DM सुसाइड केस: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर; गमगीन माहौल में रंधावा का अंतिम संस्कार, CM का CBI जांच से इनकार
पंजाब डेस्क: अमृतसर में वेयरहाउस के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में मंगलवार, 24 मार्च को बड़े घटनाक्रम हुए। एक ओर जहां आरोपी पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस रिमांड पर भेजा गया, वहीं दूसरी ओर मृतक रंधावा का उनके पैतृक स्थान पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
5 दिन की पुलिस रिमांड और समर्थकों का हंगामा : अमृतसर पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा क्योंकि भुल्लर के समर्थकों ने कोर्ट परिसर के अंदर जबरन घुसने की कोशिश की और जमकर हंगामा किया, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रोका।
भावुक विदाई: 10 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि मंगलवार को चौथे दिन गगनदीप सिंह रंधावा का अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें लाल पगड़ी पहनाकर अंतिम विदाई दी गई और उनके 10 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। इससे पहले सिविल अस्पताल में मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का करीब साढ़े 4 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। रंधावा की पत्नी और बच्चे इस दौरान बेहद भावुक नजर आए।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: नहीं होगी CBI जांच चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस केस की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने की विपक्ष की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी मंत्री का इस्तीफा लिया जा चुका है, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और चीफ सेक्रेटरी लेवल की कमेटी को जांच के आदेश दिए गए हैं, इसलिए नियम अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने अमित शाह और राजा वड़िंग जैसे नेताओं का नाम लेते हुए पूर्व के कई मामलों का उदाहरण दिया जहाँ उनके अनुसार न तो इस्तीफे हुए और न ही सीबीआई जांच की गई।
विभागों का बंटवारा : लालजीत भुल्लर के इस्तीफे के बाद उनके विभागों की जिम्मेदारी अन्य मंत्रियों को सौंप दी गई है। अब ट्रांसपोर्ट विभाग वित्त मंत्री हरपाल चीमा संभालेंगे, जबकि जेल विभाग की जिम्मेदारी डॉ. रवजोत को दी गई है।
पत्नी की मांग बरकरार : इधर, मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने सरकार और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर अविश्वास जताते हुए दोहराया है कि उन्हें न्याय के लिए केवल सीबीआई जांच पर ही भरोसा है। गौरतलब है कि रंधावा का सल्फास खाते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे।

