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डाक विभाग द्वारा 28 अगस्त तक विशेष आधार नामांकन और अपडेट अभियान का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

नागरिकों को आधार सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने तथा इन सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा चंडीगढ़ एवं मोहाली के 26 डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।

वर्तमान में निम्नलिखित डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट की सेवाएं उपलब्ध हैं:
एयरोसिटी, एयरोड्रोम, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., डेरा बस्सी, हाई कोर्ट, खरड़, कुराली, मनीमाजरा, न्यू सेक्रेटेरिएट, सेक्टर-08, सेक्टर-12, सेक्टर-14, सेक्टर-19, सेक्टर-22, सेक्टर-26, सेक्टर-30, सेक्टर-36, सेक्टर-47, सेक्टर-55, सेक्टर-59, सेक्टर-60, सेक्टर-71, सोहाना, सियालबा माजरी, सनी एन्क्लेव एवं जीरकपुर डाकघर।

जनता की अधिकतम सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 अगस्त 2026 तक प्रत्येक रविवार एवं राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी चंडीगढ़ जी.पी.ओ., मनीमाजरा, जीरकपुर, खरड़, सेक्टर-19 डाकघर एवं सेक्टर-55 डाकघर में विशेष आधार सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।रविवार को आधार सेवाएँ सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., सेक्टर-17 स्थित आधार केंद्र में आधार सेवाएं विस्तारित कार्य समय के साथ प्रातः 7:30 बजे से सायं 8:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इससे नागरिक सामान्य कार्यालय समय के बाद भी आधार सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

• निवासियों के लिए नए आधार का नामांकन।
• आधार विवरण का अपडेट, जिसमें नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आदि शामिल हैं।
• बायोमेट्रिक अपडेट, जिसमें उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन एवं फोटोग्राफ शामिल हैं।
• 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)।

यह विशेष अभियान आधार सेवाओं को आम जनता के और निकट लाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इससे विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, कामकाजी लोगों तथा ऐसे निवासियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सामान्य कार्यालय समय के दौरान आधार केंद्र पर जाना कठिन होता है।
माता-पिता, विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अनुरोध है कि वे विद्यार्थियों के आधार विवरण को समय पर अपडेट करवाना सुनिश्चित करें, ताकि प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षाओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निवासियों से अनुरोध है कि वे अपने निकटतम आधार-सक्षम डाकघर में जाकर आधार नामांकन एवं अपडेट की आसान सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठाएं।

PAU ने आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का किया आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

यूआईडीएआई (UIDAI) क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना, पंजाब में आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का आयोजन किया।

पंजाब भर के विभिन्न विभागों, जिनमें DGGIT पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और डाक विभाग शामिल हैं, से कुल 119 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस सत्र में आधार के प्रमुख पहलुओं, परिचालन प्रक्रियाओं और यूआईडीएआई द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों को शामिल किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आधार ऑपरेटरों के ज्ञान और क्षमताओं को बढ़ाना था ताकि निवासियों को कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

सुमित भटनागर, ट्रेनर, UIDAIऔर अंकुश ठाकुर, सहायक प्रबंधक – पंजाब, UIDAI ने यूनिवर्सल क्लाइंट (UC) को अपनाने और परिचालन त्रुटियों को कम करने के लिए UIDAI के दिशानिर्देशों व मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने निवासियों को अपने आधार दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यदि उन्होंने पिछले दस वर्षों में उन्हें अपडेट नहीं किया है। प्रतिभागियों को सॉफ्ट स्किल्स, यूआईडीएआई के विजन और मिशन, और व्यावसायिकता व कार्य नैतिकता के उच्च मानकों को बनाए रखने के महत्व पर भी संवेदनशील बनाया गया।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान, मधुर बंसल, परियोजना प्रबंधक, UIDAI और अंकुश ठाकुर ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया और आधार नामांकन तथा अपडेट पारिस्थितिकी तंत्र पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान किया। उन्होंने नवीनतम UC मॉड्यूल का प्रदर्शन भी किया और यूनिवर्सल क्लाइंट का लाइव प्रदर्शन किया, जिससे प्रतिभागी कुशल आधार नामांकन और अपडेट संचालन के लिए इसकी विशेषताओं और कार्यात्मकताओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में सक्षम हुए।

UIDAI आधार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, पारिस्थितिकी तंत्र के भागीदारों के कौशल को बढ़ाने और सुरक्षित, कुशल तथा नागरिक-केंद्रित आधार सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। प्रशिक्षण का समापन एक इंटरैक्टिव चर्चा और आधार सिद्धांतों, परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं और विकसित होते आधार पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ।

