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कपूरथला : जिस बेटे का किया अंतिम संस्कार, वह सेंट्रल जेल में मिला जिंदा

कपूरथला में परिवार ने लापता बेटे रवि कुमार को मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में कपूरथला सेंट्रल जेल से फोन आया कि रवि जिंदा है और जेल में बंद है।

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला में एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने परिवार ही नहीं बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कदूपुर के एक परिवार ने अपने लापता बेटे रवि कुमार को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया। परिवार ने भोग की रस्म भी पूरी कर दी थी। लेकिन करीब दो सप्ताह बाद परिवार को पता चला कि रवि कुमार जिंदा है और कपूरथला सेंट्रल जेल में बंद है।

रवि के जिंदा होने की खबर मिलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। अगले दिन जब परिजन जेल पहुंचे और अपनी आंखों के सामने रवि कुमार को जिंदा देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

5 अगस्त को घर से निकला था रवि

मिली जानकारी के मुताबिक, कदूपुर निवासी TT और उनके बेटे अमनदीप कुमार ने बताया कि रवि कुमार 5 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस घर नहीं लौटा। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद परिवार 11 अगस्त को कपूरथला सिटी पुलिस स्टेशन पहुंचा और रवि की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

कांजली रोड पर मिली थी अज्ञात युवक की लाश

इसी दौरान पुलिस ने परिवार को बताया कि कांजली रोड पर ट्रेनिंग सेंटर के पास एक गली में एक अज्ञात युवक का शव मिला है। पुलिस ने परिवार को शव की फोटो भी दिखाई।

कुछ दिनों बाद परिवार और उनके परिचितों ने फोटो देखकर शव की पहचान लापता रवि कुमार के रूप में कर दी। परिवार को लगा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

इसके बाद 13 अगस्त को परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि 15 अगस्त को भोग की रस्म भी पूरी कर दी गई। परिवार पूरी तरह आश्वस्त था कि रवि की मौत हो चुकी है।

2 सितंबर को सेंट्रल जेल से आया फोन

मामले में अचानक उस समय बड़ा मोड़ आया जब 2 सितंबर को कपूरथला सेंट्रल जेल से परिवार के पास फोन आया। जेल कर्मचारी ने परिवार को बताया कि जेल में रवि कुमार नाम का एक युवक बंद है।

यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए। जिस युवक का वे अंतिम संस्कार कर चुके थे, उसके जिंदा होने की खबर पर उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ।

इसके बाद परिवार अगले दिन कपूरथला सेंट्रल जेल पहुंचा। वहां उन्होंने जब रवि कुमार को अपनी आंखों के सामने जिंदा देखा तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

करीब एक महीने पहले जालंधर पुलिस ने किया था गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, रवि कुमार को जालंधर पुलिस ने करीब एक महीने पहले आवारागर्दी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे कपूरथला सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांजली रोड के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान रवि कुमार के रूप में कैसे हुई? आखिर परिवार और अन्य परिचितों से पहचान में इतनी बड़ी गलती कैसे हुई?

इस घटना ने शव की पहचान की प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मृत युवक की असली पहचान क्या थी।