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रेगुलर DGP की नियुक्ति को लेकर सुखबीर बादल का बयान, बोले- पंजाब के लिए स्थायी पुलिस प्रमुख जरूरी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार को उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए जाने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है। हाईकोर्ट ने 2 अक्टूबर को कहा था कि DGP के पद पर तदर्थ व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता और सरकार को इस संबंध में उचित निर्णय लेकर 13 अक्टूबर तक जानकारी देने को कहा है।

सुखबीर बादल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में नियमित DGP की नियुक्ति का रास्ता साफ हो रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर पिछले चार वर्षों में नियमित DGP नियुक्त नहीं करने का आरोप लगाया।

बादल ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों पर दबाव रखा जाता था और अधिकारियों को उनकी पसंद के अनुसार काम करने की स्थिति में ही अस्थायी तौर पर पद पर बनाए रखने की बात कही जाती थी। ये आरोप सुखबीर बादल के राजनीतिक बयान हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में पुलिस व्यवस्था के लिए एक स्थायी DGP जरूरी है।

महंगाई और फसलों के दाम पर अकाली दल की चिंता

चंडीगढ़ में अकाली दल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने महंगाई और किसानों को फसलों के कम दाम मिलने का मुद्दा उठाया। पार्टी ने गेहूं के दाम में किए गए 25 रुपये के इजाफे को अपर्याप्त बताते हुए केंद्र सरकार से फसलों की कीमतों पर दोबारा विचार करने की मांग की।

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप ने हलका इंचार्जों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

अकाली दल के मुताबिक, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा और लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों तथा प्राथमिकताओं पर सुझाव लिए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि जनता से मिलने वाले सुझावों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।

पार्टी ने 1 नवंबर को चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। वहीं, 10 नवंबर से सुखबीर सिंह बादल की राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करने की बात कही गई है।

हरसिमरत कौर बादल के अभियान का अगला चरण

अकाली दल के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को मुक्तसर साहिब से ‘मावां दियां ललकार—बंद करो नशे का व्यापार’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। इसके अलावा 8 दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है।

पार्टी ने बनाई लीगल कमेटी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकाली दल ने पंजाब सरकार पर पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर चरित्र हनन और गलत प्रचार करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ वकीलों की लीगल कमेटी बनाई गई है। डॉ. चीमा के मुताबिक जिला स्तर पर भी कानूनी कमेटियां गठित की जाएंगी।

चंडीगढ़ : अकाली दल ने महंगाई और फसलों के दाम पर जताई चिंता, चुनावी कार्यक्रमों का ऐलान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने बढ़ती महंगाई और किसानों को फसलों के अपेक्षित दाम नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए 25 रुपये के इजाफे पर पुनर्विचार करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। पार्टी के अनुसार, गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप और हलका इंचार्जों के साथ बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

अकाली दल के अनुसार, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस दौरान लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने में शामिल किया जाएगा। यह अभियान 25 अक्टूबर तक चलाने की योजना है।

1 नवंबर को जारी होगा चुनावी घोषणा पत्र

अकाली दल ने 1 नवंबर को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विंग के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। अब किसानों, व्यापारियों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

वहीं, पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 10 नवंबर से तलवंडी साबो से राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान वह रोजाना दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे।

5 अक्टूबर से हरसिमरत कौर बादल का अभियान

पार्टी ने बताया कि सांसद हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को श्री मुक्तसर साहिब से महिला केंद्रित नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। अभियान का नारा ‘मावां-दियां ललकार, बंद करो नशा दा व्यापार’ रखा गया है और पार्टी के अनुसार इसे पंजाब के घर-घर तक पहुंचाने की योजना है।

8 दिसंबर को मोगा में रैली

अकाली दल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर 8 दिसंबर को मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने पंजाब सरकार पर अकाली दल और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर गलत और मानहानिकारक प्रचार करने का आरोप भी लगाया। डॉ. चीमा ने बताया कि ऐसे मामलों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई के लिए पार्टी ने वकीलों की एक कमेटी गठित की है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कमेटी की संख्या 10 सदस्य बताई गई है।

अकाली दल का AAP सरकार पर हमला, सुखबीर बादल बोले- सत्ता में आए तो ड्रग तस्करों की संपत्ति होगी जब्त

सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और OPS को लेकर निशाना साधा। सुखबीर ने ड्रग तस्करों पर सख्त कानून का ऐलान किया।

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और आगामी समय में पार्टी की सरकार बनने पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर है और उनके अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है तो ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा।

ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त करने का ऐलान

सुखबीर बादल ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ड्रग तस्करों को कम से कम 10 साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी और उन्हें उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी उनकी संपत्तियों को सरकार जब्त करेगी। उनके इस बयान की हालिया रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।

उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं और परिवारों की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि समाज को मिलकर इस समस्या के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

मजीठिया ने अवैध माइनिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए

बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और प्रशासन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइनिंग का नेटवर्क सक्रिय है और स्थानीय स्तर पर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

मजीठिया ने GMADA और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े मामलों को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) कथित वित्तीय लेन-देन की मनी ट्रेल की जांच करे तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ये आरोप मजीठिया की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों की फसल खरीद का मुद्दा भी उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकाली नेताओं ने मंडियों में किसानों की फसल खरीद से जुड़े मुद्दे भी उठाए। मजीठिया ने आरोप लगाया कि खरीद में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कुछ किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

OPS और कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सुखबीर बादल ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई। अकाली नेताओं ने कर्मचारियों के DA और अन्य लंबित मांगों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

सुखबीर बादल ने कहा कि OPS कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।

कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार AAP सरकार को घेर रहा है। हाल में पुलिस की कथित सुरक्षा एडवाइजरी को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे, हालांकि पंजाब पुलिस ने उस वायरल दस्तावेज को फर्जी बताया था।

अकाली दल की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले में अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

बहरीन की महिला को SGPC सराय में VIP ट्रीटमेंट? बलजिंदर कौर ने बादल से मांगा जवाब

बहरीन निवासी महिला के श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में लंबे समय तक ठहरने को लेकर AAP विधायक बलजिंदर कौर ने सुखबीर बादल और हरसिमरत बादल से सवाल किए। जानिए पूरा मामला।

लुधियाना / सत्ता संदेश

आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ व्हिप और विधायक प्रो. बलजिंदर कौर ने श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में बहरीन निवासी महिला के लंबे समय तक ठहरने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल से सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि महिला के रहने, वाहन, ड्राइवर और कथित विशेष सुविधाओं का इंतजाम किसने किया और SGPC तथा अकाली नेताओं के समक्ष शिकायतें रखे जाने के बावजूद उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह मामला उस FIR से जुड़ा है, जो 21 अगस्त को आनंदपुर साहिब पुलिस ने महिला की शिकायत पर पूर्व SGPC सदस्य और अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज की थी। महिला ने अपनी शिकायत में दुष्कर्म, कथित बंधक बनाए जाने और धमकी के आरोप लगाए हैं। चावला ने आरोपों को खारिज किया है। मामले की जांच जारी है।

बलजिंदर कौर ने कहा कि SGPC सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी संस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम श्रद्धालुओं के लिए SGPC की सराय में ठहरने के नियमों के बीच एक महिला इतने लंबे समय तक वहां कैसे रही। उन्होंने पूछा कि उसके रहने का खर्च किसने उठाया, उसे आवास किसने उपलब्ध कराया, ड्राइवर और अन्य सुविधाएं किसने दीं और उसे कथित VIP ट्रीटमेंट क्यों मिला।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FIR में महिला के SGPC की सराय में 27 फरवरी से 16 अगस्त 2026 तक रहने का उल्लेख है। SGPC ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की है, जिसे अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में देने को कहा गया है।

बलजिंदर कौर ने सुखबीर सिंह बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि SGPC के कामकाज पर बादल परिवार के प्रभाव को लेकर इतने सवाल उठते रहे हैं, तो उन्हें सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि महिला को सराय में रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई और इस पूरे मामले की जानकारी किन लोगों को थी।

उन्होंने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। बलजिंदर कौर ने कहा कि हरसिमरत बादल ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता की बात कही है, इसलिए इस मामले में भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने कई अकाली और SGPC नेताओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। बलजिंदर कौर ने सवाल किया कि यदि शिकायतें पहले से सामने आई थीं, तो संबंधित संस्थाओं और पदाधिकारियों ने उस समय क्या कार्रवाई की।

इस बीच, SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। SGPC ने अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त की हैं और अमरजीत सिंह चावला का SGPC सदस्य के पद से इस्तीफा स्वीकार किया है।

बलजिंदर कौर ने मांग की कि इस पूरे मामले में महिला के लंबे समय तक SGPC परिसर में रहने, उसे उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और उसकी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि सामने आ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब मिल सके।

मानसा में बिजली कटों के खिलाफ अकाली दल का प्रदर्शन, 24 घंटे निर्बाध सप्लाई की मांग

मानसा में बिजली के अघोषित कटों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल का प्रदर्शन। मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में धरने, 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग।

