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नाईपर मोहाली में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2026 के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित

मोहाली / सत्ता संदेश

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाईपर), एस.ए.एस. नगर की ओर से ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2026 के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

अभियान की शुरुआत मोहाली के फेज-10 स्थित सरकारी स्कूल में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर इंटरैक्टिव जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुई। इस दौरान विद्यार्थियों को कचरे का उचित वर्गीकरण, 3R यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल, कम्पोस्टिंग, रीसाइक्लिंग, सिंगल यूज प्लास्टिक से बचाव और कचरे के उचित निपटान के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने कचरा प्रबंधन के बेहतर तरीकों को अपनाने का संकल्प भी लिया।

अभियान के तहत फेज-9 स्थित सिटी पार्क, फेज-11 रेलवे स्टेशन, फेज-10 मार्केट, फेज-10 सरकारी स्कूल और चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित झील क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाए गए। इसके अलावा फेज-11 और सेक्टर-67 मार्केट में सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और टिकाऊ कचरा प्रबंधन को बढ़ावा दिया गया।

स्वच्छता, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसे विषयों पर डिबेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। वहीं, ‘कबाड़ से जुगाड़–बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को बेकार वस्तुओं का रचनात्मक तरीके से दोबारा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मोहाली की ऐतिहासिक धरोहर फतेह बुर्ज में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया, जहां कचरे और अधिक उग आई झाड़ियों को हटाकर परिसर की सफाई की गई।

अभियान के दौरान हेल्थ टॉक और हेल्थ चेक-अप कैंप का आयोजन भी किया गया। इसमें नाईपर समुदाय के करीब 45 से 50 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के साथ-साथ बुनियादी स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

1 अक्टूबर को नाईपर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान के तहत एक घंटे का स्वैच्छिक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें नाईपर समुदाय के सदस्यों ने सामूहिक रूप से भाग लिया।

अभियान का समापन 2 अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के साथ हुआ। इस अवसर पर नाईपर परिसर में गुलमोहर के पौधे लगाए गए।

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के माध्यम से नाईपर ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के टिकाऊ उपयोग और जनभागीदारी के महत्व का संदेश दिया। अभियान ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के साथ निरंतर सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

नाईपर मोहाली में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2026 के तहत स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की गईं।

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’: PIB-CBC चंडीगढ़ ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया पौधारोपण

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत पत्र सूचना कार्यालय (PIB) और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC), चंडीगढ़ की ओर से केंद्रीय सदन, सेक्टर-9 में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने केंद्रीय सदन के लॉन में छह पौधे लगाए।

अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

सफाई मित्रों को किया सम्मानित

‘विशेष अभियान 6.0’ के तहत CBC चंडीगढ़ ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन सफाई मित्रों को सम्मानित किया। उन्हें प्रमाण पत्र, शील्ड, स्वच्छता किट और टिफिन बॉक्स प्रदान किए गए।

इस अवसर पर PIB चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह ने कहा कि पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधि नहीं है, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल करने की भी अपील की।

PIB चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अपने आसपास का वातावरण साफ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने सफाई मित्रों के योगदान की सराहना की।

PIB चंडीगढ़ की सहायक निदेशक शीनम जैन ने पौधारोपण के बाद पौधों की देखभाल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की भावना केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके विकास और संरक्षण की जिम्मेदारी लेना भी जरूरी है।

मीडिया एवं संचार अधिकारी अहमद खान ने कहा कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए नागरिकों, संस्थाओं और समुदायों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।

परिसर में चलाया स्वच्छता अभियान

पौधारोपण के साथ कर्मचारियों ने केंद्रीय सदन परिसर और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया। इस दौरान स्वच्छ और साफ सार्वजनिक स्थानों को बनाए रखने का संदेश दिया गया।

आयोजकों के अनुसार, इन गतिविधियों के माध्यम से ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ के तहत पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

