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कपूरथला की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर बरसे राणा गुरजीत सिंह, जुआ-सट्टा और गैंगस्टरवाद पर उठाए सवाल

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कपूरथला में जुआ, सट्टा, गैंगस्टरवाद, नशा और अन्य अवैध कारोबार चरम पर पहुंच चुके हैं, लेकिन प्रशासन इन पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।

चुनावों के दौरान कानून की उड़ाई गईं धज्जियां

राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि विधानसभा और नगर निगम चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। लोगों को डराने-धमकाने का माहौल बनाया गया और आपराधिक मामलों में शामिल लोग राजनीतिक नेताओं के साथ खुलेआम घूमते रहे। उनके अनुसार ऐसे तत्वों ने चुनावी माहौल को खराब करने में अहम भूमिका निभाई।

अवैध बैटिंग और सट्टे के कारोबार पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि शहर में जुए-सट्टे के अलावा अवैध बैटिंग का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को कई बार इन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उनसे ही सबूत मांगती रही। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम प्रशासन को अवगत करवाना होता है, जबकि जांच करना और सबूत जुटाना पुलिस की जिम्मेदारी है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी साधा निशाना

राणा गुरजीत सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस आजकल बाजारों में जाकर व्यापारियों से मुलाकात कर रही है, जबकि ऐसे काम थानों में बैठकर भी किए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक इशारों पर किया जा रहा है और इसे केवल एक सार्वजनिक दिखावा (पब्लिक स्टंट) बताया।

हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस करेगी संघर्ष

विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अवैध गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कांग्रेस पार्टी जनता को साथ लेकर आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी।

जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए

राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि प्रशासन का पहला दायित्व आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने मांग की कि जुआ, सट्टा, नशा और गैंगस्टरवाद जैसी गतिविधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए ताकि शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल हो सके।

ECINET पर प्रकाशित विधानसभा चुनावों के लिए इंडेक्स कार्ड

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  1. निर्वाचन आयोग ने 6 मई को संपन्न हुए विधानसभाओं के आम चुनावों और उपचुनावों के लिए इंडेक्स कार्ड और सांख्यिकीय रिपोर्ट प्रकाशित की है। ये इंडेक्स कार्ड और सांख्यिकीय रिपोर्ट उन सभी 830 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रकाशित की गई हैं, जहां मतदान हुआ था। पश्चिम बंगाल के 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई, 2026 को पुनर्मतदान होगा।
  2. विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के लिए इंडेक्स कार्ड चुनाव परिणामों की घोषणा के रिकॉर्ड 72 घंटों के भीतर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इंडेक्स कार्ड और सांख्यिकीय रिपोर्टों का डिजिटल अद्यतन और शीघ्र प्रकाशन आयोग द्वारा पिछले एक वर्ष में की गई 30 से अधिक पहलों में से एक है। ईसीआईएनईटी की शुरुआत से पहले , डेटा को फील्ड अधिकारियों द्वारा मैन्युअल रूप से भरे जाने के कारण इंडेक्स कार्ड और सांख्यिकीय रिपोर्ट के प्रकाशन में कई सप्ताह से लेकर महीनों तक का समय लग जाता था।
  3. इंडेक्स कार्ड में उम्मीदवारों, मतदाताओं, डाले गए वोटों, गिने गए वोटों, पार्टीवार और उम्मीदवारवार डाले गए वोटों से संबंधित डेटा शामिल होता है। इंडेक्स कार्ड को ईसीआईएनईटी ऐप (चुनावों के बारे में टैब → वर्तमान चुनाव → इंडेक्स कार्ड) और भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.eci.gov.in/statistical-reports पर देखा जा सकता है।
  4. चुनाव आयोग ने आम चुनावों के लिए एक साथ 14 सांख्यिकीय रिपोर्टों का एक सेट प्रकाशित किया है । यह पहली बार है कि सांख्यिकीय रिपोर्टें चुनाव परिणामों की घोषणा के 72 घंटों के भीतर प्रकाशित की गई हैं।
  5. सांख्यिकीय रिपोर्टों में राज्य स्तर और निर्वाचन क्षेत्र-वार मतदाताओं का विवरण, मतदान केंद्रों की संख्या, राज्य/ निर्वाचन क्षेत्र-वार मतदान प्रतिशत, लिंग-वार मतदान भागीदारी, पार्टी-वार वोट शेयर, निर्वाचन क्षेत्र डेटा सारांश रिपोर्ट, निर्वाचन क्षेत्र-वार विस्तृत परिणाम आदि शामिल हैं।
  6. सांख्यिकीय रिपोर्टों के प्रकाशन का उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और आम जनता सहित सभी हितधारकों के लिए चुनाव संबंधी आंकड़ों की पारदर्शिता और सुलभता को बढ़ावा देना है ये रिपोर्टें इंडेक्स कार्ड में भरे गए द्वितीयक आंकड़ों से तैयार की जाती हैं।
  7. प्राथमिक आंकड़े संबंधित पीठासीन अधिकारियों द्वारा रखे गए वैधानिक प्रपत्रों में होते है और वैधानिक प्रपत्रों में दर्शाये गए आंकड़े अंतिम होते है।