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कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज, सिद्धरमैया ने बुलाई अहम मंत्रिमंडलीय बैठक; अटकलों पर लग सकता है विराम

बेंगलुरु / सत्ता संदेश

Siddaramaiah द्वारा बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल सहयोगियों की अहम बैठक बुलाए जाने के बाद Karnataka की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता संतुलन की अटकलों के बीच इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, सरकार के कामकाज और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिनमें नेतृत्व परिवर्तन, मंत्रिमंडल फेरबदल और पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री द्वारा अचानक बुलाई गई बैठक ने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है। हालांकि सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक बैठक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बैठक में सरकार की विकास योजनाओं, आगामी राजनीतिक रणनीति और पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और जनता से जुड़े मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।

विपक्षी दल भी इस बैठक पर नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है और इसी कारण अचानक बैठक बुलाने की जरूरत पड़ी है। वहीं सत्तारूढ़ Indian National Congress के नेताओं ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और मुख्यमंत्री नियमित रूप से मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक करते रहते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के बाद कर्नाटक की राजनीति में चल रही कई अटकलों पर विराम लग सकता है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया बैठक के जरिए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर किसी तरह की भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।

कर्नाटक में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने के आसार नहीं, CM सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

कर्नाटक / सत्ता संदेश

Siddaramaiah ने राज्य में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने के संकेतों से इनकार करते हुए केंद्र सरकार पर ईंधन की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स बढ़ा रही है, जिससे राज्यों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है, लेकिन केंद्र की नीतियों के कारण वित्तीय संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर कर घटाने पर कोई विचार नहीं कर रही है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर आम जनता को राहत न देने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने केंद्र सरकार की टैक्स नीति को महंगाई के लिए जिम्मेदार बताया।