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कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने इंटर-स्टेट बम की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया:

मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; फ्रॉड की धमकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट किया गया।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

साइबर-टेररिज्म और फ्रॉड के खतरे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कमीशनेट पुलिस अमृतसर ने पश्चिम बंगाल से एक मुख्य ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों के स्कूलों और दूसरे सेंसिटिव इंस्टीट्यूशन को बड़े पैमाने पर “बम ब्लास्ट” की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था। इन *धमकी भरे ईमेल का मकसद आतंक फैलाना और पब्लिक शांति और नेशनल सिक्योरिटी को खराब करना था।

इन एक्टिविटी में इस्तेमाल होने वाले गुमनाम डिजिटल टूल्स के प्रोवाइडर को गिरफ्तार करके, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने साइबर-क्रिमिनल्स द्वारा ऐसी धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जड़ पर हमला किया है।

  • केस नंबर 04 तारीख 14-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 06 तारीख 26-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 09 तारीख 01-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।
  • केस नंबर 14 तारीख 28-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।

डिजिटल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने उसे मौजूदा मामलों में नॉमिनेट किया। आरोपी को गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में नॉमिनेट किया था।

टेक्निकल एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ कि इन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल अमृतसर और देश के कई दूसरे हिस्सों में जांच के तहत धमकी भरे ईमेल भेजने* के लिए किया गया था।

जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी अलग-अलग फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए ईमेल अकाउंट्स खरीदने और बेचने के धंधे में शामिल था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनजान लोगों से करीब 300 Gmail अकाउंट्स खरीदे गए थे। आगे की जांच में पता चला कि 219 Gmail अकाउंट्स WhatsApp के ज़रिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए थे।इन अकाउंट्स को खरीदने और बेचने के लिए ट्रांज़ैक्शन USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके किए गए थे।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि ये ईमेल अकाउंट्स बाद में पाकिस्तान में रहने वाले अनजान लोगों को सप्लाई किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर इनका इस्तेमाल बम की धमकी वाले ईमेल और दूसरी गैर-कानूनी साइबर एक्टिविटीज़ भेजने के लिए किया था। बांग्लादेश लिंक के बारे में भी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बरामदगी

  • 03 CPUs
  • 05 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • 03 मोबाइल फ़ोन
  • 01 इंटरनेट राउटर
  • पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स के साथ 300 से ज़्यादा Gmail IDs
  • 15 हॉटमेल अकाउंट

गिरफ़्तार आरोपी

  1. सौरव बिस्वास उर्फ़ माइकल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला

उम्र: 30 साल, पढ़ाई: 12th, प्रोफ़ेशन: ग्राफ़िक डिज़ाइनर,

टीम : श्री रविंदरपाल सिंह, DCP/डिटेक्टिव, श्री सिरिवेनेला, ADCP/सिटी-2, श्रीमती परविंदर कौर, ADCP/हेडक्वार्टर, श्री लखविंदर सिंह क्लेर ACP साइबर क्राइम और फ़ोरेंसिक और इंस्पेक्टर राजबीर कौर SHO साइबर क्राइम।

टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

टांडा / सत्ता संदेश

चुनावों के दौरान अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए टांडा पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।आगामी नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से आज टांडा पुलिस द्वारा इलाके में एक विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। सब डिवीजन टांडा पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा और एसएचओ गुरिंदर सिंह नागरा की अगुवाई में पुलिस टीम ने टांडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करते हुए अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग भी की।

यह फ्लैग मार्च स्थानीय थाना प्रभारी की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और सुरक्षा बल शामिल थे।

शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च

पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च टांडा थाने से शुरू होकर शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, चौकों और खासकर चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से होकर गुजरा। पुलिस की गाड़ियों और पैदल मार्च कर रहे जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का एहसास करवाया।

पुलिस प्रशासन की मुख्य चेतावनी और अपील

इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

  • सख्त कार्रवाई: चुनावों के दौरान अफवाहें फैलाने, हुड़दंग करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • असला जमा करवाने की अपील: लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों से चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए अपने हथियार तुरंत नजदीकी थाने या गन हाउस में जमा करवाने को कहा गया है।
  • सहयोग की मांग: पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

