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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों का संचालन


फरीदाबाद / सत्ता संदेश

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), क्षेत्रीय संक्रियाएँ प्रभाग द्वारा जुलाई, 2026 के दौरान राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षणों के अंतर्गत आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) तथा राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस) का संचालन राष्ट्रीय सांख्यिकी क्षेत्रीय कार्यालय, फरीदाबाद के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।

इन सर्वेक्षणों के अंतर्गत फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल एवं नूंह (मेवात) जनपदों के चयनित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। चयनित क्षेत्रों में गुरुग्राम नगर निगम, फरीदाबाद नगर निगम, कासन, चंदावली, खोरी कलां, मोहम्मदपुर टेर, मलाई, होडल, खैका, अटीतका, रेहना, जेहताना, नूंह (ग्रामीण), झारपुरी, सौंख, पिंगवां, तावडू, नागीना, उतावड़, खेरली दौसा, गढ़ी बिनौदा, खवासपुर, पहलादपुर माजरा बड़रोला, तिलपत तथा पलवल सम्मिलित हैं।

ये सर्वेक्षण रोजगार, असंगठित क्षेत्र के उद्यमों तथा घरेलू आय से संबंधित विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराते हैं, जो साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णयों एवं सामाजिक-आर्थिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से अनुरोध करता है कि वे सर्वेक्षण कार्य में नियुक्त अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग प्रदान करें। उत्तरदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई समस्त जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय प्रयोजनों के लिए किया जाएगा।

*हरियाणा में जनगणना 2027 के कार्यों में तेजी; कई जिलों में 100% जनगणना कार्य आरंभ किया गया*

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जनगणना 2027 की प्रगति की समीक्षा की, फील्ड संचालन में कड़ी जवाबदेही के निर्देश दिए*

चंडीगढ़, 17 मई,2026 – हरियाणा ने चल रही जनगणना 2027 की मकानसूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मकानसूचीकरण गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, नगर आयुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रव्यापी अभ्यास के कार्यान्वयन की गति और समय पर पूरा करने की तैयारियों का आकलन किया गया।

बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कार्य पूर्ण समर्पण, जवाबदेही और दक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना नीति निर्माण, विकास योजना, संसाधन आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिससे शासन और लोक प्रशासन के लिए इसका सफल निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना ड्यूटी में लापरवाही बरतने या सहयोग न करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना कार्य निदेशक, हरियाणा, डॉ. ललित जैन ने बताया कि हरियाणा में कुल मकानसूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) के 97 प्रतिशत से अधिक में कार्य शुरू हो चुका है। यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, हांसी, चरखी दादरी और फरीदाबाद सहित कई जिलों ने मकानसूचीकरण गतिविधियों का 100 प्रतिशत आरंभ का लक्ष्य हासिल किया गया है, जो जिला प्रशासन, गणनाकारों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चरखी दादरी 32 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण करके अग्रणी जिला बना, जबकि फतेहाबाद, हांसी, जींद और महेंद्रगढ़ ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

नगर निगमों में, पानीपत ने पूर्ण किए गए कार्य का सबसे अधिक प्रतिशत दर्ज किया, उसके बाद रोहतक और फरीदाबाद का स्थान रहा, जो शहरी क्षेत्रों में भी स्थिर प्रगति का संकेत देता है।

बैठक के दौरान, वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जमीनी स्तर पर कार्य को सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए नगर समितियों, सरपंचों, पंचों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के सक्रिय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जनगणना प्रक्रिया में ग्राम सभाओं को सक्रिय रूप से शामिल करने और IEC गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया।

कार्यान्वयन को और मजबूत करने के लिए, सभी जिला प्रशासनों को जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के कार्य घंटों को उचित रूप से समायोजित करने की सलाह दी गई ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर फील्ड संचालन पूरा किया जा सके।

मुख्य सचिव ने 15 जून, 2026 से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बीएलओ और फील्ड स्टाफ को सौंपी गई जनगणना और मतदाता पुनरीक्षण ड्यूटी के बीच ओवरलैप से बचने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना में लगे बीएलओ को 31 मई, 2026 तक छूट दी जा सकती है। बैठक में सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, श्री दुष्मंत कुमार बेहरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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