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प्रधानमंत्री मोदी ने रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को आयोजित ‘रोजगार मेले’ के दौरान देशभर के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र डिजिटल माध्यम से वितरित किए। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चयनित उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया को तेज एवं पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और नई नियुक्तियां ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करेंगी।

इन नियुक्तियों के तहत चयनित अभ्यर्थियों को रेलवे, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, वित्तीय सेवाओं समेत कई केंद्रीय विभागों में तैनाती दी जाएगी। सरकार के अनुसार रोजगार मेले का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पदों को तेजी से भरना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नव-नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि देश सेवा का माध्यम है। उन्होंने युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों को युवाओं के लिए बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जहां हजारों उम्मीदवारों को सीधे नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।

भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती

दिल्ली / सत्ता संदेश

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करता है।

उम्मीदवारों के लिए विस्तृत विज्ञापन संख्या 05/2026 और निदेश आयोग की वेबसाइट https://upsc.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 23 मई , 2026 से 12 जून, 2026 तक ऑनलाइन भर्ती आवेदन पोर्टल https://upsconline.nic.in/ora/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं ।

उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे इसमें उल्लिखित विस्तृत निदेशों का पालन करें।

यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के बाद तुरंत जारी करेगा


यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने अनंतिम उत्तर कुंजी शीघ्र जारी करने की पहल को अधिक पारदर्शिता की दिशा में एक ‘नई शुरुआत’ बताया

संघ लोक सेवा आयोग पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करेगा।

इसे “एक नई शुरुआत” बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, “ पहली बार, संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा। यह पहल उम्मीदवारों के साथ अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर संवाद स्थापित करने के आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।” उन्होंने आगे कहा, “इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता, अखंडता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखते हुए इसे उम्मीद्वारों के लिए अधिक सहभागी बनाना है।”

अनंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद  सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवार, यदि कोई अपत्ति हो, तो 31 मई, 2026 शाम 6 बजे तक अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल “ऑनलाइन पश्न पत्र अभ्यावेदन पोर्टल (क्यूपीआरईपी)” उपलब्ध कराया गया है,  जो https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का संकेत देते हुए एक संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सहायक दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इससे न केवल उम्मीदवार परीक्षा में अपने प्रदर्शन का जल्दी और सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर भी मिलेगा।

उम्मीदवारों से प्राप्त सभी अभ्यावेदनों को विषय-विशेषज्ञों की टीमों के समक्ष विस्तृत एवं सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह विशेषज्ञ संबंधित विषयों का गहन ज्ञान और विशेषज्ञता रखते हैं। वे प्रत्येक अभ्यावेदन की बारीकी से जांच करेंगे, प्रसतुत दस्तावेजों का मूल्यांकन करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता पर अपना विचार दर्ज करेंगे। इसके बाद प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर समुचित विचार करने के उपरांत ही अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी।

यह नया सुधार उम्मीद्वारों की उस लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लाागू किया गया है, जिसमें अनांतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने की मांग की जा रही है। यह कदम आयोग की पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में उम्मीदवारों के विश्वास को और सुदृढ करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।