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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से शांतनु सेन ने दिया इस्तीफा

कोलकाता / सत्ता संदेश

West Bengal की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत Shantanu Sen ने All India Trinamool Congress के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शांतनु सेन ने व्यक्तिगत कारणों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के पुनर्गठन का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की विस्तृत वजहों पर आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इस कदम को पार्टी के भीतर चल रहे हालिया बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

शांतनु सेन तृणमूल कांग्रेस के उन प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों और रुख को मीडिया में प्रस्तुत करते थे। वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं।

उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह कदम पार्टी के भीतर किसी असंतोष या पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि टीएमसी नेतृत्व की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करती रही है, और ऐसे में प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस रिक्त पद को कैसे भरता है और क्या शांतनु सेन भविष्य में किसी अन्य भूमिका में पार्टी में सक्रिय रहते हैं।

अकाली दल पुनर सुरजीत को बड़ा झटका: मनप्रीत अयाली का सभी पदों से इस्तीफा, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

पंजाब डेस्क : पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के दिग्गज नेता मनप्रीत अयाली ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर इस फैसले की घोषणा की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी ‘दिल्ली वाली पार्टी’ जैसे भाजपा, कांग्रेस या आप में शामिल होने के बारे में सोच भी नहीं सकते।अयाली ने अपने इस्तीफे के पीछे 6 प्रमुख कारण बताए हैं:

नेतृत्व का नैतिक अधिकार: अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे के अनुसार, वर्तमान लीडरशिप सिख कौम का नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, फिर भी वे पद छोड़ने को तैयार नहीं थे।

सुखबीर बादल का इनकार: सुखबीर सिंह बादल ने अकाल तख्त द्वारा गठित भर्ती कमेटी को मानने से इनकार कर दिया था।

चरित्र हनन: अयाली ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और आईटी विंग द्वारा उनकी ‘किरदारकशी’ (चरित्र हनन) की गई।

पंथक एकता में विफलता: उन्होंने सभी पंथक पक्षों को एकजुट करने की कोशिश की, लेकिन पुरानी लीडरशिप के पीछे न हटने के कारण तालमेल टूट गया।

मनप्रीत अयाली ने साफ किया कि वे भविष्य में सिख बुद्धिजीवियों और समूचे पंथ की भावनाओं के अनुसार ही कोई अगला कदम उठाएंगे और निष्काम भाव से पंजाब की सेवा जारी रखेंगे।

पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस को कहा अलविदा !

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। शनिवार, 31 जनवरी, 2026 को अपने फैसले का इजहार करते हुए उन्होंने मौजूदा लीडरशिप के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

राजा वारिंग पर तीखे हमले: डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को अब तक का सबसे ‘भयानक और भ्रष्ट’ अध्यक्ष बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने खुद को जेल जाने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री से हाथ मिलाकर कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की है। उन्होंने आगे कहा कि वारिंग ने अपने निजी फायदे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलकर पार्टी को बेच दिया है।

अंदरूनी साजिशों का खुलासा: डॉ. सिद्धू ने दावा किया कि राजा वारिंग ने उनके खिलाफ पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया था। उन्होंने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ मिलीभगत करने वाले 12 सीनियर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब टैलेंटेड नेताओं की नहीं सुनी जाती और सिर्फ निजी हितों के आधार पर फैसले लिए जाते हैं।

रील’ बनाने पर व्यंग्य: वारिंग के तरीके पर कटाक्ष करते हुए डॉ. सिद्धू ने कहा कि अध्यक्ष सिर्फ एक मजाक बन गए हैं और सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि वारिंग को पार्टी को जिताने के बजाय उसे बर्बाद करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए।

डॉ. नवजोत कौर ने यह भी कहा कि उनके पास वारिंग को ‘बर्बाद’ करने के लिए काफी सबूत हैं, लेकिन अब उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह खुद पार्टी छोड़ चुके हैं।