गति प्रदान करेगी।

APEDA की मदद से उत्तराखंड की ताज़ी लीची पहली बार इटली निर्यात, यूरोपीय बाज़ार में मिली एंट्री

उत्तराखंड / सत्ता संदेश

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को देहरादून से इटली के लिए ताजा उत्तराखंड लीची की पहली खेप के निर्यात में सहायता की। यह उपलब्धि उत्तराखंड की प्रीमियम लीची के यूरोपीय बाजार में प्रवेश का प्रतीक है और भारत के उच्च गुणवत्ता वाले ताजे फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति को दर्शाती है।


पहली खेप में एक मीट्रिक टन ताजा लीची इटली को निर्यात की गई, जो उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र की निर्यात क्षमता को दर्शाती है। इस खेप से अंतरराष्ट्रीय ताजे फलों के बाजारों में भारत की उपस्थिति सुदृढ़ होने के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र के प्रीमियम उत्पादों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


देहरादून की लीची अपनी विशिष्ट मिठास, आकर्षक लाल रंग, मनमोहक सुगंध और उत्कृष्ट गूदे के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रसिद्ध किस्मों के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड में विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां, इस फल की उच्च गुणवत्ता और बाज़ार में इसकी लोकप्रियता में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
निर्यात पहल के परिणामस्वरूप उत्पादकों को बेहतर लाभ भी प्राप्त हुआ है, क्योंकि किसानों को घरेलू बाजार दरों से लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य मिल रहा है। इस विकास से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पद्धतियों को व्यापक रूप से अपनाने और निर्यात-उन्मुख बागवानी में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।


यह निर्यात एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), लॉजिस्टिक्स भागीदारों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से संभव हो पाया। यह पहल भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने में मूल्य श्रृंखला के सभी स्तरों पर सहयोग के महत्व को उजागर करती है।


उत्तराखंड की लीची का इटली को निर्यात भारत के ताजे फलों के लिए निर्यात स्थलों में विविधता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रीमियम बागवानी उत्पादों के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है।


एपीडा ने किसानों की उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से बाजार विकास पहलों, गुणवत्ता आश्वासन तंत्रों, अवसंरचनागत सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के कृषि-निर्यात एजेंडा को निरंतर आगे बढ़ाना जारी रखा है।

दौड़ से ध्यान 2026 ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह से पहले कोलकाता को एकजुट किया

कोलकाता / सत्ता संदेश

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले, कोलकाता में “दौड़ से ध्यान 2026 गति से स्थिरता तक” में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, यह स्वच्छता से स्वागत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक अनूठी पहल है, जो स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण के मूल मूल्यों को एक साथ लाती है।


इस अवसर पर, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी और आयुष राज्य मंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कोलकाता नगर निगम मुख्यालय से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग तक ‘दौड़ से ध्यान 2026’ मैराथन को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन के बाद राइटर्स बिल्डिंग में योग और ध्यान सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के संदेश को बढ़ावा दिया गया।


इस पहल के अंतर्गत, कोलकाता के 11 स्थानों पर एक साथ 2 किलोमीटर की योग दौड़ का आयोजन किया गया , जिसका उद्देश्य नागरिकों को योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस दौड़ में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए और ऊर्जावान गतिविधि से लेकर ध्यान और एकाग्रता की यात्रा को दर्शाया गया।


योग रन का आयोजन पीएसी टेंट मैदान, इलियट पार्क, आरएसएम स्क्वायर (सेंट्रल), ताला पार्क (बेलगछिया), सुभाष सरोबार (बेलियाघाटा), कैप्टन भेरी (ईएम बाईपास), गोलपार्क (विवेकानंद पार्क), गीतांजलि स्टेडियम (कस्बा), केएफआर ग्राउंड (बेहाला), संघमित्रा स्कूल प्लेग्राउंड (वेस्ट पोर्ट), और चांदीपुरा रंगसारा ग्राउंड (भांगर) सहित प्रमुख स्थलों पर किया गया।


