ब्रेकिंग न्यूज़
सतलुज फिल्म पर रोक लगाना निंदनीय: परमिंदर सिंह

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध करते हुए सरकार से इसे तुरंत हटाने की मांग की है। पार्टी के जिला शहरी अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने कहा कि फिल्म पर रोक लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है और सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

लुधियाना में जारी एक बयान में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के जिला शहरी अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी फिल्मों को प्रदर्शन की अनुमति मिल जाती है जो समाज को गलत दिशा में ले जाती हैं, लेकिन जब कोई फिल्म सामाजिक सच्चाई को सामने लाने का प्रयास करती है तो उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

परमिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि फिल्म पर रोक लगाकर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर फिल्म को निष्पक्ष तरीके से देखने और जनता तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाया गया प्रतिबंध जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि इसे दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा कि दर्शकों को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे किसी फिल्म को देखना चाहते हैं या नहीं।

शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ ने लुधियाना शहरी इकाई की नई टीम घोषित की

लुधियाना / सत्ता संदेश

नवनियुक्त अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने पार्टी नेतृत्व का जताया आभार, जिम्मेदारी निष्ठा से निभाने का किया वादा

शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ ने लुधियाना शहरी इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सरदार परमिंदर सिंह को लुधियाना शहरी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद परमिंदर सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का भरोसा दिया।

परमिंदर सिंह ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह, समूह सरपरस्त, वरिष्ठ नेता सरदार परमपाल सिंह सभरा, पार्टी पर्यवेक्षक बीबी जगीर कौर, सरदार संता सिंह उमैदपुरी तथा सरदार भरपूर सिंह धांदरा सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का धन्यवाद किया।

पार्टी द्वारा घोषित नई टीम के अनुसार सरदार गुरदीप सिंह को महासचिव, सरदार गुरु साहिब सिंह को प्रेस सचिव एवं प्रवक्ता तथा सरदार हरजीत सिंह को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि वे पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

परमिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब मौजूदा समय में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और इन परिस्थितियों से राज्य को बाहर निकालने के लिए एक मजबूत पंथक सोच वाली सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए लगातार कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी संगठन का विस्तार किया जाएगा और आम लोगों के मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

अकाली दल पुनर सुरजीत को बड़ा झटका: मनप्रीत अयाली का सभी पदों से इस्तीफा, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

पंजाब डेस्क : पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के दिग्गज नेता मनप्रीत अयाली ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर इस फैसले की घोषणा की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी ‘दिल्ली वाली पार्टी’ जैसे भाजपा, कांग्रेस या आप में शामिल होने के बारे में सोच भी नहीं सकते।अयाली ने अपने इस्तीफे के पीछे 6 प्रमुख कारण बताए हैं:

नेतृत्व का नैतिक अधिकार: अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे के अनुसार, वर्तमान लीडरशिप सिख कौम का नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, फिर भी वे पद छोड़ने को तैयार नहीं थे।

सुखबीर बादल का इनकार: सुखबीर सिंह बादल ने अकाल तख्त द्वारा गठित भर्ती कमेटी को मानने से इनकार कर दिया था।

चरित्र हनन: अयाली ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और आईटी विंग द्वारा उनकी ‘किरदारकशी’ (चरित्र हनन) की गई।

पंथक एकता में विफलता: उन्होंने सभी पंथक पक्षों को एकजुट करने की कोशिश की, लेकिन पुरानी लीडरशिप के पीछे न हटने के कारण तालमेल टूट गया।

मनप्रीत अयाली ने साफ किया कि वे भविष्य में सिख बुद्धिजीवियों और समूचे पंथ की भावनाओं के अनुसार ही कोई अगला कदम उठाएंगे और निष्काम भाव से पंजाब की सेवा जारी रखेंगे।