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EPFO चंडीगढ़ ने AMNESTY, VISHWAS, PM-ABRY जैसी जागरूकता संगोष्ठी के बारे में दी जानकारी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ की ओर से मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (MIA), मोहाली में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार योजनाओं को लेकर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में AMNESTY 2026, VISHWAS 2026, कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के बारे में नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों को विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, महासचिव राकेश विग और चेयरमैन जसबीर सिंह सहित एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. के.पी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I एवं प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने की। इस अवसर पर श्री नीरज श्रीवास्तव, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I, आंचलिक कार्यालय पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान EPFO अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े सांविधिक प्रावधानों, उपलब्ध लाभों और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

AMNESTY 2026 योजना की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि AMNESTY 2026 के तहत ऐसे भविष्य निधि न्यासों (Provident Fund Trusts) को अपनी छूट स्थिति नियमित करने का अवसर दिया जा रहा है, जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त है, लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत औपचारिक छूट प्राप्त नहीं हुई है।

VISHWAS 2026 से विवादों के एकमुश्त निपटारे का अवसर

VISHWAS 2026 योजना के तहत प्रतिष्ठानों को कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 14बी और/या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 128 के तहत क्षतिपूर्ति (Damages) से संबंधित विवादों के सौहार्दपूर्ण और एकमुश्त निपटारे का अवसर मिलेगा। इसके तहत पात्र प्रतिष्ठानों को क्षतिपूर्ति/शास्ति में कमी का लाभ भी मिल सकता है।

EEC 2026 के जरिए कर्मचारियों को EPF कवरेज

कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 के तहत नियोक्ताओं को ऐसे कर्मचारियों को EPF के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो वर्तमान में कर्मचारी भविष्य निधि के तहत कवर नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पात्र प्रतिष्ठानों के नियोक्ता नियोक्ता पोर्टल के माध्यम से उन छूटे हुए कर्मचारियों की जानकारी दे सकते हैं, जो 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच संबंधित प्रतिष्ठान में शामिल हुए थे। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।

PM-VBRY से नए रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन

संगोष्ठी में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत नए कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाने का प्रावधान है। कर्मचारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ मिलने के साथ-साथ नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

कार्यक्रम में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, PRTC, DAV सहित विभिन्न छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा मोहाली, डेराबस्सी, लालडू और पटियाला की विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों, जिनमें टेलीपरफॉर्मेंस मोहाली, TDS मैनेजमेंट मोहाली और नाहर इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि शामिल रहे।

डेराबस्सी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से गुरजंट सिंह ने प्रतिनिधित्व किया, जबकि लालडू इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित हितधारक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों ने सरकार की ओर से शुरू की गई इन योजनाओं की सराहना की। EPFO क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने सभी हितधारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन जारी रखने का आश्वासन दिया।

पीएम-वीबीआरवाई के तहत 2400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितिरित करेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 19 जून को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत लगभग 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।

यह राशि वितरण PM_VBRY के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। PM_VBRY भारत सरकार की प्रमुख रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन में तेजी लाना, रोजगार को औपचारिक बनाना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और सभी सेक्‍टरों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। इस योजना के माध्यम से देश भर में पहले ही 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं।

PM_VBRY योजना का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में शामिल होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे सतत रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है।

यह योजना रोजगार-आधारित विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि भारत की आर्थिक प्रगति के लाभ उसके युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के अवसरों में परिवर्तित हों।

PM_VBRY 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई। 99,446 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहन देना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में प्रवेश करेंगे। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की सहायता करने के जरिये, यह योजना औपचारिक रोजगार के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा कवरेज को सुदृढ़ करने और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।