यह आयोजन पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित गतिविधियों की श्रृंखला का एक हिस्सा था , जिसका उद्देश्य योग में जनभागीदारी और जागरूकता को मजबूत बनाने के साथ-साथ “दौड़ से ध्यान” का संदेश योग के सार को दर्शाता है और गति को स्थिरता में, अनुशासन को संतुलन में और सामूहिक प्रयास को समग्र कल्याण की ओर एक यात्रा में परिवर्तित करता है।

भारत-अफगानिस्तान सीरीज में हर्षित राणा की एंट्री, BCCI ने किया ऐलान

खेल समाचार / सत्ता संदेश

अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा है। शुरुआती दोनों मैच जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज में अजेय बढ़त बना ली है। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई के ऐतिहासिक एम चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच से ठीक पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बड़ा फैसला लेते हुए तेज गेंदबाज हर्षित राणा को मेन स्क्वाड में शामिल कर लिया है।

हर्षित राणा को मिला बड़ा मौका

बीसीसीआई ने ऐलान किया है कि हर्षित राणा को तीसरे और आखिरी वनडे के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बनाया गया है। वह अपनी चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं। उन्होंने बेंगलुरु के ‘बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सेलेंस’ (COE) में अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर लिया है और फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद चेन्नई में भारतीय टीम के साथ जुड़ गए हैं। बता दें, हर्षित राणा में जनवरी 2026 के बाद से कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। वह चोट के चलते आईपीएल 2026 का भी हिस्सा नहीं बने थे।

हर्षित राणा को इस महीने के अंत में आयरलैंड दौरे और फिर इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भी चुना गया है। ऐसे में हर्षित राणा को इन बड़े मुकाबलों से पहले मैदान पर वापसी करने का बड़ा मौका मिला है। वहीं, शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस युवा और अनुभवी खिलाड़ियों से सजी टीम में हर्षित राणा के आने के बाद गेंदबाजी के विकल्प बढ़ गए हैं. वहीं, हर्षित राणा टीम इंडिया के लिए अभी तक 14 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 26 विकेट हासिल किए हैं.

तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया का स्क्वॉड

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, यशस्वी जायसवाल और हर्षित राणा.

वीबी-जी राम जी के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन अधिनियम, 2025 के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय 1 जुलाई को अधिनियम के लागू होने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्रदान करने के लिए देश भर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों को तैनात करेगा।


क्षेत्रीय अधिकारी कार्यान्वयन के चरण के दौरान सुविधादाता और संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य करेंगे, कार्यान्वयन में सहयोग, स्थानीय क्षमताओं को मजबूत, परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान और अच्छी प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के साथ संयुक्‍त रूप से कार्य करेंगे।


अधिकारियों को इस भूमिका के लिए प्रशिक्षित करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग ने अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, कार्यान्वयन ढांचे, संस्थागत व्यवस्थाओं, प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्रणालियों और राज्यों एवं जिलों को उपलब्ध सहायता तंत्रों को शामिल करते हुए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।


क्षेत्रीय अधिकारी की पहल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कार्यान्वयन चरण के दौरान समन्वय को सुगम बनाने, कार्यान्वयन के अनुभवों को साझा करने और निरंतर संस्थागत सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आशा है, जिससे वीबी-जी रैम जी में सुचारू और प्रभावी संक्रमण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।


इनमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 95,692 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन की स्‍वीकृति, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को डीबीटी-स्पर्श प्लेटफॉर्म से जोड़ना, लगभग 93 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी को पूरा करना, देश भर में फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली को लागू करना, समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना और बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण पहल शामिल हैं।

IITM और ARIES के बीच हिमालयी क्षेत्र में दीर्घकालिक निगरानी केंद्र स्थापित करने के लिए समझौता
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ‘मिशन मौसम’ पहल के तहत जलवायु और वायुमंडलीय विज्ञान में सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और कदम।
  • आईआईटीएम और एआरआईईएस, देवस्थल के बीच 18 जून को पचास वर्षों से अधिक की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भारत जलवायु अवलोकन नेटवर्क (बीसीओएन) के अंतर्गत जलवायु चरों के दीर्घकालिक अवलोकनों का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन पर सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
  • बीसीओएन मौसम संबंधी मापदंडों, जलवायु-सक्रिय सूक्ष्म गैसों (ग्रीनहाउस गैसें और अल्पकालिक जलवायु कारक), वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और मिट्टी की नमी संबंधी प्रेक्षणों की निगरानी करेगा।
  • देश में जलवायु संबंधी अग्रणी अनुसंधान में सहायता करने के लिए दीर्घकालिक, उच्च गुणवत्ता वाला और उच्च सटीकता वाला जलवायु डेटासेट बनाने का प्रयास

