टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमृतसर से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का नेटवर्क, दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में अमृतसर से हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच में कथित डेड लेटर बॉक्स तरीके और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल हो रही है।
मुंबई / अमृतसर / सत्ता संदेश
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हासिल की थी। हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सामान को किसी निश्चित स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।
सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी करीब दो सप्ताह पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल को हथियार रखे होने की जगह की जानकारी दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, हथियार रखने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वाले आरोपियों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी।

हथियारों की सप्लाई के लिए दिए गए 70 से 80 हजार रुपये
सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस काम के लिए आरोपियों को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि इस काम में कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस मामले में अमृतसर से हथियारों की कथित सप्लाई, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर जांच एजेंसियों का ध्यान है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