बाइट: डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

मणिपुर में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 23 बंकर ध्वस्त, 18 IED बरामद

मणिपुर/सत्ता संदेश

मणिपुर में जारी तनाव के बीच सुरक्षाबलों ने उग्रवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उखरुल जिले में 23 अवैध बंकरों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने तेंगनौपाल जिले से 18 आईईडी बरामद किए हैं। पुलिस ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि यह कार्रवाई मंगलवार को अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में की गई थी।

बयान में के मुताबिक लिटन पुलिस थाना क्षेत्र के मोंगकोट चेपू, शोंगफेल, मुल्लम, सिराराखोंग और रिंगु के पहाड़ी गांवों में सुरक्षाबलों ने बीते गुरुवार को बंकर नष्ट किए गए। इसके साथ ही हथियार भी बरामद किए गए हैं। जिनमें 12 बोर की एक पंप-एक्शन शॉटगन, 17 कारतूस और 111 खोखे शामिल हैं।

हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा जब्त

वहीं बुधवार को एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस थाने क्षेत्र के टी बोंगमोल गांव में हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा जब्त किया। बताया जा रहा है कि दो सिंगल बैरल राइफल, मैगजीन सहित नौ मिमी की चार पिस्तौल और 18 आईईडी बरामद किए गए। इन विस्फोटकों को सावधानी पूर्वक मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

कांगपोकपी और उखरुल जिलों कार्रवाई

इससे पहले सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाते हुए कांगपोकपी और उखरुल जिलों में कुल 12 अवैध बंकरों को ध्वस्त किया था। पुलिस के अनुसार, कांगपोकपी जिले के सैकुल थाना क्षेत्र में लुंगटर हिल पर तीन अवैध बंकर नष्ट किए गए, वहीं टिंगपिबुंग और लेपलेन गांव में एक-एक बंकर को ध्वस्त किया गया। तो वहीं उखरुल जिले के लिटन थाना क्षेत्र में सात अन्य बंकरों को भी सुरक्षा बलों ने नष्ट किया था। ये सभी बंकर ऊंचे और संवेदनशील इलाकों में बनाए गए थे, जिनका इस्तेमाल हमलों और जवाबी कार्रवाई के लिए किया जा रहा था।

गोलीबारी में 7 लोगों की मौत

ये अवैध बंकर फरवरी से शुरू हुई हिंसा के बाद कूकी और तांगखुल नागा समुदायों के सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए थे। दोनों समुदायों के बीच बढ़ते टकराव ने इलाके में हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। उखरुल जिले में तंगखुल नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा भड़कने के बाद से गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं में कम से कम सात लोग मारे गए थे और 30 से अधिक घरों को जला दिया गया था। उखरुल, कामजोंग और कांगपोकपी जिले इस हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।

लोगों से अफवाहों से बचने और सहयोग की अपील

सुरक्षा बलों का कहना है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और अवैध हथियारों एवं ढांचों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षाबलों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सहयोग करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने 594 किमी लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेस-वे का किया उद्घाटन

दिल्ली/सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिलें में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। भगवान नरसिम्हा की पवित्र भूमि और कुछ किलोमीटर दूर बहने वाली मां गंगा की दिव्य उपस्थिति को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूरा क्षेत्र नदी की आध्यात्मिक और पोषणकारी कृपा से धन्य एक तीर्थस्थल है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अवसंरचना निर्माण की गति को अभूतपूर्व रूप से तेज किया है। उन्‍होंने बताया कि देश के सबसे लंबे हरित गलियारे वाले एक्सप्रेसवे में से एक, गंगा एक्सप्रेसवे, को पांच वर्ष से भी कम समय में पूरा किया गया है। तेज गति से आधुनिकीकरण के अपने विजन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह वर्तमान सरकार के काम की गति है! यह वर्तमान सरकार के काम करने का तरीका है।