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान ने 18 जून को ऑनलाइन माध्यम से नैनीताल स्थित आर्यभट्ट अवलोकन विज्ञान अनुसंधान संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस MoU पर IITM के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव और नैनीताल स्थित ARIES के निदेशक डॉ. मनीष कुमार नाजा ने हस्ताक्षर किए।


इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन पर सहयोगात्मक अनुसंधान और मौसम संबंधी मापदंडों तथा जलवायु-सक्रिय सूक्ष्म गैसों, जैसे ग्रीनहाउस गैसें, अल्पकालिक जलवायु कारक और मृदा नमी आदि के दीर्घकालिक अवलोकन को बढ़ावा देना है। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भारत जलवायु अवलोकन नेटवर्क के अंतर्गत एआरआईएस, देवस्थल में एक जलवायु अवलोकन केंद्र स्थापित करना है।


देवस्थल स्थित ARIES नामक उच्च पर्वतीय चोटी उन्नत वायुमंडलीय अवलोकन के लिए एक अनूठा वातावरण प्रदान करती है। इसका अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण आधारभूत वायुमंडलीय विशेषताओं को समझने, ग्रीनहाउस गैसों का अध्ययन करने, जलवायु संबंधी प्रदूषकों के परिवहन का अध्ययन करने और हिमालयी क्षेत्र में जलवायु प्रक्रियाओं की गतिशीलता को समझने के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करता है।
BCON भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत IITM द्वारा परिकल्पित और कार्यान्वित एक राष्ट्रीय अवलोकन संबंधी पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में दीर्घकालिक, उच्च परिशुद्धता जलवायु निगरानी ढांचा विकसित करना है।


BCON एक मजबूत राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित करेगा जो दीर्घकालिक रुझानों का पता लगाने में सहायता करेगा, जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को आगे बढ़ाएगा और जलवायु आकलन और साक्ष्य आधारित नीति विकास के लिए भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।


BCON के माध्यम से उत्पादित उच्च सटीकता वाले डेटासेट पृथ्वी प्रणाली मॉडल के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सत्यापन और बेंचमार्किंग भी प्रदान करेंगे। इसमें भारत का पहला ईएसएम, आईआईटीएम ईएसएम भी शामिल है, जिससे भारतीय जलवायु परिवर्तन के अधिक सटीक सिमुलेशन सक्षम होंगे और भविष्य के जलवायु अनुमानों में सुधार होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्य प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में हुई शामिल

मध्य प्रदेश / सत्ता संदेश

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। यह कार्यक्रम विशेष रुप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में चुनौती का सामना करने की दिशा में एक अहम प्रयास था। राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है; यह पूरे विश्व में आनुवंशिक रोगों की जांच-परख की सबसे बड़ी पहलों में से एक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मिशन मोड में की गई स्क्रीनिंग का ही परिणाम है कि अब तक लगभग 2.5 लाख लोगों में सिकल सेल संबंधी रोग चिह्नित किये जा चुके हैं, और इस रोग के 20 लाख से भी अधिक वाहक भी पहचाने जा चुके हैं। उन्होंने वाहकों की इतनी बड़ी संख्या से जुड़ी चुनौतियों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सिकल सेल से जुड़े रोगियों और वाहकों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी समुचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्तूबर, 2025 तक चले “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत चार लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग का कीर्तिमान स्थापित करके इस समस्या के समाधान हेतु अमूल्य योगदान दिया है।

