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इंडिया गठबंधन की बैठक में खरगे ने कौन-कौन से मुद्दे उठाए?

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज दिल्ली में आयोजित की गई है। जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के बाद की रणनीति समेत कई मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है। वहीं, इस बार विधानसभा चुनावों में पार्टियों के बीच मतभेद का असर भी देखने को मिला।इसके साथ ही डीएमके और आप ने बैठक से दूरी बना ली है।

इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर भी चिंता जताई। संविधान क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि देश कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने महंगाई, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति समझौता करने वाली रही है और इससे देश के हित प्रभावित हुए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद में विपक्षी एकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के दलों ने मिलकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को संसद में पराजित करने में सफलता हासिल की। उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता का बड़ा उदाहरण बताया। खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को एक साथ मिलकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने गठबंधन के सभी दलों से समन्वय और एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की।

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की दिल्ली यात्रा, कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात

केरल / सत्ता संदेश

केरल के मुख्यमंत्री V. D. Satheesan ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली दिल्ली यात्रा के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और एआईसीसी महासचिव (संगठन) K. C. Venugopal से अलग-अलग उनके आवास पर मुलाकात की।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा को लेकर पार्टी नेतृत्व सक्रिय है। बैठक को शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान केरल की राजनीतिक स्थिति, राज्य सरकार के कामकाज, संगठन विस्तार और आगामी चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य इकाई के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री सतीशन की यह दिल्ली यात्रा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे केरल और केंद्र के बीच समन्वय के साथ-साथ पार्टी संगठन के भीतर रणनीतिक संवाद को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस नेताओं के साथ हुई इस मुलाकात को पार्टी के भीतर एकजुटता और भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस अकेले लड़ेगी चुनाव, खरगे के आवास पर हुई बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। इस फैसले की पुष्टि कांग्रेस के प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने की है।

ममता बनर्जी ने भी किया था अकेले लड़ने का ऐलान: कांग्रेस के इस फैसले से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी यह साफ कर दिया था कि उनकी पार्टी बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा था कि बंगाल में सभी पार्टियां TMC के खिलाफ लड़ती हैं और वे इसके लिए तैयार हैं।

लेफ्ट के साथ गठबंधन पर संशय: गौरतलब है कि साल 2016 और 2021 के चुनावों में कांग्रेस का वामदलों (Left Front) के साथ सीट-शेयरिंग समझौता था। हालांकि, इस बार कांग्रेस ने अब तक लेफ्ट के साथ गठबंधन में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी बिना किसी बैसाखी के चुनावी मैदान में उतरना चाहती है।

क्या है कांग्रेस की रणनीति? बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ लड़ने की बात करती हैं, लेकिन राज्य में वे सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और माकपा (CPI-M) को ही पहुँचाती हैं। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी नहीं चाहतीं कि राज्य का अल्पसंख्यक वोट बैंक विभाजित हो, जबकि कांग्रेस इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।