मानसा / सत्ता संदेश

पंजाब में लगातार सामने आ रही बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि पंजाब के लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अकाली नेताओं का कहना है कि मौजूदा बिजली कटों का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसा में बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। हाल के दिनों में क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण धान की सिंचाई प्रभावित होने की रिपोर्टें सामने आई हैं।

अकाली नेताओं ने दावा किया कि पिछली शिरोमणि अकाली दल सरकार के दौरान पंजाब में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सौर और थर्मल पावर परियोजनाओं पर काम किया गया था। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मौजूदा समय में पंजाब के कई हिस्सों में बिजली कटों की समस्या बनी हुई है। इसका असर किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों पर भी पड़ रहा है। राज्य में बिजली संकट को लेकर हाल के दिनों में किसान संगठनों और औद्योगिक क्षेत्र की ओर से भी विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं।

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार से मांग की है कि बिजली कटों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और किसानों, आम लोगों तथा उद्योगों को नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

यह प्रदर्शन शिरोमणि अकाली दल द्वारा 16 सितंबर को पंजाबभर में बिजली कटों के खिलाफ विधानसभा हलका स्तर पर किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों के आह्वान का हिस्सा है।

पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था: हरभजन सिंह ETO

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने राज्य में चल रहे सड़क निर्माण और विकास कार्यों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बड़े स्तर पर सड़क निर्माण करवा रही है और पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था।

मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर विकास कार्यों की अधूरी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की ओर से सरकार के खिलाफ गलत प्रचार तेज किया जा रहा है।

बठिंडा की सड़क को लेकर विपक्ष पर निशाना

हरभजन सिंह ETO ने बठिंडा में निर्माणाधीन सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क का काम अभी चल रहा था, लेकिन इसी दौरान कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर सड़क की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

ETO ने आरोप लगाया कि हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए। उन्होंने कहा कि संबंधित नेता उस समय मौके पर पहुंचे जब सड़क का काम पूरा भी नहीं हुआ था।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क को देखकर उसकी अंतिम गुणवत्ता का आकलन करना उचित नहीं है। सड़क का काम पूरा होने के बाद ही उसकी गुणवत्ता की सही तरीके से जांच की जा सकती है।

ETO की चुनौती- सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचकर करेंगे निरीक्षण

हरभजन सिंह ETO ने हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर सिंह बादल को चुनौती देते हुए कहा कि वह अगले दिन सुबह 11 बजे खुद बठिंडा में संबंधित सड़क के मौके पर पहुंचेंगे और निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है या निर्माण में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

झूठी अफवाहें फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

ETO ने आरोप लगाया कि अकाली दल के कुछ नेता सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से खुश नहीं हैं और इसी वजह से लोगों के बीच गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जानबूझकर झूठी अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने या सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों की ओर से सरकार को बदनाम करने की कोशिशें तेज हो रही हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि विकास कार्यों पर राजनीति करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखें।

रेप केस के आरोपों पर भी दी सफाई

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने रेप केस को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी को बचाने की कोशिश नहीं की है। संबंधित मामले में 15 दिन का समय मांगा गया है और सरकार तय समय के भीतर अपना जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी और जांच व कार्रवाई के बाद सच्चाई सामने आएगी।

गुरुद्वारा श्री गुरु का बाग साहिब में खास गुरमत समागम, जत्थेदार अकाल तख्त ने संगत को गुरमत से जुड़ने का दिया संदेश

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु का बाग साहिब में चलदा वहीर गुरमत प्रचार लहर के तहत विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। समागम में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस मौके पर ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज, जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब, विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और गुरमत के सिद्धांतों के अनुसार जीवन व्यतीत करने का संदेश दिया।

गुरमत के सिद्धांतों से जुड़ने की अपील

जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख समुदाय से भाईचारे, संयम और गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरु घर सिख समुदाय के लिए भक्ति, शांति और आध्यात्मिकता के केंद्र हैं। इसलिए इन पवित्र स्थानों की गरिमा और पवित्रता को हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

समागम के दौरान संगत ने गुरबानी कीर्तन और गुरमत विचारों का श्रवण किया। कार्यक्रम के माध्यम से संगत को सिख धर्म के मूल सिद्धांतों से जुड़ने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

सुखबीर सिंह बादल पर हमले की निंदा

जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि गुरु घरों की पवित्र धरती पर किसी भी तरह की हिंसक या अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरु घर शांति, सेवा, विनम्रता और भाईचारे का संदेश देते हैं और ऐसी घटनाएं सिख धर्म के मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।

ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु का बाग साहिब में आयोजित इस गुरमत समागम ने संगत को गुरमत से जुड़ने और गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