राष्ट्रपति ने गौर किया कि मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष ‘विश्व सिकल सेल दिवस’ पर “सिकल मित्र” पहल का शुभारंभ किया गया था। इस पहल के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, रोगियों को सहायता प्रदान करने के लिए शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रदेशों की समेकित शक्ति और सक्रियता से हम वर्ष 2047 से बहुत पहले ही देश से सिकल सेल संबंधी रोगों के उन्मूलन के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में अवश्य सफल होंगे।

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के मुख्य सेवादार ने विधानसभा चुनाव अभियान का किया आगाज़

जथेदार शहीद भाई गुरदेव सिंह काउन्के की धर्मपत्नी माता गुरमेल कौर से आशीर्वाद लेकर अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के जगराओं से मुख्य सेवादार राजीव कुमार लवली ने विधानसभा चुनाव अभियान का किया आगाज़

जगराओ / सत्ता संदेश

शहीदों के सरताज पांचवें पातशाह साहिब श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस के अवसर पर, श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार शहीद भाई गुरदेव सिंह काउन्के, जो समूची सिख कौम के साथ-साथ जगराओं क्षेत्र की भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण पंथक शख्सियत थे, उनकी धर्मपत्नी माता गुरमेल कौर जी कौंके से आशीर्वाद प्राप्त कर अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी राजीव कुमार लवली ने पार्टी की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनाव प्रचार अभियान का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राजीव कुमार लवली ने कहा कि पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज की बढ़ती लोकप्रियता और सिख धर्म के प्रचार-प्रसार को रोकने के उद्देश्य से मुगल बादशाह जहांगीर ने अत्याचारों की सारी सीमाएं पार करते हुए गुरु साहिब को असहनीय यातनाएं दीं। उन्हें तपती तवी पर बैठाया गया, सिर पर गर्म रेत डाली गई और अंततः शहीद कर दिया गया। इसके बावजूद गुरु साहिब ने अकाल पुरुष की रज़ा को स्वीकार करते हुए “तेरा किया मीठा लागै” का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार शहीद भाई गुरदेव सिंह काउन्के को भी उस समय की पुलिस ने मुगलों के रास्ते पर चलते हुए, अमानवीय यातनाएं देकर शहीद कर दिया था। लेकिन भाई साहिब ने कोई शिकायत नहीं की और हंसते-हंसते कौम के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

लवली ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तत्कालीन सरकार द्वारा शहीद किए गए जथेदार साहिब के परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला है और परिवार आज भी इंसाफ की प्रतीक्षा कर रहा है। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ की ओर से जगराओं विधानसभा क्षेत्र से मुख्य सेवादार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे राजीव कुमार लवली ने कहा कि आज वे जथेदार शहीद भाई गुरदेव सिंह कौंके की धर्मपत्नी बीबी गुरमेल कौर जी से आशीर्वाद लेकर जगराओं विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ पंजाब की एक पंथक पार्टी है और इसलिए शहीद सिंहों के परिवारों को उचित सम्मान देना हमारा कर्तव्य है। इस अवसर पर लवली ने जानकारी दी कि इसी क्रम में आने वाले दिनों में जगराओं विधानसभा क्षेत्र में बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर एक विशाल मोटरसाइकिल रोष मार्च निकाला जाएगा।

उन्होंने जगराओं क्षेत्र के निवासियों से अपील की कि वे भाई अमृतपाल सिंह खालसा, जिन्हें उनके अनुसार पिछले तीन वर्षों से विभिन्न मामलों में दर्ज मुकदमों के आधार पर डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है, तथा अन्य बंदी सिंहों की रिहाई के समर्थन में आयोजित किए जाने वाले इस मोटरसाइकिल मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से सरकारों को यह संदेश दिया जाएगा कि पंजाब के लोग अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध हमेशा डटकर खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।

इस अवसर पर अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ की जिला लुधियाना देहाती (जगराओं) की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के समर्थन में निकाले जाने वाले मोटरसाइकिल रोष मार्च की तिथियों की घोषणा अगले एक-दो दिनों में कर दी जाएगी।

इस मौके पर जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लों, चौधरी अवतार सिंह लड्डू तथा जसवीर सिंह लुधियाना भी उपस्थित थे।