इस एक्सप्रेसवे के रणनीतिक महत्व को बताते हुए पीएम ने कहा कि लगभग 600 किमी लंबा यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य उत्तर प्रदेश के कृषि प्रधान क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ेगा। इससे बारह जिलों के करोड़ों नागरिकों को लाभी मिलेगा। मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक तेज रफ्तार सड़क नहीं है। यह नई संभावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का द्वार है।


एक्सप्रेसवे के कनेक्टिविटी लाभों पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ता है, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की अपार संभावनाओं को भी करीब लाता है, जिसके किनारों पर वाहनों के दौड़ने के साथ-साथ नए औद्योगिक अवसर सृजित होंगे।


अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में राज्य की उभरती भूमिका को रेखांकित करते हुए मोदी ने नोएडा में हाल ही में हुए सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखे जाने का उल्‍लेख करते हुए कहा कि यह राज्‍य भविष्‍य की एआई आधारित अर्थव्‍यवस्‍था में अग्रणी बन रहा है।


उन्‍होंने राज्‍य में कनेक्टिविटी के व्‍यापक विस्‍तार का उल्‍लेख करते हुए कहा कि पहले जहां बहुत कम हवाई अड्डे थे, आज 21 हवाई अड्डें सं‍चालित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। उन्‍होंने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उल्‍लेख किया, जो गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से कुछ ही घंटों की दूरी पर है।


उत्तर प्रदेश के अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पिछला दौर था, जब राज्‍य अपराध और अराजकता से जुड़ा था, लेकिन आज कानून-व्‍यवस्‍था एक मिसाल बन गई है। मोदी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उदाहरण पूरे देश में दिया जाता है।


भारत की व्यापक सभ्यतागत और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के विकास को रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य का परिवर्तन राष्ट्र के मूल संकल्प को साकार करता है। श्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश एक ही संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है – विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।
वैश्विक अस्थिरता और भारत के उदय के बाहरी विरोध को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने बाहरी खतरों के बावजूद विकास के प्रति राष्ट्र की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की। श्री मोदी ने कहा कि हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि विकास की नई उपलब्धियां भी हासिल कर रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं।


गंगा एक्सप्रेसवे को इस व्यापक विकास प्रतिमान का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में उत्तर प्रदेश के लोगों पर भरोसा जताया कि वे उभरते अवसरों को वास्तविक समृद्धि में बदल देंगे। श्री मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गंगा एक्सप्रेसवे जो अवसर लेकर आएगा, उत्‍तर प्रदेश के लोग उन अवसरों को अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से साकार कर देंगे।

युवाओं को नशे से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है – एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया

खन्ना /सत्ता संदेश

एसएसपी के नेतृत्व में, “नशे के खिलाफ जंग” अभियान को नई दिशा मिली, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और मजबूत हुआ

एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया

खन्ना पुलिस जिले ने नशा विरोधी अभियान को और तेज करते हुए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने “नशा विरोधी जंग” अभियान के तहत आज समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर एसएसपी ने समराला के एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की। बैठक में मादक पदार्थों के उन्मूलन और पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करने की प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि उपचार और जागरूकता भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

एस.एस.पी. डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि खन्ना पुलिस नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से मरीजों को दोबारा समाज से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त योजना के तहत काम करने की बात कही, ताकि नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग देंगे और नशा मुक्ति सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। अंत में एस.एस.पी. ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में पुलिस का साथ दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस दौरान मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नशा एक मानसिक और शारीरिक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है, अगर मरीज को सही समय पर सही मदद मिले। उन्होंने बताया कि नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों को केवल दवाइयों ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग और पारिवारिक सहयोग की भी जरूरत होती है।

डॉ. नवनीत कौर ने जोर देकर कहा कि समाज को नशे के आदी लोगों का तिरस्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी मदद करनी चाहिए, ताकि वे फिर से सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि हम सभी को इस मुहिम में सहयोग देना चाहिए।

सतर्कता ब्यूरो ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

पंजाब सतर्कता ब्यूरो (VB) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अपने अभियान के दौरान लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 पुलिस स्टेशन में तैनात SHO इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

