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सीडीएलयू सिरसा में साइबर सुरक्षा एवं DoT पहलों पर सेमिनार: डिजिटल सुरक्षा और दूरसंचार जागरूकता पर जोर”

सिरसा, 16 अप्रैल 2026: चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा दूरसंचार विभाग (DoT) के सहयोग से 16 अप्रैल 2026 को टैगोर भवन, सीडीएलयू, सिरसा में “साइबर सुरक्षा एवं DoT पहलें” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के बीच साइबर सुरक्षा, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा दूरसंचार नीति संबंधी प्रमुख पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

यह सेमिनार माननीय कुलपति प्रो. विजय कुमार के संरक्षण में आयोजित किया गया। हरियाणा एलएसए के अतिरिक्त डीजीटी, श्री राधाचरण शाक्य (ITS) ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. डॉ. हरीश रोहिल, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति एवं शैक्षणिक नेतृत्व के साथ संवाद सत्र से हुई, जिसके पश्चात उद्घाटन संबोधन प्रस्तुत किया गया।

श्री सचिन लांबा, एडीजी (सुरक्षा) ने साइबर सुरक्षा पर एक विशेष सत्र का संचालन किया, जिसमें उन्होंने फिशिंग, डिजिटल धोखाधड़ी, पहचान की चोरी तथा सोशल इंजीनियरिंग जैसे उभरते खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यावहारिक बचाव उपायों, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार तथा दैनिक डिजिटल गतिविधियों में साइबर स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। इस सत्र में साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांत, सुरक्षित डिजिटल अभ्यास, DoT की पहलें एवं नीतियां तथा साइबर खतरों से प्रभावी सुरक्षा जैसे प्रमुख विषय शामिल रहे। विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा एवं दूरसंचार शासन व्यवस्था की समझ विकसित की।

सत्र में दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल के छह प्रमुख घटकों का भी परिचय कराया गया। इनमें CEIR (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक एवं ट्रैक करना, TAFCOP के जरिए अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जांच, संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्टिंग, मोबाइल नंबर सत्यापन के लिए नागरिक-केंद्रित उपकरण तथा दूरसंचार संबंधी धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। इस पोर्टल को उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने एवं दूरसंचार क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने वाली एक समग्र पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

श्री शैलेन्द्र सागर, निदेशक (प्रौद्योगिकी) ने अनुसंधान एवं विकास (R&D) वित्तपोषण अवसरों पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF), अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) तथा अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से दूरसंचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने फंडिंग तंत्र, प्राथमिक अनुसंधान क्षेत्रों एवं अकादमिक-उद्योग सहयोग के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने विद्यार्थियों को संचार मित्र के रूप में दूरसंचार विभाग से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस पहल के अंतर्गत दूरसंचार सेवाओं एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, डिजिटल साक्षरता अभियानों में योगदान देने, संचार एवं नेतृत्व कौशल विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में भागीदारी जैसे लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अपने समापन वक्तव्य में अतिरिक्त डीजीटी, हरियाणा एलएसए ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों से आह्वान किया कि वे विभिन्न अनुसंधान एवं परियोजना निधियों का अधिकतम उपयोग करते हुए भारत की उभरती 6G यात्रा में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने मजबूत बौद्धिक संपदा (IPR) के निर्माण, विशेष रूप से स्टैंडर्ड एसेंशियल पेटेंट्स (SEPs) पर ध्यान देने तथा अनुसंधान को व्यावसायिक रूप से उपयोगी उत्पादों एवं समाधानों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के बजाय उद्यमी बनने, नवाचार को आगे बढ़ाने और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। यह सत्र युवाओं की उस महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है, जिसके माध्यम से वे उन्नत दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के जरिए नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकते हैं।