मीरी-पीरी दिवस पर श्री अकाल तख्त साहिब से निकला खालसा मार्च, कल पहुंचेगा तरनतारन साहिब

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के मीरी-पीरी दिवस को समर्पित मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से शुक्रवार सुबह शुरू हुआ।  

यह मार्च श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। मार्च की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग और गुरमत समागम के बाद अरदास के साथ हुई। इस अवसर पर सिंह साहिबान, विभिन्न तख्त साहिबान के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री तथा शिरोमणि अकाली दल का समूचा नेतृत्व मौजूद रहा। 

बड़ी संख्या में संगत ने भी मार्च में भाग लिया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में निकाले जा रहे इस मार्च का उद्देश्य गुरमत का प्रचार-प्रसार करना तथा संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों, मर्यादा और मीरी-पीरी के संदेश से जोड़ना है।

धर्म प्रचार समिति के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि यात्रा के माध्यम से सिख इतिहास, परंपराओं और शहीदों के बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराया जा रहा है।

मार्च के दौरान विशेष बस में गुरु साहिबान और शहीद सिंहों के ऐतिहासिक शस्त्रों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही सिख इतिहास और संघर्ष को दर्शाने वाले पोस्टरों और झांकियों से सजे वाहन भी यात्रा का हिस्सा हैं।

मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हाल गेट, भंडारी पुल, पुतलीघर, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, छेहरटा, इंडिया गेट बाईपास, खासा, घरिंडा, अटारी और विभिन्न गांवों से होते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब, ठठा में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को तरनतारन साहिब पहुंचेगा। आयोजकों ने संगत से परिवार सहित बड़ी संख्या में इस ऐतिहासिक मीरी-पीरी खालसा मार्च में शामिल होने की अपील की है। 

SIT समन में जांच करने में मदद करेंगे सुखबीर सिंह, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

पंजाब / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार यानी 20 जुलाई को पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने पेश होंगे. इसे लेकर अकाली दल ने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशी से पहले सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन्हें गिरफ्तार कराए जाने का भी चैलेंज किया है.

20 जुलाई यानी सोमवार को सुखबीर सिंह बादल को सुबह 11 बजे पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में पेश होना है. बता दें कि 14 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बहबलकलां और कोटकपूरा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग हुई थी. जिसमें दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी. इस घटना के वक्त सुखबीर बादल पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री थे. इसी मामले को लेकर कल सुखबीर बादल से पूछताछ होनी है.

आप सरकार पर जमकर बरसे बादल

वहीं समन को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को फिर से उठा रही है. उन्होंने इसे राज्य सरकार का “एक और हथकंडा” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, क्योंकि अतीत में भी जब-जब उन्हें बुलाया गया, उन्होंने जांच में हिस्सा लिया था. सुखबीर बादल ने कहा कि बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया. आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है. अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे.

बीजेपी नेता विजय सांपला से भी की थी पूछताछ

यह घटनाक्रम वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय सांपला से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सांपला ने पंजाब सरकार पर गलत जानकारी फैलाने और जांच में दखल देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग SIT को दिए गए उनके बयान के बारे में सार्वजनिक रूप से दावे कर रहे हैं.

अकाली दल पुनर सुरजीत को बड़ा झटका: मनप्रीत अयाली का सभी पदों से इस्तीफा, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

पंजाब डेस्क : पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के दिग्गज नेता मनप्रीत अयाली ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर इस फैसले की घोषणा की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी ‘दिल्ली वाली पार्टी’ जैसे भाजपा, कांग्रेस या आप में शामिल होने के बारे में सोच भी नहीं सकते।अयाली ने अपने इस्तीफे के पीछे 6 प्रमुख कारण बताए हैं:

नेतृत्व का नैतिक अधिकार: अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे के अनुसार, वर्तमान लीडरशिप सिख कौम का नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, फिर भी वे पद छोड़ने को तैयार नहीं थे।

सुखबीर बादल का इनकार: सुखबीर सिंह बादल ने अकाल तख्त द्वारा गठित भर्ती कमेटी को मानने से इनकार कर दिया था।

चरित्र हनन: अयाली ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और आईटी विंग द्वारा उनकी ‘किरदारकशी’ (चरित्र हनन) की गई।

पंथक एकता में विफलता: उन्होंने सभी पंथक पक्षों को एकजुट करने की कोशिश की, लेकिन पुरानी लीडरशिप के पीछे न हटने के कारण तालमेल टूट गया।

मनप्रीत अयाली ने साफ किया कि वे भविष्य में सिख बुद्धिजीवियों और समूचे पंथ की भावनाओं के अनुसार ही कोई अगला कदम उठाएंगे और निष्काम भाव से पंजाब की सेवा जारी रखेंगे।