राज्य सतर्कता ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को लुधियाना के नूरवाला रोड निवासी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के बेटे को लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वह अपने बेटे से मिलने लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 पुलिस स्टेशन गई, तो उसके बेटे ने बताया कि पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसकी सोने की अंगूठी और चांदी का कंगन अपने कब्जे में रख लिया। इस संबंध में आरोपी इंस्पेक्टर ने सोने की अंगूठी और चांदी का कंगन लौटाने के बदले 35,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी।

किसी भी प्रकार की अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए, शिकायतकर्ता ने लुधियाना सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया। उनकी शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद, सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी इंस्पेक्टर को दो आधिकारिक गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

इस संबंध में, आरोपी के खिलाफ लुधियाना सतर्कता ब्यूरो पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

ग्वाटेमाला में 10 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद लागू आपातकाल समाप्त

ग्वाटेमाला सिटी, 17 फरवरी (एपी) ग्वाटेमाला में संदिग्ध गिरोह के सदस्यों द्वारा 10 पुलिस अधिकारियों की हत्या किए जाने के बाद राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो द्वारा लागू किए गए आपातकाल को सोमवार को हटा लिया गया।

आपातकाल लागू होने के दौरान कुछ संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया था जिससे अधिकारियों को न्यायाधीश द्वारा जारी वारंट के बिना गिरफ्तारियां करने जैसी कार्रवाइयां करने की अनुमति मिल गई थी।

अरेवालो ने रविवार को कहा कि आपातकाल के दौरान 83 गिरोह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और इस दौरान हत्याओं और जबरन वसूली की शिकायतों में एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में कमी आई। उन्होंने इस संबंध में आंकड़े नहीं दिए।

आपातकाल की यह स्थिति गिरोह हिंसा से निपटने के लिए अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले को दिए गए असाधारण अधिकारों के विपरीत है जिनकी अवधि उस देश की संसद करीब चार साल से हर महीने बढ़ा रही है।

संभल में महिला राशन विक्रेता की गोली मारकर हत्या

उप्र महिला हत्या

संभल (उप्र), 31 जनवरी (भाषा) संभल जिले के बबराला थाना क्षेत्र के एक गांव में दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक महिला राशन विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस को शुक्रवार रात करीब 10 बजे पहलवाडा गांव में दो गुटों के बीच विवाद के बाद पत्थरबाजी की सूचना मिली। हिंसा के दौरान राशन विक्रेता प्रेमवती (50) को देसी तमंचे से गोली लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा दो खोखे और एक कारतूस बरामद किया। घायलों को अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है।

विश्नोई ने बताया कि मामले को सुलझाने और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) एवं स्थानीय पुलिस स्टेशन से टीम गठित की गई है।

एसपी ने बताया कि जांच के दौरान दोनों गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी का पता चला है।

पुलिस ने बताया कि मृतक प्रेमवती ग्राम प्रधान मीरा देवी की सास थीं।

“माकपा सांसद रहीम का बयान, सी जे रॉय की मौत पर निष्पक्ष जांच की अपील”

केरल कारोबारी जांच माकपा

तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य ए ए रहीम ने ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ के चेयरमैन सी जे रॉय की मौत के मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा है कि इस घटना के पीछे के वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

रहीम ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या रॉय ‘‘केंद्रीय एजेंसियों की दबाव की रणनीति’’ से परेशान थे।

रहीम ने एक ‘फेसबुक’ पोस्ट में रॉय की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।

इस बीच, अभिनेता मोहनलाल ने भी व्यवसायी की मौत पर शोक जताया।

रॉय द्वारा निर्मित कुछ फिल्मों में अभिनय कर चुके मोहनलाल ने शनिवार को फेसबुक पोस्ट में कहा, “मेरे प्रिय मित्र सी जे रॉय की मौत की खबर अविश्वसनीय और अत्यंत पीड़ादायक है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। वह दोस्त से बढ़कर थे।”

पुलिस ने पहले कहा था कि आयकर विभाग की छापेमारी के बीच रॉय ने शुक्रवार दोपहर बेंगलुरु स्थित अपने कार्यालय में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

रॉय के भाई बाबू ने आरोप लगाया है कि संभवत: केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। बाबू ने शनिवार को बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इन आरोपों को दोहराया।