NITTTR चंडीगढ़ द्वारा NIT मणिपुर के संकाय सद्स्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा एनआईटी मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित; शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर
चंडीगढ़, 19 जुलाई, 2026: राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ ने 15 से 19 जुलाई, 2026 तक अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए “संकाय उत्कृष्टता, गुणवत्ता आश्वासन एवं तकनीकी शिक्षा में संस्थागत परिवर्तन” विषय पर पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ एवं एनआईटी मणिपुर के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ। यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग, संकाय विकास, संयुक्त अनुसंधान, पाठ्यक्रम नवाचार तथा संस्थागत क्षमता निर्माण को नई दिशा प्रदान करेगा।
प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) बी. आर. गुर्जर, निदेशक, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण के लिए संकाय का सतत् व्यावसायिक विकास अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डी. पी. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली ने अंतर्विषयक शिक्षा तथा अनुसंधान-आधारित शिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रो. डी. वी. एल. एन. सोमयाजुलु, निदेशक, एनआईटी मणिपुर ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी दक्षताओं तथा नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाएगा, जिससे वे शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकेंगे।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मीनाक्षी सूद, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि नवाचार के प्रेरक, मार्गदर्शक, शोधकर्ता तथा शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप संकाय सदस्यों का सतत् क्षमता विकास अत्यंत आवश्यक है।
समापन सत्र में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शिक्षण अनुभवों, प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं तथा अधिगम परिणामों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव, विभा (VIBHA) विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की विषयवस्तु, व्यावहारिक उपयोगिता तथा बहुविषयक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग अपने-अपने विभागों एवं संस्थानों में करेंगे।
कार्यक्रम का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ। इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने भविष्य के लिए संकाय विकास, संस्थागत उत्कृष्टता तथा तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के लिए सक्षम, नवाचारी एवं वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

