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नये रेलवे स्टेशन का नाम आनंद दिघे के नाम पर रखा जाना चाहिए: शिवसेना सांसद

ठाणे, 17 मार्च (भाषा) शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने महाराष्ट्र के ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाले नये रेलवे स्टेशन का नाम पार्टी के दिवंगत नेता आनंद दिघे के नाम पर रखे जाने की मांग की है।

ठाणे के सांसद म्हस्के के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नये स्टेशन के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है और प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की ओर से सांसद ने सोमवार को संसद में कहा, “ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाले नये स्टेशन का नाम ‘धर्मवीर आनंद दिघे स्टेशन’ रखा जाना चाहिए।”

आनंद दिघे शिवसेना के वरिष्ठ नेता और शिंदे के मार्गदर्शक थे।

उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को लेकर कहा कि ठाणे की लगभग 26 लाख आबादी के लिए रेलवे परिवहन प्रमुख साधन बना हुआ है और इस स्टेशन के बनने से ठाणे रेलवे स्टेशन पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।

सांसद ने ठाणे स्टेशन के व्यापक उन्नयन के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पेश 949 करोड़ रुपये के प्रस्ताव की भी शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।

उन्होंने ठाणे स्टेशन पर आपातकालीन चिकित्सा क्लिनिक को पुनः खोलने और कोविड-19 महामारी के दौरान बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों की रियायतों को बहाल करने सहित अन्य कई मांगें भी उठाईं।

“महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: सुनेत्रा के शपथ ग्रहण से अनजान शरद पवार”

बारामती, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने संबंधी खबरों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इस घटनाक्रम से स्वयं को अलग करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

पवार ने बारामती में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में मीडिया में प्रसारित खबरों से पता चला।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई समारोह में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में पता नहीं है। हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथ ग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की। इन लोगों ने शायद कुछ तय किया होगा।’’

वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार की इच्छा दोनों धड़ों को एकजुट करने की थी और वे इसे लेकर आशावादी थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख भी तय हो गई थी-यह 12 (फरवरी) को होना था। दुर्भाग्य से, उससे पहले ही अजित हमें छोड़कर चले गए।’’

राकांपा के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है और वह मंत्रिमंडल में अजित पवार की जगह लेंगी।

अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद राकांपा नेताओं के एक वर्ग ने मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पवार के पास रहा पद उनकी पत्नी को दिया जाए।