UIDAI ने आधार ऐप से ईमेल अपडेट की मुफ्त सुविधा शुरू की
  • भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार ऐप के माध्यम से आधार में ईमेल अपडेट को निःशुल्क सक्षम किया
  • पहले दो दिनों में 25 लाख से अधिक ईमेल अपडेट दर्ज किए गए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने निवासियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अब लोगों को आधार ऐप के माध्यम से सीधे आधार में अपनी ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने की अनुमति दे दी है, जिससे आधार केंद्र जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

यह सेवा केवल आधार ऐप के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध है, जो 1 जुलाई, 2026 से छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी होगी। इससे निवासियों के लिए अपनी आधार जानकारी को अपडेट रखना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। भौतिक रूप से आने-जाने की आवश्यकता को समाप्त करके, यह पहल डिजिटल इंडिया के अंतर्गत विकसित भारत की दिशा में लोगों के अनुकूल डिजिटल सेवा प्रदान करने के लिए यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

आधार ऐप पर नई सेवा उपलब्ध होने के दो दिनों के भीतर ही 250,000 से अधिक लोगों ने अपना ईमेल पता अपडेट कर लिया है। ईमेल को आधार से लिंक करने से आधार प्रमाणीकरण अनुरोध निष्पादित होने पर वास्तविक समय में ईमेल सूचनाएं प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

यह पारदर्शिता को बढ़ाता है और आधार संख्या धारकों को किसी भी उद्देश्य के लिए उनके आधार के उपयोग के बारे में सूचित रहने में सक्षम बनाकर सुरक्षा की एक अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है।

जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया नया आधार ऐप लोगों को अपने स्मार्टफ़ोन से ही मोबाइल नंबर अपडेट और पता अपडेट सहित कई सेवाओं का आसानी से लाभ उठाने में सक्षम बना रहा है।

अब तक 40 लाख से अधिक लोगों ने नए आधार ऐप का उपयोग करके अपने मोबाइल नंबर अपडेट किए हैं। वहीं, लगभग 10 लाख लोगों ने इस ऐप का उपयोग करके अपना पता भी अपडेट किया है।

यूआईडीएआई लोगों को आधार में ईमेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। निवासी आधार ऐप डाउनलोड या अपडेट करके ईमेल अपडेट करने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

नया आधार ऐप एंड्रॉयड और ऐप्पल आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। लोग इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं:

एंड्रॉइड: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.uidai.pehchaan&hl=en_IN

आईओएस – https://apps.apple.com/in/app/aadhaar/id6744029871

सौ  संगठन आधार के ऑफलाइन सत्यापन में शामिल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ये संगठन सरकारी विभागों, वित्तीय फिनटेक और आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित

नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2026: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में तीन महीनों के भीतर कम से कम सौ संगठन ओवीएसई के रूप में पंजीकृत हुए हैं। यह उपलब्धि आधार ऑफलाइन तंत्र के माध्यम से सुरक्षित, सहमति-आधारित और कागज रहित सत्यापन को सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम है – जिसके माध्यम से सेवा प्रदाताओं और आम जनता दोनों को समान रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इन संगठनों में केंद्र और राज्य दोनों के सरकारी विभाग, फिनटेक कंपनियां, इवेंट मैनेजमेंट और आतिथ्य-सत्कार संगठन, शिक्षा तथा परीक्षा संबंधी संस्थाएं, पहचान सत्यापन, पृष्ठभूमि सत्यापन संगठन एवं कार्यबल सत्यापन कंपनियां शामिल है।

आधार के ऑफलाइन सत्यापन में इन संगठनों के शामिल होने से सेवा वितरण की समयबद्धता में सुधार होने, परिचालन संबंधी बाधाओं में कमी आने और भौतिक दस्तावेज़ प्रबंधन और मैन्युअल सत्यापन प्रक्रियाओं से जुड़ी लागतों में कमी आने की उम्मीद है। इन ओवीएसई भागीदारों का जुड़ना आधार-आधारित, गोपनीयता-प्रथम डिजिटल सत्यापन ढांचों में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है जो उपयोगकर्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए पहुंच में आसानी सुनिश्चित करते हैं।

ये संगठन आधार ऑफलाइन सत्यापन विधियों जैसे कि क्यूआर कोड-आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का लाभ उठाकर, अब यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्टिविटी की आवश्यकता के बिना पहचान संबंधी जानकारी “दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने” में सक्षम होंगे।

यह वितरित मॉडल लचीलापन, विस्तारशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जो समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण और लोगों को अपनी जानकारी पर नियंत्रण रखने और स्वेच्छा से अपनी इच्छा अनुसार जानकारी साझा करने की व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

यह पहल सेवा प्रदाताओं के साथ लोगों की बातचीत को सरल बनाकर “जीवन की सुगमता” को बढ़ाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के चल रहे प्रयासों की पूरक है, जिससे  आधार धारकों को शीघ्र पंजीकरण, कम कागजी कार्रवाई और अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण का लाभ मिलेगा।