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सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट के विरोध में निहंग संगठनों ने CP कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

लुधियाना / सत्ता संदेश

सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने के विरोध में विभिन्न निहंग संगठनों के प्रतिनिधि बुधवार को लुधियाना पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ऐसे कंटेंट प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

निहंग संगठनों का कहना है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कुछ विवादित वीडियो और संवाद, जिनमें ‘चुम्मे वाली बाबी’ से जुड़ा चर्चित डायलॉग भी शामिल है, समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस तरह की सामग्री से पंजाब का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और इसका युवाओं तथा बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।

प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील, अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड एवं प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
निहंग संगठनों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज की मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री की निगरानी बढ़ाने की भी मांग की।

वहीं, पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेमकुंड साहिब यात्रा विवाद: निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड बॉर्डर पहुंचा, गिरफ्तार श्रद्धालुओं की रिहाई की मांग

करणप्रयाग में श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में पंजाब से पहुंचे सैकड़ों निहंग सिंह

पांवटा साहिब/उत्तराखंड बॉर्डर

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान उत्तराखंड के करणप्रयाग में पंजाब से गए निहंग सिंह श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में वीरवार शाम पंजाब से सैकड़ों निहंग सिंह पांवटा साहिब होते हुए उत्तराखंड सीमा पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस को दिन में ही निहंग सिंहों के जत्थे के उत्तराखंड पहुंचने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कुलहाल बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान करणप्रयाग में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों और निहंग सिंह श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

इसी घटना के विरोध में पंजाब से निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड सीमा तक पहुंचा। प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों की प्रमुख मांग है कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिंहों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, जिन स्थानीय लोगों पर मारपीट के आरोप हैं तथा जिन पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है।

जालंधर में खाकी दागदार: फर्जी नाका लगाकर उगाही कर रहा था PAP कांस्टेबल, निहंग सिंह की मुस्तैदी से पकड़ा गया

पंजाब डेस्क: पंजाब के जालंधर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के एक कांस्टेबल ने ही फर्जी नाका लगाकर राहगीरों से अवैध वसूली शुरू कर दी। यह घटना जालंधर के नकोदर रोड पर हुई, जहाँ असली पुलिस जवान के इस कारनामे को देखकर लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: घटना के वक्त आरोपी कांस्टेबल सिविल वर्दी में था और अपने एक साथी के साथ सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। वे दस्तावेजों की जांच के नाम पर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने वहां से गुजर रहे एक निहंग सिंह को रुकने का इशारा किया।

निहंग सिंह के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी उनसे उलझने लगा और पैसों की मांग की। शक होने पर जब निहंग सिंह ने सख्ती से पूछताछ की और पुलिस बुलाने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इस बीच मौका पाकर उसका साथी कार में बैठकर फरार हो गया।

आक्रोशित भीड़ ने सिखाया सबक: हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी कांस्टेबल को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने उसकी बीच सड़क जमकर पिटाई की। आरोपी काफी देर तक अपना चेहरा छिपाता रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

पुलिस हिरासत में आरोपी: घटना की सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जालंधर में पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जो पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।