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PAU में “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” विषय पर यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत (MY Bharat) द्वारा एनएसएस इकाई, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से राजीव गांधी कॉलेज भवन, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026 – यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” था। यह आयोजन देशव्यापी VBYLD पहल के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं एवं युवा पेशेवरों को नीति-निर्माण संबंधी संवाद में सहभागी बनाना तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने हेतु व्यवहारिक एवं प्रभावी सुझाव प्राप्त करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुखजिंदर ऋषि, निदेशक, युवा कल्याण विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुश्री रश्मीत कौर, राज्य निदेशक, माई भारत पंजाब, श्री शिवधन शर्मा, यूटी निदेशक, माई भारत चंडीगढ़ तथा श्री आकर्ष दीक्षित, राज्य निदेशक, माई भारत हरियाणा उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र में डॉ. संजीव चौहान एवं श्री लिवअर्पित संधू ने पैनल विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि श्री पंचम काजला ने राउंडटेबल चर्चा का सफल संचालन किया। विशेषज्ञों ने तकनीक आधारित कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती, युवा कृषि उद्यमिता, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सशक्त बनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल नवाचारों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और कृषि क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों, जिनमें माई भारत स्वयंसेवक, एनएसएस स्वयंसेवक, युवा पेशेवर एवं युवा नेता शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्मार्ट, सतत एवं प्रौद्योगिकी आधारित कृषि प्रणाली के निर्माण हेतु अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। खुली चर्चा (Open Floor Discussion) के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जो भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होंगे।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंडीगढ़ के नेतृत्व में डॉ. भारत बजाज, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय तथा डॉ. किरण बांद्रा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। उनके समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन एवं युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भारत के युवा स्मार्ट, समावेशी एवं सतत कृषि प्रणाली के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। राउंडटेबल के दौरान प्राप्त सुझाव एवं अनुशंसाएँ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होंगी।

प्रवासन, ऋण-निवेश और कृषि परिवारों की स्थिति आकलन सर्वेक्षणों पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर एवं कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), क्षेत्र संचालन प्रभाग (FOD), स्वास्थ्य एवं शिक्षा, घरेलू उपभोक्ता व्यय, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), शहरी ढांचा सर्वेक्षण, मूल्य सांख्यिकी तथा औद्योगिक सांख्यिकी जैसे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर व्यापक नमूना सर्वेक्षण आयोजित करता है। ये सर्वेक्षण राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर नीति निर्माण तथा विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराते हैं।

इन सर्वेक्षणों (एनएसएस 81वां दौर), में प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) तथा स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) प्रमुख सर्वेक्षण हैं। प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण का उद्देश्य देश में प्रवासन के स्वरूप, प्रवासन के कारणों, प्रवास की अवधि, रोजगार एवं शिक्षा से संबंधित प्रवासन तथा प्रवासन से जुड़े विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी एकत्र करना है।

अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) का उद्देश्य भारतीय परिवारों की परिसंपत्तियों, पूंजी निर्माण तथा ऋणग्रस्तता से संबंधित व्यापक मात्रात्मक जानकारी एकत्र करना है। इसके अंतर्गत परिसंपत्तियों की बिक्री एवं हानि, उधार लेने एवं चुकौती तथा संस्थागत एजेंसियों में परिवारों द्वारा रखी गई जमा राशियों से संबंधित जानकारी भी एकत्र की जाती है।

स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) का उद्देश्य कृषि परिवारों की कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों से प्राप्त आय तथा व्यय संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्र करना है, ताकि कृषि परिवारों की औसत मासिक आय का आकलन किया जा सके।

प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण, AIDIS तथा SAS का संचालन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (FOD) द्वारा जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के दौरान किया जाना निर्धारित है।

इन सर्वेक्षणों के अंतर्गत आंकड़ों के संकलन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा हरियाणा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए एक क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सत्र क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा संचालित किए गए तथा शिविर की अध्यक्षता श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने की।

प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण (एनएसएस 81वां दौर), AIDIS तथा SAS पर एक संयुक्त कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 9 से 12 जून, 2026 तक सीएसआईओ (सीएसआईआर), सेक्टर-30, चंडीगढ़ में किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के 80 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

अपने उद्घाटन संबोधन में श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, एनएसओ (एफओडी), ने विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़ों के संकलन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा एकत्रित गुणवत्तापूर्ण आंकड़े देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, प्रवासन की प्रवृत्तियों, परिवारों की ऋणग्रस्तता, कृषि आय तथा परिसंपत्ति स्वामित्व के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।