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PM मोदी गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे, 22 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

PM मोदी गुजरात औऱ दमन का दौरे पर रहेंगे। जहां वह 22 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। आपको बता दें कि पहले पीएम गुजरात के सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे, जहां वे औद्योगिक और अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद सूरत में करीब 18,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे।

सूरत में प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच परिवहन, व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के प्रमुख हिस्सों को चार लेन बनाने की परियोजना की भी शुरुआत होगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच आसान होगी।

प्रधानमंत्री सूरत में 200 बेड वाले आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन भी करेंगे। यह अस्पताल 24 घंटे आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध कराएगा। साथ ही बिजली वितरण, ट्रांसमिशन नेटवर्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया जाएगा।

शाम को प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे, जहां वे नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और नामो अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके बाद लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा।

दमन में शुरू होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री लक्षद्वीप के लिए करीब 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इनमें कलपेनी और कदमत द्वीपों पर आधुनिक बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं से समुद्री संपर्क मजबूत होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय मछुआरों को लाभ पहुंचेगा।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से गुजरात, दमन और लक्षद्वीप में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

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ख़ामेनेई की हत्या पर प्रधानमंत्री मौन, अमेरिकी-इजराइली ‘दोस्तो’ को नाराज नहीं करना चाहते:कांग्रेस

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली “दोस्तों” को नाराज नहीं करना चाहते।

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईरान के संवैधानिक प्रमुख अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री मौन हैं। विदेश मंत्री मौन हैं। संसद में अब तक शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही तरह से निंदा की है लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

कांग्रेस ने कहा कि यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ‘ब्रिक्स+’ मंच का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।

रमेश ने कहा, “मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को, जब सत्र शुरू हुआ, शोक प्रस्ताव भी रखा गया था। अब यह हिचकिचाहट क्यों?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एक ‘‘कम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’’ अपने अमेरिकी और इजराइली ‘दोस्तों’ को नाराज़ करने से बचना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से सुधारों पर अपना एजेंडा पेश करने को कहा

नेशनल डेस्क (सत्ता संदेश)-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुधारों को लेकर महत्वाकांक्षी एजेंडा सामने रखते हुए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से कहा है कि वे अपने-अपने मंत्रालयों में आने वाले वर्षों में किए जाने वाले सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत नोट तैयार करें। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह कवायद सरकार के सुधारों पर केंद्रित ‘रिफॉर्म एक्सप्रेसÓ एजेंडा का हिस्सा है जिसके तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कारोबारी सुगमता में सुधार करना और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन का दायरा बढ़ाना लक्ष्य है। मंत्रियों से कहा गया है कि वे यह नोट स्वयं तैयार करें और केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उसे पेश कर अपने मंत्रालय की गतिविधियों और सुधार दृष्टिकोण की जानकारी दें। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडलीय सचिवालय ने एक निर्धारित प्रारूप प्रसारित किया है, जिसमें हरेक मंत्रालय को पिछले कुछ वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के साथ भविष्य की सुधार पहलों का विवरण देना होगा। इस प्रारूप में यह स्पष्ट करना होगा कि सुधार कब लागू किए गए या कब प्रस्तावित हैं और उन सुधारों से क्या परिणाम अपेक्षित हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हरेक मंत्रालय अपने सुधार एजेंडे को प्राथमिकता दे ताकि उसके परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दें। यह समूची प्रक्रिया वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की व्यापक रूपरेखा का हिस्सा मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में पी.टी.आई.-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि उनकी सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेसÓ से आम नागरिकों को व्यापक लाभ मिल रहा है। अगले दशक की शीर्ष प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘हमारी दिशा स्पष्ट है, इसे किसी निश्चित संख्या तक सीमित नहीं किया जा सकता।Ó प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्तÓ विषय पर आयोजित एक बजट-पश्चात वेबिनार में सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच सहयोग के लिए ‘सुधार साझेदारी चार्टरÓ विकसित करने का सुझाव भी दिया

भारत वैश्विक दक्षिण के लिए एक सशक्त, भरोसेमंद आवाज के रूप में उभरा: प्रधानमंत्री मोदी

 मुंबई, 17 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक संवादों को आकार और अधिक संतुलित एवं समावेशी विश्व व्यवस्था में योगदान देने के साथ वैश्विक दक्षिण के लिए एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरा है।

मोदी ने वैश्विक आर्थिक सहयोग परिषद द्वारा विदेश मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित ‘वैश्विक आर्थिक सहयोग 2026’ कार्यक्रम में अपने लिखित संबोधन में कहा कि जब दुनिया अनिश्चित समय में स्थिर नेतृत्व की तलाश कर रही है, तब भारत उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि देश साझा वैश्विक चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान प्रदान कर रहा है। साथ ही उच्च वृद्धि दर और कम मुद्रास्फीति का दुर्लभ संतुलन भी बनाए हुए है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय चौथाईवाले ने प्रधानमंत्री का भाषण पढ़ा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारत वैश्विक दक्षिण की एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरा है, जो वैश्विक संवादों को आकार देने के साथ अधिक संतुलित एवं समावेशी विश्व व्यवस्था में योगदान दे रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस युग की प्रमुख चुनौतियों में से एक कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, किसी को भी पीछे न छोड़ना और इसे कुशलतापूर्वक हासिल करना है। भारत ने विश्व स्तरीय डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से इस महत्वाकांक्षा को वास्तविकता में बदल दिया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कल्याणकारी लाभ पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ नागरिकों तक एक क्लिक में पहुंचें।

उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसकी प्रगति के मूल में स्थिरता समाहित है। देश में स्थापित ऊर्जा क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म यानी हरित ईंधन स्रोतों से आता है, जिससे भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले प्रमुख देशों में से एक बन गया है।

मोदी ने कहा कि 2014 से सौर ऊर्जा क्षमता में 40 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि पवन ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की विकास गाथा न केवल तेज है, बल्कि यह हरित, समावेशी और व्यापक स्तर पर लागू होने के लिए डिजाइन की गई है…। भारत में उभर रहे मॉडल अनुकूलनीय मार्ग प्रदान करते हैं जिन्हें दुनिया भर के देशों के लिए दोहराया जा सकता है।’’

मोदी ने कहा कि देश में विनिर्माण और उभरते क्षेत्रों में हो रही प्रगति से इसके सतत विकास के एजेंडा को और मजबूती मिलती है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता है और साथ ही सेमीकंडक्टर और दुर्लभ खनिज जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विविधता ला रहा है, जो आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण की दिशा में निर्णायक कदम का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में, वैश्विक सहयोग अत्यावश्यक है। जैसे-जैसे विश्व आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और विश्वसनीयता पर पुनर्विचार कर रहा है, भारत सीमाओं के पार विश्वास, स्थिरता और साझा समृद्धि को मजबूत करने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम है।

भाजपा समर्थक सोशल मीडिया खाते से की गई मोदी-कांथापुरम की मुलाकात की सराहना

तिरुवनंतपुरम, 17 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कांथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार के बीच हुई उच्च स्तरीय मुलाकात की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थक सोशल मीडिया खातों से सरहाना की गई।

मुसलियार को भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के रूप में भी जाना जाता है।

भाजपा नेता पद्मजा वेणुगोपाल ने सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर मोदी की मुसलियार का हाथ पकड़े हुए एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा ‘‘यह तस्वीर कितनी खूबसूरत है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘यह एक ऐसी तस्वीर है कि जो भी इसे देखता है उसे स्नेह, प्रेम और अपनेपन का भाव दिखाई देता है। केरल वाम मोर्चा और कांग्रेस द्वारा भाजपा के बारे में फैलाए गए दुष्प्रचार और भ्रामक विमर्श को पहचान रहा है। केरल बदल रहा है।’’

इस बीच मुसलियार के कार्यालय ने कहा कि प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता ने प्रधानमंत्री के साथ सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकासात्मक मामलों पर विस्तार से सार्थक चर्चा की।

मुसलियार के कार्यालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यालय ने बताया, ‘‘शेख अबूबकर अहमद ने प्रधानमंत्री का ध्यान उन चिंताओं और अनुरोधों की ओर आकृष्ट किया जो हाल में उनकी ‘मानवता के साथ’ विषय पर आयोजित केरल यात्रा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से प्राप्त हुए थे। उन्होंने रमजान के महीने के लिए अपने संदेश और विचार भी साझा किए।’’

मुसलियार के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘समस्त केरल जमीयतुल उलमा और जामिया मरकज’ के नेतृत्व में शुरू की गई शैक्षिक और सामाजिक कल्याणकारी पहलों की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाते हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर उत्साहित है भारत: प्रधानमंत्री मोदी

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा और द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने को लेकर उत्साहित है।

मोदी ने ‘एक्स’ पर मैक्रों की एक ‘पोस्ट’ पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही। फ्रांस के राष्ट्रपति ने पोस्ट में कहा था कि वह भारत रवाना हो गए हैं और मुंबई एवं नयी दिल्ली की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह एवं मोदी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे ले जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारत में आपका स्वागत है! भारत आपकी यात्रा और हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्साहित है। मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी तथा वैश्विक प्रगति में योगदान देगी। मेरे प्रिय मित्र- इमैनुएल मैक्रों, मुंबई में और फिर दिल्ली में मिलते हैं।’’

इससे पहले, मैक्रों ने भारत के लिए रवाना होते समय सोमवार को ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘भारत रवाना हो गया हूं। मुंबई से नयी दिल्ली तक तीन दिन का सफर… ताकि हमारी रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सके। मेरे साथ विमान में व्यापार जगत के दिग्गज और आर्थिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक एवं डिजिटल क्षेत्र के वे लोग हैं जो भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को वास्तविक, ठोस रूप देते हैं। हम साथ मिलकर सहयोग को और आगे ले जाएंगे। मेरे प्रिय मित्र- नरेन्द्र मोदी, कल मिलते हैं।’’

दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।

राष्ट्रपति मैक्रों भारत की मेजबानी में आयोजित एआई (कृत्रिम मेधा) शिखर सम्मेलन में भाग लेने और मुंबई में द्विपक्षीय शिखर बैठक करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं।

यह राष्ट्रपति मैक्रों की भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है।