गृह मंत्री ने केन्द्रीय रिज एवं नानकपुरा रिज में वृक्षारोपण कर दिल्ली रिज के पुनर्जीवन अभियान की शुरुआत की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ और दिल्ली सरकार के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। गृह मंत्री ने दिल्ली में हाई-सिक्योरिटी प्रिजन, नरेला का शिलान्यास, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का लोकार्पण, तीन नए डिपो का उद्घाटन और 300 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया और केन्द्रीय रिज एवं नानकपुरा रिज में वृक्षारोपण कर दिल्ली रिज के पुनर्जीवन अभियान की भी शुरुआत की। इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, दिल्ली के उप-राज्यपाल श्री तरणजीत सिंह संधु, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और केन्द्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्षों से दिल्ली रिज में पर्यावरण के अनुकूल नहीं होने वाले विदेशी और जहरीले बबूल जैसे वृक्षों ने जगह बना ली थी, अब इन्हें हटाकर देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में दिल्ली के 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम अधिसूचना 30 वर्षों से लंबित थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाते हुए इसमें से लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया है। श्री शाह ने कहा कि हम पूरी रिज को कानूनी संरक्षण दिलाकर उसकी जैव विविधता, मिट्टी, पानी और दिल्ली के पर्यावरण को नया स्वरूप देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रिज को अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे 100 वर्ष से अधिक आयु वाले देशी वृक्ष लगाकर, इसे दिल्ली का फेफड़ा बनाया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान शुरू करके देश में पर्यावरण संतुलन का अद्भुत प्रयोग आरंभ किया है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने ओजोन परत में बड़े-बड़े छिद्र बना दिए हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान असंतुलित हो रहा है। इस समस्या को रोकने का एक ही रास्ता है कि पृथ्वी से कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के उत्सर्जन को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल वृक्ष ही कर सकते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का नारा दिया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपनी माँ के नाम और पृथ्वी माँ के लिए पेड़ लगाएं। दोहरे उद्देश्य वाला यह अभियान आगामी दिनों में भारत को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि पर्यावरण संतुलन की चिंता किए बिना विकास बेईमानी है। श्री शाह ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपनी मां के नाम पर एक वृक्ष अवश्य लगाएं और इस कार्य में बच्चों को भी शामिल करें, क्योंकि उन्हें भविष्य में ‘हरित दिल्ली’ के संकल्प को आगे ले जाना है।

श्री अमित शाह ने सभी दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे ग्रीन ड्राइव पोर्टल पर जाकर वृक्षारोपण के लिए अपना स्लॉट बुक करें और अपने आसपास के स्कूलों, कॉलोनियों, मंदिरों, सोसाइटियों में, – जहां भी भूमि उपलब्ध हो – वहाँ वृक्ष लगाकर हरी-भरी दिल्ली का संकल्प साकार करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए वृक्ष रथ पोर्टल के जरिए लोगों को मुफ्त पौधा उपलब्ध कराया जा रहा है और नर्सरी लोकेटर की सुविधा से पास की नर्सरी का पता भी उपलब्ध है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हम आने वाले चार वर्षों में 6,300 हेक्टेयर हरित रिज क्षेत्र को पूर्ण रूप से वन क्षेत्र में विकसित करेंगे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। यह 6,300 हेक्टेयर हरित रिज दिल्ली के lungs बनकर राजधानी के पर्यावरण की रक्षा करेगी। इसके अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक देशी पौधे, 65 लाख से अधिक बड़े वृक्षों तथा 65 लाख अन्य पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने भारत सरकार की मदद से वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट (2026 से 2036) तैयार किया है। दिल्ली सरकार का वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट (2026–36), असोला भाटी अभयारण्य प्रबंधन योजना और बायो-डायवर्सिटी एटलस पूरे ग्रीन ईको-सिस्टम को पुनर्जीवित करने का व्यापक प्रयास है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा की रिज के अंदर 70 से अधिक तालाब और छोटे-छोटे रेस्टोरेंट होंगे, साथ ही वहाँ हमारी पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम रिज क्षेत्र में आठ विशेष वन लगाएंगे — नक्षत्र वन, मेल वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, शंकर वन, वामन वृक्ष वन और पुरानी वाटिका। इनके माध्यम से हम लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास करेंगे।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने यमुना नदी के शुद्धिकरण के लिए जो लक्ष्य दिया है, उसे पूरा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डेयरियों का गोबर अब सीधे यमुना नदी में नहीं जाएगा। गृह एवं सहकारिता मेंट्री ने कहा कि हम जल्दी ही राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता करके यह व्यवस्था करेंगे कि एक किलो गोबर भी यमुना में न जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की पिछली सरकार ने प्रतिदिन 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना नदी में डालने का काम किया था। अब मोदी सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समझौते के तहत इस गोबर को प्रोसेस करके गैस और प्राकृतिक खाद बनाया जाएगा, जो यमुना नदी के शुद्धिकरण में बहुत बड़ा योगदान होगा। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और यूपी में अब तक 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू हो चुके हैं और 2027 के अंत तक 59 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन जाएंगे। ये प्लांट यमुना में शुद्ध किया हुआ जल पहुंचाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन प्लांटों से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता सभी निर्धारित मानकों पर खरी उतरे।

गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लॉन्च की है। यमुना शुद्धिकरण, रिज क्षेत्र का समग्र परिवर्तन, पर्यावरणीय इकोसिस्टम की बहाली और ईवी पॉलिसी – इन सभी प्रयासों के जरिए हम हरित दिल्ली की संकल्पना को साकार करेंगे।